UP Basic Cashless Yojana Apply Online: उत्तर प्रदेश शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत अब कार्ड बनना शुरू हो चुका है। अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 05 जून 2026 को जारी आदेश के अनुसार SACHIS के माध्यम से यह कार्ड बनाया जा रहा है, जिससे बेसिक और माध्यमिक दोनों विभागों के शिक्षक और उनके पात्र आश्रित परिवार के सदस्य सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे। यह कार्ड शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, KGBV वार्डन और रसोइयों तक को भी कवर करता है। नीचे आवेदन से लेकर कार्ड डाउनलोड तक की पूरी प्रक्रिया और योजना से जुड़े फायदे विस्तार से बताए गए हैं।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना क्या है
यह योजना SACHIS (राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण) के माध्यम से लागू की जा रही है और बेसिक व माध्यमिक दोनों विभागों के शिक्षकों को कवर करती है। योजना का मकसद शिक्षकों और उनके पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि इलाज के समय पैसों की व्यवस्था करने में परिवार को दिक्कत न हो। योजना शिक्षकों के अलावा शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, KGBV वार्डन और रसोइयों तक को भी कवर करती है, यह बात कई शिक्षकों को अब तक ठीक से पता ही नहीं थी।
योजना की मुख्य जानकारी एक नजर में
| बिंदु | विवरण |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना |
| लागू करने वाली संस्था | SACHIS |
| आदेश जारी तिथि | 05 जून 2026 |
| पात्र विभाग | बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग |
| आवेदन पोर्टल | cmtcts.upsdc.gov.in |
| e-KYC ऐप | Ayushman App |
| वार्षिक कवरेज | प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक |
UP Cashless Card के लिए पात्रता किसे मिलेगी
बेसिक और माध्यमिक दोनों विभागों में कार्यरत शिक्षक इस योजना के लिए पात्र हैं, और साथ ही शिक्षामित्र, अनुदेशक, KGBV वार्डन और रसोइये भी इसमें शामिल किए गए हैं। अगर पति-पत्नी दोनों परिषदीय शिक्षक हैं तो दोनों अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं, जिससे परिवार को 5 लाख के बजाय कुल 10 लाख रुपये तक का कवरेज मिल सकता है। जिनके पास पहले से CGHS कार्ड, राज्य कर्मचारी कैशलेस कार्ड या आयुष्मान भारत कार्ड बना हुआ है, उन्हें दोबारा नए सिरे से आवेदन करने की जरूरत नहीं है। पुरानी प्राइवेट हेल्थ पॉलिसी चालू रखते हुए भी इस योजना में आवेदन किया जा सकता है, दोनों साथ चल सकती हैं। इसके अलावा अब उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों वित्त विहीन शिक्षकों को भी इस योजना में शामिल किया गया है उन सभी को भी अब कैशलेस कार्ड योजना का लाभ मिलेगा।
वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को भी मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ
राजकीय और एडेड विद्यालयों के बाद अब प्रदेश के 2500 से अधिक वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के करीब 3.50 लाख शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल के निर्देश पर विभाग ने इन शिक्षकों के चिन्हांकन और पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करा दी है, क्योंकि अब तक वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का कोई अधिकृत आंकड़ा विभाग के पास मौजूद नहीं था। विशेष सचिव उमेश चंद्र द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन शिक्षकों को SACHIS द्वारा विकसित पोर्टल पर खुद अपना और आश्रितों का ब्यौरा आधार कार्ड के अनुसार दर्ज करना होगा, जिसे प्रधानाध्यापक-प्रधानाचार्य के सत्यापन के बाद डीआईओएस अंतिम स्वीकृति देंगे। फिलहाल राजकीय व एडेड विद्यालयों में अब तक 55 हजार शिक्षकों और उनके आश्रितों को मिलाकर 1.72 लाख लोगों का पंजीकरण हो चुका है, जबकि करीब 10 हजार आवेदन डीआईओएस और प्रधानाचार्य स्तर पर अभी लंबित हैं।
UP Teacher Cashless Card ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
