यूपी परिवहन में 4 साल बाद बड़ा बदलाव, आउटसोर्स की जगह सीधे संविदा पर होगी पुरुष कंडक्टरों की भर्ती

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में कंडक्टरों की भर्ती को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। चार साल से चली आ रही आउटसोर्सिंग व्यवस्था को खत्म करते हुए अब निगम पुरुष कंडक्टरों की सीधी भर्ती संविदा के आधार पर करने जा रहा है। इसके लिए शासन स्तर पर आदेश जारी हो चुका है और निगम जल्द ही अपने सभी बीस क्षेत्रों में अलग-अलग विज्ञापन निकालकर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। इस फैसले से निगम में चार हजार से ज्यादा कंडक्टरों की नियुक्ति होने की उम्मीद है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नाथ सिंह को भेजे गए आदेश में साफ लिखा गया है कि जिस तरह महिला कंडक्टरों को पहले से संविदा पर रखा जा रहा है, अब उसी तरीके से पुरुष कंडक्टरों की आपूर्ति भी सीधे अनुबंध के आधार पर की जाएगी।

क्यों बंद हो रही आउटसोर्सिंग की व्यवस्था

निगम में 2019 तक कंडक्टरों की भर्ती सीधे तौर पर होती थी, लेकिन इसके बाद 23 सितंबर 2020 को एक शासनादेश जारी होने के बाद आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिए कंडक्टर रखने का सिलसिला शुरू हुआ। कोरोना महामारी के चलते यह प्रक्रिया अमल में देर से आई और मई 2022 से एजेंसियों के माध्यम से कंडक्टरों की तैनाती शुरू हुई। इस दौरान कंडक्टरों को 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करने का नियम बनाया गया था, लेकिन यह भुगतान सीधे कर्मचारी को न मिलकर एजेंसियों को दिया जाता था। इससे कंडक्टरों का शोषण होने की शिकायतें लगातार सामने आती रहीं, क्योंकि एजेंसियां अपनी मर्जी से कभी भी उन्हें नौकरी से हटा देती थीं। इसी वजह से कर्मचारी संगठनों की तरफ से लगातार सीधी भर्ती बहाल करने की मांग उठाई जा रही थी।

कितने कंडक्टरों की जरूरत है निगम को

परिवहन निगम के पास फिलहाल चौदह हजार तीन सौ से ज्यादा बसों का बेड़ा है और हर बस के हिसाब से 2.16 कंडक्टर रखने का मानक तय किया गया है। इस हिसाब से निगम को कुल तीस हजार आठ सौ अठासी महिला और पुरुष कंडक्टरों की जरूरत है, जबकि वर्तमान में सिर्फ छब्बीस हजार छह सौ तैंतीस कंडक्टर ही कार्यरत हैं। यानी निगम में करीब चार हजार दो सौ पचपन कंडक्टरों की सीधी कमी है, जिसे पूरा करने के लिए ही यह भर्ती अभियान शुरू किया जा रहा है। निगम प्रबंधन का मानना है कि क्षेत्रवार विज्ञापन निकालने से हर इलाके की जरूरत के हिसाब से भर्ती हो सकेगी और बसों के संचालन में कंडक्टरों की कमी की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।

कैसे आगे बढ़ा यह प्रस्ताव

रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र लंबे समय से निगम से यह मांग करते आ रहे थे कि पहले की तरह ही कंडक्टरों की सीधी भर्ती बहाल की जाए, ताकि आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण की समस्या खत्म हो सके। इसी मांग के मद्देनजर निगम के प्रबंध निदेशक पीएन सिंह ने इक्कीस अप्रैल को इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा था। कई महीनों तक इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श चलने के बाद अब शासन की ओर से इसे मंजूरी दे दी गई है और संयुक्त सचिव राजेंद्र कुमार की तरफ से इस आशय का औपचारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में करीब चार महीने का समय लगा, जिसके बाद अब निगम भर्ती की तैयारियों में जुट गया है।

कर्मचारियों को क्या मिलेगा फायदा

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इस बदलाव को लेकर कहा है कि अब निगम में महिला कंडक्टरों की तरह ही पुरुष कंडक्टरों की भी सीधी भर्ती होगी, जिससे दोनों के बीच नियुक्ति प्रक्रिया में एकरूपता आएगी। उनका कहना है कि संविदा पर नियुक्त होने वाले कंडक्टरों को आउटसोर्स कर्मचारियों के मुकाबले ज्यादा मानदेय मिलेगा, क्योंकि संविदा कर्मचारियों की सेवा शर्तें और वेतन ढांचा एजेंसी के जरिए रखे गए कर्मचारियों से बेहतर होता है। इस बदलाव से न सिर्फ नई नियुक्तियों में पारदर्शिता आने की उम्मीद है, बल्कि मौजूदा कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा भी बेहतर तरीके से हो सकेगी। निगम प्रबंधन का कहना है कि जल्द ही सभी क्षेत्रों से विस्तृत विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया को अमली जामा पहनाया जाएगा।

Sangam Patel

Sangam Patel is a Content Writer at StaffTak.in. He writes about Teacher Recruitment, Government Jobs, Education News, Scholarships, Admit Cards, Results, and Admissions, providing accurate and reliable updates from official sources.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now