UP Teacher Transfer 2026: जहां एक और उत्तर प्रदेश के लाखों प्राइमरी टीचर ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं हालांकि सरकार ने सामान्य ट्रांसफर पर रोक लगा दी है और इसके साथ-साथ ही उत्तर प्रदेश में शिक्षक दंपतियों के तबादले को लेकर बना असमंजस अब खत्म हो गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर पति-पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षक हैं, तो तबादला सिर्फ उसी का होगा जिसने आवेदन किया है। जिसने आवेदन नहीं किया, उसका तबादला नहीं किया जाएगा। यह स्पष्टीकरण सोमवार, 22 जून 2026 को अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के दफ्तर से जारी हुआ।बता दें यह स्पष्टीकरण 4 जून 2026 को जारी हुए शासनादेश से जुड़ा है, जिसमें तबादले के मापदंड 5 बिंदुओं में पहले से बताए जा चुके थे। उसमें दंपती वाला नियम कुछ अलग तरीके से लिखा गया था, और इसी वजह से बड़ी संख्या में शिक्षक आवेदन करने के बाद उसे निरस्त करवा रहे थे। यही पेच दूर करने के लिए शासन ने अब दोबारा साफ कर दिया है कि तबादला सिर्फ आवेदन करने वाले शिक्षक या शिक्षिका का ही होगा दूसरे का नहीं।
UP Teacher Transfer 2026 का नया नियम
4 जून 2026 के शासनादेश में दंपती से जुड़ा नियम कुछ और तरीके से लिखा गया था। उस आदेश के मुताबिक अगर पति-पत्नी दोनों परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक हैं और किसी एक ने आवेदन किया है, तो जिस जिले में शिक्षक-छात्र अनुपात कम होगा, वहां दोनों में से किसी एक का तबादला किया जा सकेगा। यानी पहले यह साफ तौर पर तय नहीं था कि तबादला सिर्फ आवेदन करने वाले का ही होगा विभाग PTR के आधार पर दूसरे पति/पत्नी का तबादला भी कर सकता था। बड़ी संख्या में शिक्षक आवेदन करने के बाद उसे निरस्त करवा रहे थे जिससे यह पेच सामने आया। अब 22 जून के आदेश में इसे दूर करते हुए साफ कर दिया गया है कि तबादला केवल आवेदन करने वाले शिक्षक या शिक्षिका का ही होगा, दूसरे का नहीं। आदेश में यह भी बताया गया है कि जनपदवार PTR यानी हर जिले का शिक्षक-छात्र अनुपात अलग से संलग्न किया गया है, ताकि स्कूलों और जिलों के हिसाब से इस पर अमल किया जा सके।
सामान्य तबादलों पर रोक क्यों लगी है
यह स्पष्टीकरण एक बड़े फैसले में आया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के सामान्य अंतर्जनपदीय तबादलों पर शासन ने रोक लगा दी है। वजह है 2026-27 की जनगणना। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 11 मार्च 2026 के पत्र में निर्देश दिया था कि जनगणना के काम में लगे कर्मचारियों का तबादला 31 मार्च 2027 तक न किया जाए, ताकि काम में बाधा न आए। बेसिक शिक्षा परिषद के बड़ी संख्या में शिक्षक इस जनगणना ड्यूटी में लगे हैं, इसलिए सामान्य तबादलों पर यह रोक लगाई गई। नतीजा यह है कि अब इस सत्र में केवल विशेष, मानवीय और चिकित्सीय परिस्थितियों में ही तबादले पर विचार होगा। जो हजारों शिक्षक सामान्य अंतर्जनपदीय तबादले का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह फिलहाल राहत की खबर नहीं है।
किन परिस्थितियों में हो सकता है UP Teacher Transfer
4 जून के आदेश में पांच बिंदु तय किए गए थे, जिनके आधार पर मौजूदा सत्र में भी तबादला संभव है तबादले को लेकर जो नई गाइडलाइन जारी हुई है उसके अनुसार फिलहाल इन शिक्षकों का ही तबादले का लाभ मिल सकता है