आवेदन के लिए cmtcts.upsdc.gov.in पोर्टल पर जाकर “Apply for Shikshak Cashless Chikitsa Card” विकल्प चुनना होता है, जहां आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP वेरिफिकेशन के बाद फॉर्म खुलता है। फॉर्म में विभाग, स्कूल जिला, पद, नाम, जन्मतिथि जैसी जानकारी बिल्कुल आधार कार्ड के अनुसार ही भरनी होती है, क्योंकि थोड़ी सी भी गलती आवेदन को रोक सकती है। फोटो अपलोड और कैप्चा भरने के बाद फॉर्म सबमिट हो जाता है और आवेदन पहले BEO फिर BSA के पास अप्रूवल के लिए जाता है। पूरी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया हम नीचे बता रहे हैं।
Cashlesh Yojana में परिवार के सदस्यों को कैसे जोड़ें
आश्रित जोड़ते समय सबसे ज्यादा गलती यही होती है कि शिक्षक बिना सोचे माता-पिता या पति-पत्नी का नाम जोड़ देते हैं, जबकि नियम आय पर टिका है — 3,500 रुपये मासिक आय से कम कमाने वाला सदस्य ही आश्रित माना जाता है। अगर पति या पत्नी प्राइवेट नौकरी में है या माता-पिता पहले से पेंशनभोगी हैं, तो उन्हें आश्रित नहीं जोड़ा जा सकता। बच्चों को दोनों अभिभावकों के आवेदन में जोड़ने की जरूरत नहीं, किसी एक के साथ जोड़ देना ही काफी है। गलत आश्रित जोड़ने पर फॉर्म होल्ड हो सकता है या असली जरूरतमंद सदस्य का नाम छूट सकता है।
UP Cashless Card E- Kyc की प्रक्रिया
BSA से फाइनल अप्रूवल का SMS आने के बाद ही ई-केवाईसी शुरू करनी चाहिए, इससे पहले कोशिश करने पर आयुष्मान ऐप में “No Record Found” ही दिखता है। Ayushman App डाउनलोड करके मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के बाद PMJAY स्कीम में उत्तर प्रदेश और “मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना” सब-स्कीम चुनकर Family ID से खोजने पर आवेदक और आश्रितों की सूची दिख जाती है। हर सदस्य के सामने “Do e-KYC” पर क्लिक करके आधार OTP और लाइव फोटो के जरिए यह प्रक्रिया पूरी करनी होती है, और यह हर आश्रित के लिए अलग-अलग करनी पड़ती है।
UP Cashless Health Card Download कैसे करें
ई-केवाईसी पूरी होते ही कार्ड जनरेट हो जाता है और शिक्षक cmtcts.upsdc.gov.in/PrintCard.aspx पेज से मोबाइल OTP और आधार OTP वेरिफिकेशन के बाद State Health Card को PDF फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं। कार्ड में नाम, फोटो, रजिस्ट्रेशन विवरण और आश्रितों की जानकारी दर्ज होती है, और परिवार के हर सदस्य का कार्ड अलग-अलग डाउनलोड करना जरूरी है। कार्ड की एक प्रति मोबाइल में डिजिटल रूप से भी रखना बेहतर रहता है ताकि अस्पताल में तुरंत दिखाया जा सके।
Cashless कार्ड योजना से क्या मिलेगा और क्या नहीं मिलेगा
कार्ड बन जाने के बाद शिक्षक और उनके पात्र आश्रित सदस्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकते हैं, और यह सुविधा उन शिक्षकों को भी मिलती रहती है जिनके पास पहले से कोई प्राइवेट हेल्थ पॉलिसी चल रही है। हालांकि किन बीमारियों, प्रोसीजर या डायग्नोस्टिक टेस्ट को कवरेज में शामिल किया गया है और कौन-कौन से इलाज इस लिस्ट से बाहर रखे गए हैं, इसका पूरा ब्यौरा अभी तक विभाग की तरफ से सार्वजनिक अधिसूचना में स्पष्ट रूप से नहीं दिया गया है। शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि कैशलेस इलाज कराने से पहले संबंधित अस्पताल की हेल्प डेस्क या SACHIS के आधिकारिक हेल्पलाइन से कवरेज की पूरी सूची जरूर कन्फर्म कर लें, ताकि इलाज के समय कोई भ्रम न हो।
UP Basic Cashless Yojana Apply Online
Important Links
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कुल मिलाकर यह योजना उन शिक्षकों के लिए सबसे ज्यादा राहत की है जिनके परिवार में अभी तक कोई कैशलेस हेल्थ कवर नहीं था, लेकिन इसका पूरा फायदा तभी मिलता है जब आवेदन से लेकर ई-केवाईसी तक हर स्टेप सही क्रम में और सही जानकारी के साथ पूरा किया जाए। ज्यादातर मामलों में देरी या रिजेक्शन की वजह जल्दबाजी में भरी गई गलत जानकारी या गलत आश्रित का चुनाव ही होती है, इसलिए हर स्टेप पर SMS का इंतजार करना और आधार से मिलान जरूर करना समझदारी भरा कदम है।


