Special TET For In Service Teachers: विभागीय TET पर हाईकोर्ट ने क्यों लगाई रोक, जानिए कोर्ट ने क्या कहा

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On: June 19, 2026
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Special TET For In Service Teachers: उत्तर प्रदेश में सेवारत परिषदीय शिक्षकों के लिए विशेष टेट कराने की तैयारी चल रही है। सर्वोच्च न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के फैसले के बाद से प्रदेश सरकार इस पर विचार कर रही है, लेकिन ठीक इसी बीच पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से एक बड़ा आदेश सामने आया है। पंजाब सरकार ने अपने यहां सेवारत शिक्षकों को विभागीय टेट करवाकर पदोन्नति देने की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसे हाईकोर्ट की डबल बेंच ने स्थगित कर दिया है। कोर्ट ने सरकार से इस मामले में जवाब भी मांगा है। यह आदेश उत्तर प्रदेश की विशेष टेट योजना के लिए सीधा संकेत माना जा रहा है, क्योंकि दोनों राज्यों में स्थिति काफी हद तक एक जैसी है। देशभर के शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया है वह समान रूप से पूरे देश में लागू है ऐसे में तेलंगाना तमिलनाडु मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में विभागीय ट कराए जाने की तैयारी रराज्य सरकारों द्वारा की जा रही है।

यूपी में Special TET की तैयारी का कारण

सेवारत परिषदीय शिक्षकों को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार Special TET  कराने पर विचार कर रही है। यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के सितंबर 2025 के बाद आए फैसलों के अनुपालन में उठाया जा रहा है, जिसमें कहा गया है कि आरटीई लागू होने से पहले से कार्यरत शिक्षकों को भी टेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। सरकार ने इस संबंध में संबंधित निदेशक से सूचना भी मांगी है। हालांकि अभी तक यह तय नहीं है कि यह परीक्षा किस तरह से आयोजित होगी और इसमें किन उम्मीदवारों को शामिल किया जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि यही प्रक्रिया कई राज्यों में पहले से विवादों में घिरी रह चुकी है। उत्तर प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले शिक्षामित्र भी कार्यरत हैं जो की काफी लंबे समय से विभागीय टेट कराए जाने की मांग कर रहे हैं।

बेरोजगार पात्र उम्मीदवारों और शिक्षामित्रों को बाहर रखने पर विवाद तय

यदि उत्तर प्रदेश सरकार विशेष टेट से बेरोजगार उम्मीदवारों और शिक्षामित्रों को पूरी तरह बाहर रखती है, तो यह आरटीई एक्ट 2009 से सीधा टकराव माना जा सकता है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद  यानी कि NCTE  के दिशा-निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि टेट परीक्षा सभी पात्र उम्मीदवारों के लिए खुली होनी चाहिए, न कि केवल सेवारत शिक्षकों तक सीमित। परीक्षा केंद्र और राज्य सरकारें आयोजित करती हैं, लेकिन NCTE  के नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है, जिसमें पारदर्शिता और समान अवसर पर खास जोर दिया गया है। वैसे देखा जाए तो यही कानूनी पेच पंजाब में भी सामने आया है, जहां सेवारत शिक्षकों को सीधे विभागीय परीक्षा ( Special TET)  से पदोन्नति देने की कोशिश की गई।

2014 में कराया गया था भाषा UPTET

यह पहला मौका नहीं है जब उत्तर प्रदेश में टेट को लेकर कानूनी पेच फंसा हो। वर्ष 2014 में राज्य सरकार ने हिंदी, उर्दू और संस्कृत विषयों की भाषा टेट कराई थी, जिसमें एनसीटीई के दिशा-निर्देशों के विपरीत निबंधात्मक प्रश्न तक पूछे गए थे। इस परीक्षा से करीब छह हजार बेरोजगार उम्मीदवारों को नौकरी मिल गई थी। याचिकाकर्ता नूतन ठाकुर ने इस भाषा टेट को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने अदालत में यह आश्वासन दिया था कि भविष्य में टेट NCTE के नियमों के अनुसार ही कराई जाएगी। हाईकोर्ट ने तब नियुक्त हो चुके शिक्षकों को राहत देकर मामला निपटाया था, लेकिन सरकार को दोबारा ऐसी गलती न करने की सख्त हिदायत भी दी थी। अब राज्य सरकार एक बार फिर विभागीय TET कराए जाने की बात कर रही है ऐसे में राज्य सरकार को अपना पुराना शपथ पत्र और हाई कोर्ट आदेश को ध्यान में रखना होगा।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का ताजा आदेश

