Teacher Cashless Card Family Member Add Kaise Kare: मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है और आवेदन में सबसे ज्यादा गड़बड़ी आश्रित (Dependent) जोड़ते समय हो रही है। बहुत से शिक्षक साथी बिना सोचे-समझे माता-पिता, पति या पत्नी का नाम जोड़ रहे हैं, जिससे या तो फॉर्म होल्ड हो रहा है या फिर मिलने वाला लाभ कम हो जा रहा है। असल में यह पूरा मामला सीधा है, सिर्फ यह देखना है कि सामने वाला व्यक्ति वास्तव में आपकी कमाई पर निर्भर है या उसकी अपनी आय, नौकरी या पेंशन है। नीचे चार ऐसी स्थितियां बताई गई हैं जिनमें ज्यादातर शिक्षक उलझते हैं, और हर स्थिति में सही तरीका क्या होना चाहिए।
अगर पति-पत्नी दोनों परिषदीय शिक्षक हैं तो क्या करें
अगर पति और पत्नी दोनों ही बेसिक शिक्षा परिषद में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, तो दोनों को अपना-अपना आवेदन अलग-अलग करना चाहिए। ऐसा करने से योजना का दायरा बढ़ जाता है, एक परिवार को 5 लाख रुपये के बजाय कुल 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है, क्योंकि हर आवेदन अपने आप में स्वतंत्र माना जाता है। बच्चों को इस स्थिति में दोनों में से किसी एक अभिभावक के आवेदन में आश्रित के रूप में जोड़ देना ही पर्याप्त है, दोनों जगह जोड़ने की जरूरत नहीं है। एक मेरी जोड़ने पर पूरा लाभ मिल जाएगा।
अगर पहले से CGHS या राज्य कर्मचारी कार्ड बना है
कई बार पति या पत्नी में से कोई एक बेसिक शिक्षा विभाग के अलावा किसी और सरकारी विभाग में नौकरी करता है, और घर में पहले से ही CGHS कार्ड या राज्य कर्मचारी वाला स्वास्थ्य कार्ड मौजूद है। ऐसी स्थिति में नए सिरे से इस योजना में आवेदन करने की जरूरत नहीं रह जाती। CGHS को आम तौर पर सबसे भरोसेमंद कवरेज माना जाता है, और पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना भी इसी स्तर की सुविधा देती है। दो योजनाओं में एक साथ नाम जोड़ने से बचना ही बेहतर रहता है।
पति या पत्नी प्राइवेट नौकरी में हैं तो आश्रित मानें या नहीं
अगर पति या पत्नी में से कोई एक परिषदीय शिक्षक है और दूसरा व्यक्ति किसी प्राइवेट कंपनी या संस्था में काम करता है, तो यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि आश्रित की परिभाषा सिर्फ रिश्ते पर नहीं, आय पर टिकी है। नियम के अनुसार आश्रित वही माना जाता है जिसकी मासिक आय 3,500 रुपये से कम हो। प्राइवेट सेवा में काम करने वाला व्यक्ति आम तौर पर इससे कहीं अधिक कमा रहा होता है और संभवतः ITR भी फाइल कर रहा होता है। ऐसे में उसे आश्रित की श्रेणी में जोड़ना सही नहीं है, क्योंकि वह स्वतंत्र रूप से कमाने वाला सदस्य माना जाएगा।
अगर माता या पिता पहले से पेंशनभोगी हैं तो क्या स्थिति बनेगी
जिन शिक्षकों के माता-पिता में से कोई एक सरकारी पेंशनभोगी है, उनके लिए स्थिति थोड़ी अलग है। ऐसे में दूसरा अभिभावक पेंशनभोगी माता/पिता पर आश्रित माना जाएगा, और पेंशन की राशि भी सामान्यतः 3,500 रुपये प्रति माह की सीमा से ज्यादा ही होती है। इसलिए दोनों अभिभावकों को आश्रित की सूची में जोड़ने की आवश्यकता नहीं रहती। वैसे देखा जाए तो पेंशन खुद में एक नियमित आय का स्रोत है, इसलिए पोर्टल पर इसे आश्रित के बजाय स्वतंत्र आय वाले सदस्य के तौर पर ही दर्ज माना जाता है।
पहले से प्राइवेट हेल्थ पॉलिसी है तो क्या आवेदन करें
अगर किसी शिक्षक की पहले से कोई प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चल रही है, तो उसे बंद करने की जरूरत नहीं है। बेहतर यही है कि पुरानी पॉलिसी चलती रहे और साथ में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना में भी आवेदन कर दिया जाए, क्योंकि दोनों अलग-अलग दायरे की सुविधाएं हैं और जरूरत पड़ने पर दोनों का फायदा मिल सकता है। हालांकि जिन शिक्षकों का पहले से ही आयुष्मान भारत कार्ड बना हुआ है, उन्हें दोबारा अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं है।
