UP Govt DA Hike May 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश की सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर दी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2% बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के साथ ही कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अब 60% पर पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कर्मचारियों के लिए यह बड़ी गुड न्यूज़ दी है। ऐसे में राज्य कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन धारकों की पेंशन में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के इस निर्णय के बाद अब तक कर्मचारियों और पेंशन भोगियों को मिल रहा 58% महंगाई भत्ता अब 60% के हिसाब से मिलेगा। उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ प्राविधिक शिक्षण संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के नियमित और फुल टाइम कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार के आदेश के अनुसार 1 जनवरी 2026 से इस बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ कर्मचारियों को दिया जाएगा। वर्तमान में लगभग 16 लाख राज्य कर्मचारी कार्यरत हैं।
UP Govt DA Hike May 2026 ऐसे होगा भुगतान
राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार मई 2026 के नियमित वेतन के साथ ही बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान नगद तौर पर किया जाएगा। वहीं जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक के बकाया पैसे को कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते या फिर पीपीएफ अकाउंट या फिर एनएससी के रूप में जमा कराया जाएगा। इसके साथ-साथ नेशनल पेंशन स्कीम यानी एनपीएस से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी इसको लेकर महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। बकाया राशि का एक हिस्सा कर्मचारियों के टियर 1 पेंशन खाते में जमा कराए जाने का प्रावधान है, जबकि बाकी की रकम पीपीएफ या एनएससी के रूप में कर्मचारियों को मिलेगी। इसके अलावा ऐसे कर्मचारी जो रिटायर हो चुके हैं, उन सभी के लिए भी सरकार की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि बकाया राशि का पूरा भुगतान नगद दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त ऐसे कर्मचारी जो अगले 6 महीने में रिटायर होने वाले हैं, उन कर्मचारियों को भी बकाया राशि का पूरा भुगतान नगद तौर पर किया जाएगा।
कर्मचारियों की कितनी बढ़ जाएगी सैलरी
महंगाई भत्ता बढ़ोतरी के बाद कैलकुलेशन की जाए तो ऐसे कर्मचारी जिनका बेसिक सैलरी ₹30000 है और वर्तमान में उन्हें 58% के हिसाब से ₹17400 महंगाई भत्ता प्राप्त हो रहा है। ऐसे में अगर 2% की बढ़ोतरी जोड़ दी जाए तो अब 60% के आधार पर यह महंगाई भत्ता बढ़कर सीधे ₹18000 रुपए हो जाएगा। इस हिसाब से ₹30000 महीने की सैलरी में ₹600 की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। वहीं अगर वार्षिक तौर पर बात की जाए तो 1 साल में ₹7200 की सैलरी इस महंगाई भत्ते से होगी। अगर किसी कर्मचारी की सैलरी ₹20000 मान ली जाए तो वर्तमान में 58% महंगाई भत्ते की दर से उसे ₹11600 मिल रहा था। अब महंगाई भत्ता 60% के हिसाब से उसे ₹12000 मिलेगा यानी की ₹400 प्रति महीने की बढ़ोतरी महंगाई भत्ते में होगी।
जून की सैलरी में बढ़कर आएगा DA का पैसा
अब कर्मचारियों के मन मे यह सवाल है कि उनका बढ़ा हुआ पैसा कब तक प्राप्त होगा। क्योंकि मई महीने का वेतन जून की शुरुआत में कर्मचारियों के खाते में भेजा जाता है। इसलिए जून में मिलने वाली सैलरी में इस महंगाई भत्ते का असर सीधा देखने को मिलेगा। सैलरी में बढ़ोतरी होगी। 1 जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते की यह बढ़ोतरी लागू की गई है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 1 जनवरी 2026 से ही महंगाई भत्ता प्रभावी माना जाएगा। कर्मचारियों को सिर्फ आगे की सैलरी नहीं बल्कि पिछले महीने के एरियर का लाभ भी मिलेगा। जबकि जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक के चार महीने का एरियर कर्मचारियों के जनरल प्रोविडेंट फंड में जमा कराया जाएगा। वहीं 60% महंगाई भत्ता जो कि मई महीने का होगा, सीधे सैलरी में जोड़कर दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के बाद राज्य कर्मचारियों को मिला लाभ
बता दें केंद्र सरकार ने 22 अप्रैल 2026 को अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी की थी। उसी आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार ने भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान ही लाभ दिया है। महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर निर्धारित की जाएगी। जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अधिक है, उन्हें अधिक लाभ मिलेगा और उनकी सैलरी में अधिक बढ़ोतरी होगी।
क्या होता है महंगाई भत्ता
महंगाई भत्ता एक तरह से अतिरिक्त पैसा होता है जो कर्मचारी को उनकी सैलरी या पेंशन के साथ अलग से दिया जाता है, जिससे बढ़ती हुई महंगाई का असर कम हो सके। आसान भाषा में समझा जाए तो जब बाजार में चीजों के दाम बढ़ते हैं तो कर्मचारियों को खरीदने की क्षमता भी कम हो जाती है। ऐसे में इस प्रक्रिया को बैलेंस करने के लिए सरकार या कोई भी कंपनी महंगाई भत्ता बढ़ोतरी करती है। महंगाई भत्ता बेसिक सैलरी का प्रतिशत होता है जिसे समय-समय पर साल में दो बार बढ़ाया जाता है। सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए हर 6 महीने में महंगाई भत्ता बढ़ोतरी का लाभ मिलता है। सरकारी कर्मचारियों के अलावा प्राइवेट कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती हैं।
जुलाई में फिर बदलेगा महंगाई भत्ता
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन धारकों के लिए जुलाई 2026 से महंगाई भत्ते में एक बार फिर बढ़ोतरी की जा सकती है। सरकार जैसा कि साल में दो बार महंगाई भत्ता बढ़ोतरी की समीक्षा करती है और उसी के आधार पर जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ता बढ़ोतरी की जाती है। बता दें यह बढ़ोतरी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर निर्धारित होती है। लगातार बढ़ती हुई महंगाई को देखते हुए इसे निर्धारित किया जाता है। हालांकि महंगाई भत्ता बढ़ोतरी का अंतिम निर्णय सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होता है। पिछले वेतन आयोग की तरह नए वेतन आयोग लागू होने पर महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मर्ज किया जा सकता है और इसके बाद फिर नई दर से महंगाई भत्ता शुरू किया जा सकता है।
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