UP Gram Prahari Salary Hike : उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रहरियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहरी सौगात की घोषणा की है। प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिमाह किया गया है। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों और उनके परिवार के सदस्यों को हर साल 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की बात भी कही गई है। यह घोषणा 13 अक्टूबर 2026 को बरेली की रिजर्व पुलिस लाइन में हुए ग्राम प्रहरियों के सम्मान कार्यक्रम में की गई।
बरेली की रिजर्व पुलिस लाइन में हुआ 68 हजार ग्राम प्रहरियों का सम्मान कार्यक्रम
मंगलवार को बरेली की रिजर्व पुलिस लाइन में प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में करीब पांच हजार ग्राम प्रहरी मौजूद रहे और मुख्यमंत्री की घोषणा का तालियों से स्वागत किया। बरेली जोन के 11 ग्राम प्रहरियों को साफा पहनाकर सम्मानित किया गया और उपहार भी दिए गए। कार्यक्रम में मंत्री सुरेश खन्ना, अरुण कुमार और जेपीएस राठौर, सांसद श्रुति गंगवार, विधायक राघवेंद्र शर्मा और संजीव अग्रवाल, मेयर उमेश गौतम और डीजीपी राजीव कृष्ण समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
मानदेय में 1,000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। यानी हर ग्राम प्रहरी को अब हर महीने 1,000 रुपये ज्यादा मिलेंगे, जो सालाना 12 हजार रुपये की अतिरिक्त आय बनती है। प्रतिशत में देखें तो यह करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। बढ़ा हुआ मानदेय किस तारीख से लागू होगा, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। कार्यक्रम से पहले आई रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया था कि इस बढ़ोतरी से सरकार पर हर साल करीब 84 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा और इसके लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान किया जा सकता है। यह आंकड़ा ग्राम प्रहरियों की करीब 60 हजार की अनुमानित संख्या पर आधारित था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मानदेय बढ़ाने के साथ ही ग्राम प्रहरियों और उनके परिवार को स्वास्थ्य सुविधा देने की दिशा में भी सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।
परिवार के सदस्यों को भी मिलेगा सालाना 5 लाख तक का कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम प्रहरी और उनके परिवार के सदस्यों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कैशलेस का मतलब है कि मरीज को इलाज के समय अस्पताल में अपनी जेब से भुगतान नहीं करना पड़ेगा। 5 लाख रुपये की यह सीमा हर साल के लिए है। रिपोर्ट के मुताबिक इस सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल किया जाएगा और यह लाभ जल्द मिलना शुरू होगा, हालांकि इसकी शुरुआत की निश्चित तारीख और प्रक्रिया अभी घोषित नहीं की गई है। इससे पहले सितंबर में सरकार पीआरडी स्वयंसेवकों, स्कूलों की रसोइयों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के लिए भी परिवार सहित सालाना 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा कर चुकी है।
गांवों की सुरक्षा में ग्राम प्रहरियों की भूमिका और मुख्यमंत्री का संबोधन
ग्राम प्रहरी गांवों में पुलिस के सूचना तंत्र की अहम कड़ी माने जाते हैं। वे स्थानीय थानों से जुड़े रहते हैं और गांव में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, आपसी विवादों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचाते हैं। मुख्यमंत्री ने भी कार्यक्रम में कहा कि गांवों में सुरक्षा बनाए रखने और पुलिस व जनता के बीच तालमेल बनाने में ग्राम प्रहरियों की अहम भूमिका है। कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में खुलेआम लूट होती थी, जबकि अब अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों के मन में कानून का डर होना जरूरी है और बेटियों से छेड़छाड़ करने वालों को सख्त चेतावनी दी।
अन्य मानदेयकर्मियों के लिए भी हो चुकी हैं बढ़ोतरी की घोषणाएं
ग्राम प्रहरियों से पहले सरकार कई और वर्गों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की घोषणा कर चुकी है। परिषदीय विद्यालयों की रसोइयों का मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8,000 रुपये से बढ़कर 12,000 रुपये और सहायिकाओं का 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हुआ है। पंचायत सहायकों का मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है, जबकि प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों का दैनिक भत्ता 500 रुपये से बढ़कर 600 रुपये हुआ है। इसके अलावा वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन सामाजिक पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव भी है, जिसे नवंबर के दूसरे पखवाड़े में कैबिनेट में लाए जाने की संभावना बताई गई है।








