UP Pension Hike Update : उत्तर प्रदेश सरकार बुजुर्गों, बेसहारा महिलाओं और दिव्यांगजनों को मिलने वाली पेंशन बढ़ाने की तैयारी में है। अभी इन तीनों योजनाओं में हर महीने ₹1,000 मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर ₹1,500 करने का प्रस्ताव तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री इस प्रस्ताव को मोटे तौर पर मंजूरी दे चुके हैं और अब इसे राज्य कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही बढ़ी हुई पेंशन का रास्ता साफ हो जाएगा। प्रदेश में करोड़ से ज्यादा लोग इन योजनाओं का फायदा ले रहे हैं, इसलिए इस फैसले का असर बहुत बड़े वर्ग पर पड़ेगा। लंबे समय से पेंशन बढ़ने का इंतजार कर रहे परिवारों के लिए यह राहत की खबर मानी जा रही है। इस आर्टिकल में आपको बढ़ी हुई राशि, लागू होने के समय, योजना के हिसाब से लाभार्थियों की संख्या और पिछली बढ़ोतरी की पूरी जानकारी मिलेगी।
पेंशन बढ़ने से हर लाभार्थी को कितना फायदा होगा
नई दर लागू होने पर इन तीनों योजनाओं के हर लाभार्थी के खाते में पहले से हर महीने ₹500 ज्यादा आएंगे। प्रतिशत में देखें तो मौजूदा राशि का आधा हिस्सा और जुड़ रहा है, यानी 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी। यह फायदा किसी एक योजना तक सीमित नहीं है। वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले बुजुर्ग, निराश्रित महिला पेंशन पाने वाली महिलाएं और दिव्यांगजन पेंशन पाने वाले दिव्यांग, तीनों के लिए बढ़ी हुई राशि का प्रस्ताव है। अलग-अलग योजना के लिए अलग दर का जिक्र नहीं है, यानी सभी के लिए पेंशन ₹1,500 प्रति माह ही रहेगी। महीने की राशि को पूरे साल पर जोड़कर देखें तो एक लाभार्थी को मिलने वाली कुल मदद इस तरह बदलेगी:
- अभी साल भर में मिलने वाली पेंशन: ₹12,000
- बढ़ने के बाद साल भर में मिलने वाली पेंशन: ₹18,000
- एक साल में अतिरिक्त फायदा: ₹6,000
बढ़ी हुई पेंशन कब से मिलेगी
मुख्यमंत्री स्तर पर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अभी यह फैसला पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। कैबिनेट की बैठक की तारीख अभी तय नहीं बताई गई है, इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि बढ़ी हुई राशि किस दिन से खाते में आएगी। जब तक कैबिनेट का फैसला और उसके बाद का आदेश जारी नहीं होता, तब तक मौजूदा ₹1,000 की दर से ही पेंशन मिलती रहेगी। पेंशन का पैसा DBT के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाता है और बढ़ी हुई राशि भी इसी तरीके से भेजी जाएगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक आगे की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में इस तरह पूरी होगी:
- प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
- दिसंबर 2026 में पेश होने वाले दूसरे अनुपूरक बजट में इसके लिए पैसे की व्यवस्था की जाएगी।
- चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही से बढ़ी हुई राशि लाभार्थियों के खातों में आने लगेगी।
किस पेंशन योजना में कितने लोग जुड़े हैं
इन पेंशन योजनाओं का दायरा बहुत बड़ा है। तीनों योजनाओं के लाभार्थियों को जोड़ने पर कुल संख्या 1 करोड़ 21 लाख से ऊपर पहुंचती है, यानी प्रदेश का बहुत बड़ा वर्ग इस मदद पर निर्भर है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा बुजुर्गों का है, जो कुल लाभार्थियों के आधे से ज्यादा हैं। उनके बाद निराश्रित महिलाओं की संख्या आती है और सबसे कम लाभार्थी दिव्यांगजन पेंशन योजना में हैं। इतने लोगों को हर महीने बढ़ी हुई रकम देने पर सरकारी खजाने पर भी अच्छा-खासा खर्च आएगा, जिसकी व्यवस्था बजट में की जानी है। योजना के हिसाब से लाभार्थियों की संख्या इस तरह है:
- वृद्धावस्था पेंशन योजना: 67 लाख से अधिक
- निराश्रित महिला पेंशन योजना: 42 लाख से अधिक
- दिव्यांगजन पेंशन योजना: 12 लाख से अधिक
2017 के बाद दूसरी बार बढ़ रही है पेंशन की राशि
योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2017 में सत्ता में आने के बाद इन पेंशन योजनाओं की मासिक राशि ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 की थी। उस फैसले के बाद अब दूसरी बार राशि बढ़ाने की तैयारी है। अगर प्रस्ताव कैबिनेट से पास होता है तो पेंशन 2017 से पहले की दर के मुकाबले तीन गुना हो जाएगी। इस पेंशन का फायदा गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को मिलता है। बढ़ती महंगाई के बीच ये परिवार जब अपना रोजमर्रा का खर्च चलाते हैं, तो हर महीने मिलने वाली अतिरिक्त रकम उनके लिए बड़ी मदद साबित होने की उम्मीद है। इस नजरिए से देखें तो यह फैसला समाज के कमजोर तबके की आर्थिक मजबूती की तरफ एक और कदम है।