सर्वोच्च न्यायालय ने सेवारत शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति के लिए टेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया था। इसी आदेश के आधार पर पंजाब सरकार ने अपने यहां कार्यरत शिक्षकों को विशेष यानी विभागीय टेट परीक्षा करवाकर पदोन्नति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी। राजिंदर कौर और अन्य उम्मीदवारों ने इस प्रक्रिया को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद जस्टिस संदीप मौदगिल और जस्टिस रूपिंदरजीत चहल की डबल बेंच ने मामले को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने 4 जून 2026 को जारी पदोन्नति आदेशों को अगली सुनवाई तक स्थगित रखने का निर्देश दिया है और राज्य सरकार से जवाब भी मांगा है।

TET पर कोर्ट में क्या दलीलें दी गईं

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कौशल ने अदालत में दलील दी कि यह पदोन्नति आदेश सर्वोच्च न्यायालय के अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले के फैसले के खिलाफ हैं, जो 1 सितंबर 2025 को आया था। उन्होंने स्कूल शिक्षा निदेशक (माध्यमिक, पंजाब) के एक पत्र का हवाला भी दिया, जिसमें कहा गया था कि गैर-शिक्षण और ईटीटी कैडर से मास्टर कैडर में विषयवार पदोन्नति केवल उन्हीं उम्मीदवारों की होगी जो सभी मानकों पर पात्र पाए जाएं, और इसके लिए कट-ऑफ तारीख 2 जून 2025 तय की गई थी। राज्य सरकार की ओर से डीएजी सतनाम प्रीत सिंह चौहान ने नोटिस स्वीकार करते हुए जवाब देने के लिए समय मांगा।

हाइकोर्ट का आदेश देखें

Punjab Teacher Promotion Case Overview

बिंदुजानकारी
अदालतपंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़
मुख्य मामलाCWP-6657-2026 (CM-9904, CM-9905, CM-9906)
याचिकाकर्ताराजिंदर कौर और अन्य
पीठजस्टिस संदीप मौदगिल, जस्टिस रूपिंदरजीत चहल
आदेश तिथि10 जून 2026
स्थगित आदेश4 जून 2026 के पदोन्नति आदेश (Annexure P-17 से P-30)
अगली सुनवाई19 अगस्त 2026

Uttar Pradesh Special TET के लिए क्या सीख

सीधी बात करें तो पंजाब का यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार के लिए सीधी चेतावनी जैसा है। दोनों राज्यों में सेवारत शिक्षकों को विभागीय या विशेष परीक्षा के जरिए सीधे लाभ देने की कोशिश एक जैसी है, और दोनों ही जगह बेरोजगार उम्मीदवारों के बाहर रहने से कानूनी विवाद की आशंका बनी है। आप समझ सकते हैं कि अगर यूपी सरकार ने भी विशेष टेट से नए उम्मीदवारों और शिक्षामित्रों को बाहर रखा, तो अदालत में चुनौती मिलना तय है। ऐसे में सरकार के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह  NCTE  के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए ही विशेष टेट की रूपरेखा तैयार करे, ताकि भविष्य में कानूनी अड़चन से बचा जा सके। फिलहाल उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने प्रदेश में कार्यरत प्राइमरी शिक्षकों की जानकारी मांगी है जिसमें कितने प्राइमरी शिक्षक टीईटी पास हैं और कितने टीईटी पास नहीं है। वहीं जूनियर स्तर के शिक्षकों की जानकारी भी मांगी गई है कितने अध्यापक टीईटी पास हैं और कितने नहीं हैं 25 जून तक विभाग को पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जानी है।

विभागीय TET पर क्या है NCTE TET Guidelines

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन यानी कि NCTE की अधिसूचनाओं और शिक्षक पात्रता परीक्षा गाइडलाइंस के अनुसार शिक्षक नियुक्ति के लिए TET एक न्यूनतम अनिवार्य योग्यता रखी गई है नियमों में विभागीय TET अलग से करने का कोई भी उल्लेख नहीं है लेकिन टीईटी का आयोजन संबंधित राज्य सरकार व सक्षम प्राधिकरण NCTE की गाइडलाइन के अनुरूप कराया जा सकता है इसी आधार पर कुछ राज्यों ने सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष TET आयोजित कराए जाने की पहल की है हालांकि ऐसी किसी भी परीक्षा को एनसीटीई द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानकों का पालन करना होगा।

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Sangam Patel

Sangam Patel is a Content Writer at StaffTak.in. He writes about Teacher Recruitment, Government Jobs, Education News, Scholarships, Admit Cards, Results, and Admissions, providing accurate and reliable updates from official sources.