| स्थिति | क्या करें |
|---|---|
| दोनों परिषदीय शिक्षक | दोनों अलग-अलग आवेदन करें, बच्चों को किसी एक के साथ जोड़ें |
| CGHS/राज्य कर्मचारी कार्ड पहले से है | नए आवेदन की जरूरत नहीं |
| पति/पत्नी प्राइवेट नौकरी में | आश्रित न जोड़ें (आय सीमा 3,500 रुपये से अधिक) |
| माता/पिता पेंशनभोगी | दोनों को आश्रित न जोड़ें |
आवेदन से पहले इन बातों का ध्यान रखें
- आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी है, OTP उसी नंबर पर आएगा।
- आश्रित जोड़ते समय रिश्ता (FATHER, MOTHER, WIFE, HUSBAND, SPOUSE) सही चुनें।
- माता-पिता को आश्रित दिखाने के लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ सकती है।
- आवेदन BEO स्तर पर वेरिफिकेशन के बाद BSA/DIOS की अंतिम स्वीकृति के लिए जाता है।
- अंतिम स्वीकृति का SMS आने के बाद ही Ayushman App से e-KYC करें, पहले करने पर No Record Found आ सकता है।
Shikshak Cashless Chikitsa Card में आश्रित जोड़ने की पूरी प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप
आश्रित जोड़ना कोई अलग प्रक्रिया नहीं है, यह उसी आवेदन फॉर्म का हिस्सा है जो पोर्टल पर भरा जाता है। नीचे दिए गए स्टेप्स को क्रम से फॉलो करें ताकि आश्रित की एंट्री में कोई गलती न हो-
- सबसे पहले पोर्टल cmtcts.upsdc.gov.in पर जाएं और Apply for Shikshak Cashless Chikitsa Card विकल्प चुनें।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर डालें और OTP से लॉगिन/वेरिफिकेशन करें
- अपना विवरण (नाम, जन्मतिथि, पता) ठीक वैसे ही भरें जैसा आधार कार्ड में दर्ज है, साथ में मानव संपदा/EHMS ID भी डालें
- फॉर्म में जब पूछा जाए कि परिवार का सदस्य जोड़ना है या नहीं, तो Yes विकल्प चुनें।
- अब Add Dependent के ऑपशन पर क्लिक करें और आश्रित सदस्य का विवरण आधार कार्ड के अनुसार भरें (माता-पिता के मामले में 3,500 रुपये मासिक आय सीमा का ध्यान रखें)
- रिश्ता चुनते समय सही विकल्प भरें, पत्नी के लिए WIFE/SPOUSE, पति के लिए HUSBAND/SPOUSE, माता-पिता के लिए MOTHER/FATHER।
- Submit पर क्लिक करें, जरूरत हो तो इसी तरह एक-एक करके बाकी आश्रित सदस्य भी जोड़ें
- पूरा फॉर्म जमा करने पर भरे गए विवरण का प्रीव्यू दिखेगा; नीचे “आश्रित सदस्य जोड़ें” का विकल्प हमेशा खुला रहता है यदि कोई सदस्य छूट गया हो
- फाइनल सबमिट के बाद मोबाइल पर SMS आएगा कि आवेदन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) के पास वेरिफिकेशन के लिए भेज दिया गया है
- BEO के अनुमोदन के बाद आवेदन BSA/DIOS के पास फाइनल अप्रूवल के लिए जाता है, और अप्रूवल के बाद Family ID का SMS मिलता है।
- Family ID SMS मिलने के बाद Ayushman App खोलकर हर सदस्य के सामने “Do e-KYC” पर क्लिक करें, आधार OTP डालें और लाइव फोटो कैप्चर करें।
- e-KYC पूरा होते ही स्टेटस Download में बदल जाएगा, जहां से कैशलेस चिकित्सा कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि Family ID का SMS आने से पहले e-KYC करने की कोशिश न करें क्योंकि डेटा पहले SACHIS से NHA पोर्टल तक पहुंचता है और तब तक “No Record Found” ही दिखता रहेगा। साथ ही आश्रितों के आधार कार्ड और 20KB–50KB साइज की पासपोर्ट फोटो पहले से तैयार रख लें, इससे फॉर्म भरते समय बीच में रुकना नहीं पड़ेगा। बता दें योजना बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, KGBV वार्डन और रसोइयों तक के लिए राहत की तरह है, बशर्ते आश्रित सही तरीके से जोड़े जाएं, गलत आश्रित जोड़ने से न सिर्फ फॉर्म रिजेक्ट होने का खतरा रहता है, बल्कि असली जरूरतमंद सदस्य का नाम छूट भी सकता है। इसलिए आवेदन से पहले अपने परिवार की आय और नौकरी की स्थिति एक बार जरूर जांच लें।







