UP Outsource Salary Hike Latest News: उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए दो सितंबर का दिन बेहद खास होने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक भवन में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में इनके बढ़े हुए वेतन का औपचारिक ऐलान करेंगे। इसी मंच से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का लोगो जारी होगा और निगम की वेबसाइट व पोर्टल की शुरुआत भी की जाएगी। सरकार ने पिछले साल सितंबर में ही आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम वेतन के साथ ईपीएफ और ईएसआईसी जैसी सुविधाएं देने का फैसला लिया था, अब उसी फैसले को जमीन पर उतारने का समय आ गया है। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेश के सभी जिलों में किया जाएगा ताकि हर जिले के कर्मचारी इस ऐलान से सीधे जुड़ सकें।
सीएम 2 सितम्बर को करेंगे ऐलान
बुधवार को लोक भवन में होने वाला यह कार्यक्रम सिर्फ वेतन बढ़ोतरी की घोषणा तक सीमित नहीं रहेगा। इसका सीधा प्रसारण प्रदेश के हर जिले में कराया जाएगा, जिसके लिए प्रत्येक जिले से 450 से 500 आउटसोर्स कर्मियों को मौके पर बुलाया गया है। इन कर्मचारियों को कार्यक्रम में नए वेतन ढांचे के अलावा वेतन से होने वाली कटौती, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, नौकरी की सुरक्षा और प्रशिक्षण जैसे विषयों पर भी जानकारी दी जाएगी। नगर निगम और नगर पालिकाओं को स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इसमें बुलाया जाएगा ताकि यह ऐलान सिर्फ लखनऊ तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश में एक साथ पहुंचे।
किस श्रेणी में कितनी बढ़ेगी सैलरी, देखें पूरा चार्ट
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के बाद सरकार ने आउटसोर्स पदों को चार श्रेणियों में बांटकर हर श्रेणी का मासिक मानदेय पहले ही तय कर दिया था, और अब इसी ढांचे पर औपचारिक मुहर लगेगी। श्रेणी-1 के पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों को सबसे ज्यादा 40,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। श्रेणी-2 में यह राशि 25,000 रुपये, श्रेणी-3 में 22,000 रुपये और श्रेणी-4 में 20,000 रुपये मासिक तय की गई है। खास बात यह है कि यह पैसा सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में जाएगा, जिससे बीच में किसी ठेकेदार की कटौती की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। पहले एक ही तरह के काम के लिए अलग-अलग विभागों में अलग-अलग वेतन मिलता था, अब पूरे प्रदेश में एक समान दर लागू होगी।
| श्रेणी | मासिक मानदेय |
|---|---|
| श्रेणी-1 | ₹40,000 |
| श्रेणी-2 | ₹25,000 |
| श्रेणी-3 | ₹22,000 |
| श्रेणी-4 | ₹20,000 |
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो, वेबसाइट और पोर्टल की शुरुआत
इस पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का औपचारिक शुभारंभ है। इसी मंच से निगम का लोगो जारी किया जाएगा, साथ ही निगम की आधिकारिक वेबसाइट और पोर्टल को भी लॉन्च किया जाएगा। यह निगम पिछले साल 20 सितंबर 2025 को जारी शासनादेश के जरिए बनाया गया था, जिसका मकसद आउटसोर्सिंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। अभी तक हर विभाग अपनी मर्जी से ठेकेदारों के जरिए कर्मचारियों को भुगतान करता था, जिसमें बीच में कटौती और देरी की शिकायतें आम थीं। निगम बनने के बाद अब भर्ती, वेतन भुगतान और सेवा शर्तों का पूरा काम एक ही व्यवस्था के तहत होगा। निगम की प्रबंध निदेशक अमृता सोनी ने पहले ही सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दे दिए हैं।
ईपीएफ और ईएसआईसी का सीधा फायदा, अब नहीं कटेगा बीच में कमीशन
निगम के गठन के साथ ही सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम वेतन के साथ-साथ ईपीएफ और ईएसआईसी जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं देने का फैसला किया था, और अब इसी दिशा में अगला कदम उठाया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कर्मचारी को अब यह पता रहेगा कि उसकी सैलरी से कितना पीएफ कटा और कितना ईएसआईसी में गया, जो पहले ठेकेदार-आधारित व्यवस्था में अक्सर साफ नहीं होता था। सीधे खाते में भुगतान की व्यवस्था लागू होने से बीच का कमीशन खत्म होगा और कर्मचारी को अपने हक की पूरी रकम मिलेगी। यह बदलाव खासकर उन कर्मचारियों के लिए राहत भरा है जो सालों से एक ही विभाग में काम करने के बावजूद कम वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं के अभाव में परेशान रहे हैं।



