UP Free Scooty Scheme 2026: नवंबर से दो चरणों में मिलेगी स्कूटी, पहले चरण में 20 से 25 हजार छात्राओं को लाभ

UP Free Scooty Scheme 2026 :उत्तर प्रदेश में स्नातक पास मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की तैयारी पूरी हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत अगले महीने यानी नवंबर से स्कूटी बांटना शुरू करेगा। विभाग की कोशिश है कि 25-25 हजार छात्राओं को दो चरणों में स्कूटी दी जाए, ताकि कंपनी पर एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियां उपलब्ध कराने का दबाव न पड़े। स्कूटी खरीदने के लिए टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है और योजना के लिए 320 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है।

Rani Laxmibai Scooty Yojana 2026  Overview
Scheme NameRani Laxmibai Scooty Yojana
StateUttar Pradesh
DepartmentHigher Education Department
BeneficiariesMeritorious Graduate Girl Students
Distribution StartNovember 2026
Distribution Phases2 Phases
First Phase20,000 to 25,000 Girl Students
Tender Issued ForUp to 40,000 Scooties
Budget Released₹320 Crore
Selection BasisTop 5% Graduate Girl Students of Each Institution
Family Income LimitBelow ₹12 Lakh per Year
Passing Session2025-26
Procurement ModeGovernment e-Marketplace (GeM)

दिसंबर की जगह अब नवंबर में शुरू होगा वितरण

प्रदेश सरकार ने अपने घोषणापत्र में स्नातक की छात्राओं को स्कूटी देने का वादा किया था, उसी क्रम में यह योजना आगे बढ़ रही है। पहले विभाग की तैयारी थी कि स्कूटी का वितरण दिसंबर में कराया जाए। लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री ने नवंबर में वितरण शुरू करने की घोषणा कर दी, जिसके बाद विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अब नवंबर से ही स्कूटी बांटने की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्कूटी बांटने से जुड़ी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। योजना को कैबिनेट से जुलाई में मंजूरी मिली थी। इसके बाद विभाग ने टेंडर, बजट और छात्राओं के सत्यापन जैसे काम आगे बढ़ाए, जिनका ब्योरा नीचे दिया गया है। अब सबसे ज्यादा जोर इस पर है कि स्कूटी की डिलीवरी समय से शुरू हो जाए और वितरण नवंबर में ही शुरू किया जा सके।

पहले चरण में 20 से 25 हजार छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

फिलहाल एक साथ इतनी बड़ी संख्या में स्कूटी उपलब्ध कराने में कंपनी को कठिनाई न हो, इसके लिए वितरण को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में 20 हजार से 25 हजार तक मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी चल रही है। बाकी मेधावी छात्राओं को अगले चरण में स्कूटी दी जाएगी। विभाग नवंबर से वितरण की शुरुआत कर देगा और कंपनी जैसे-जैसे गाड़ियों की डिलीवरी करेगी, वैसे-वैसे वितरण का काम भी तेज होता जाएगा। यानी दूसरे चरण की तारीख इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी कितनी तेजी से स्कूटी उपलब्ध कराती है।

40 हजार स्कूटी का टेंडर, 320 करोड़ रुपये का बजट जारी

विभाग ने 40 हजार तक स्कूटी खरीदने का टेंडर कर दिया है। योजना के लिए इस साल के बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। अब विभाग ने इसके लिए 320 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। जुलाई में कैबिनेट से योजना की नियमावली को मंजूरी मिली थी, उस समय करीब 50 हजार छात्राओं को लाभ देने का लक्ष्य बताया गया था, जबकि अभी टेंडर 40 हजार तक स्कूटी का हुआ है। स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए की जानी है। टेंडर हो जाने के बाद अब वितरण की रफ्तार कंपनी की डिलीवरी पर निर्भर करेगी। जैसे-जैसे गाड़ियां मिलेंगी, वैसे-वैसे वे छात्राओं तक पहुंचाई जाएंगी।

मेधावी छात्राओं का विश्वविद्यालय और कॉलेजों से सत्यापन

योजना के तहत मेधावी छात्राओं का विश्वविद्यालय और कॉलेजों से लेकर सत्यापन कराया जा चुका है। नियमों के मुताबिक छात्रा उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए और उसने वर्ष 2025-26 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की हो। हर संस्थान की स्नातक पास छात्राओं में से शीर्ष 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा। परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये से कम होनी चाहिए, जबकि दिव्यांग छात्राओं, शहीदों की बेटियों और निराश्रित परिवारों की छात्राओं के लिए आय सीमा और मेरिट के नियम लागू नहीं होंगे। यह लाभ राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय और उनसे संबद्ध सरकारी, सहायता प्राप्त व निजी डिग्री कॉलेजों की छात्राओं के लिए है।

स्कूटी के साथ क्या-क्या मिलेगा और योजना का मकसद

योजना में छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक इसके साथ वाहन का बीमा, RTO पंजीकरण, हेलमेट और शुरुआती पेट्रोल भी सरकार की ओर से दिया जाएगा। स्कूटी पर राज्य सरकार की ब्रांडिंग रहेगी और वह लाभार्थी छात्रा के नाम पर ही दर्ज रहेगी। विभाग का प्रयास है कि स्कूटी वितरण से विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में छात्राओं का नामांकन बढ़ाया जाए। साथ ही उन्हें उच्च शिक्षा के प्रति आकर्षित भी किया जाएगा। योजना के पहले चरण का लक्ष्य मेधावी छात्राओं को ही यह लाभ देने का है, इसलिए चयन का आधार मेरिट रखा गया है।

Sangam Patel

Sangam Patel is a Content Writer at StaffTak.in. He writes about Teacher Recruitment, Government Jobs, Education News, Scholarships, Admit Cards, Results, and Admissions, providing accurate and reliable updates from official sources.

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