- शिक्षक/शिक्षिका स्वयं, उनके पति/पत्नी या अविवाहित बेटा-बेटी के दिव्यांग होने की स्थिति में
- शिक्षक/शिक्षिका या उनके अविवाहित बेटा-बेटी के कैंसर से पीड़ित होने की स्थिति में
- शिक्षक/शिक्षिका या उनके अविवाहित बेटा-बेटी के डायलिसिस पर होने की स्थिति में
- दंपती नीति के तहत, जहां पति-पत्नी दोनों परिषदीय शिक्षक हैं अब सिर्फ आवेदन करने वाले का तबादला होगा
- किसी अन्य विषम या विशेष परिस्थिति में मुख्यमंत्री के अनुमोदन से
बता दें दिव्यांगता, कैंसर और डायलिसिस से जुड़े मामलों में पहले जैसी छूट बनी हुई है। सिर्फ दंपती वाले बिंदु को लेकर 22 जून का यह नया स्पष्टीकरण आया है।
टीचर्स के म्युचुअल ट्रांसफर और समायोजन का क्या स्टेटस है
शिक्षकों को एक स्कूल से दूसरे स्कूल जाने या फिर एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए मैचुअल ट्रांसफर का भी विकल्प मिलता है हालांकि सरकार ने इस विकल्प पर भी 2027 तक रोक लगा दी है इसके कारण बड़ी संख्या में शिक्षकों का ट्रांसफर नहीं हो सकेगा इसके अलावा जनपद स्तर पर भी शिक्षकों के समर्जन की प्रक्रिया चल रही है जिसमें वरिष्ठ शिक्षक का समायोजन दूसरे विद्यालय में किया जाएगा अगर शिक्षक सरप्लस की श्रेणी में आ रहा है वहीं 150 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में प्रधानाध्यापक को सर प्लस मानते हुए समायोजन किया जाएगा।
Also Read – Special TET For In Service Teachers: विभागीय TET पर हाईकोर्ट ने क्यों लगाई रोक, जानिए कोर्ट ने क्या कहा
शिक्षकों को TET पर मिली बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में किया आंशिक संशोधन
UP Teacher Cashless Yojana 2026: ऑनलाइन आवेदन, ई- केवाईसी और कार्ड डाउनलोड करने की पूरी प्रक्रिया
UP Teacher Transfer 2026 Important Points
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| आदेश संख्या | 411/एससी0एस0(बेसिक/ 2026 |
| तारीख | 22 जून 2026 |
| जारी किसने किया | पार्थ सारथी सेन शर्मा अपर मुख्य सचिव |
| भेजा गया किसे | महानिदेशक स्कूल शिक्षा, निदेशक बेसिक शिक्षा, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद |
| पुराना आदेश संदर्भित | 4 जून 2026 का शासनादेश |
| दंपती नीति में बदलाव | अब केवल आवेदन करने वाले पति/पत्नी का तबादला होगा |
| सामान्य तबादलों पर रोक की वजह | जनगणना 2026-27, गृह मंत्रालय का 11 मार्च 2026 का पत्र |
| रोक कब तक | 31 मार्च 2027 तक (जनगणना ड्यूटी वालों के लिए) |
| अन्य छूट | दिव्यांगता, कैंसर, डायलिसिस, CM अनुमोदन वाले विशेष मामले |
| अतिरिक्त संलग्नक | जनपदवार PTR अलग से लगाया गया है |
यह स्पष्टीकरण सिर्फ दंपती नीति को साफ करने के लिए आया है। सामान्य तबादलों पर रोक अगले सत्र तक बने रहने की संभावना है, क्योंकि जनगणना का काम मार्च 2027 तक चलना है। जो शिक्षक दंपती हैं और तबादला चाहते हैं, उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि आवेदन उसी को करना है जिसका तबादला कराना है। म्युचुअल ट्रांसफर और समायोजन से जुड़ी कोई भी नई जानकारी आने पर हम इस आर्टिकल को अपडेट करेंगे।
| लिंक | विवरण |
|---|---|
| आधिकारिक शासनादेश (22 जून 2026) | Click Here |







