Central Government Employees Allowance Hike 2026: सैलरी स्लिप में इस बार एक नई एंट्री दिखने वाली है। सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ते में हुई हालिया बढ़ोतरी का सीधा असर अब बच्चों की पढ़ाई से जुड़े भत्तों पर भी पड़ा है। बाल शिक्षा भत्ता और हॉस्टल सब्सिडी, दोनों में 25 प्रतिशत का इजाफा कर दिया गया है, और यह बढ़ोतरी उन लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आई है जिनके बच्चे स्कूल जाते हैं या घर से दूर हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी अलग से आवेदन प्रक्रिया या भारी-भरकम बिल जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि तय दर के हिसाब से सीधा भुगतान होगा। दरअसल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता एक तय सीमा पार करने पर, नियमानुसार बच्चों से जुड़े इन भत्तों में भी अपने आप बढ़ोतरी हो जाती है। इस बार भी वही व्यवस्था लागू हुई है, और इसका फायदा हर उस कर्मचारी को मिलेगा जो अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए यह भत्ता क्लेम करता है।
बाल शिक्षा भत्ते में कितनी बढ़ोतरी हुई
अभी तक बाल शिक्षा भत्ता 2,250 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा तय था। नई दरों के बाद अब यह भत्ता बढ़कर 2,812.50 रुपये प्रति माह हो गया है। यानी हर बच्चे पर कर्मचारी को सीधे 562.50 रुपये प्रति माह का अतिरिक्त फायदा मिलेगा, जिसे सालाना हिसाब से जोड़ें तो यह रकम 6,750 रुपये तक पहुंच जाती है। इस भत्ते की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए वास्तविक खर्च का कोई बड़ा बिल दिखाने की जरूरत नहीं होती, तय दर के हिसाब से ही भुगतान सीधे कर दिया जाता है, जिससे कर्मचारियों को बार-बार कागजी कार्रवाई से नहीं गुजरना पड़ता।
हॉस्टल में रहकर पढ़ने वाले बच्चों की सब्सिडी भी बढ़ी
जिन कर्मचारियों के बच्चे घर से दूर किसी दूसरे शहर में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए भी यह अपडेट फायदेमंद है। हॉस्टल सब्सिडी को 6,750 रुपये से बढ़ाकर 8,437.50 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। हालांकि यहां एक जरूरी शर्त भी है कर्मचारी को यह रकम या तो तय दर के हिसाब से मिलेगी, या फिर बच्चे पर हुए वास्तविक खर्च के हिसाब से, इन दोनों में से जो भी रकम कम हो। इस मद में सीधे 1,687.50 रुपये प्रति माह का इजाफा हुआ है, जो साल भर के हिसाब से 20,250 रुपये तक बैठता है। जिन परिवारों के बच्चे बोर्डिंग स्कूल या दूसरे शहर के हॉस्टल में पढ़ते हैं, उनके लिए यह रकम महीने के बजट में सीधी राहत देगी।
दोनों भत्ते मिलाकर सालाना कितना फायदा होगा
अगर कोई कर्मचारी अपने बच्चे के लिए बाल शिक्षा भत्ता और हॉस्टल सब्सिडी, दोनों एक साथ क्लेम करता है, तो उसे प्रति बच्चा कुल 2,250 रुपये प्रति माह का सीधा फायदा होगा। इसे सालाना जोड़कर देखें तो यह रकम 27,000 रुपये तक पहुंच जाती है। जिन कर्मचारियों के एक से ज्यादा बच्चे स्कूल या हॉस्टल में पढ़ रहे हैं, उनके लिए यह बचत हर बच्चे के हिसाब से अलग-अलग जुड़ेगी, यानी दो बच्चों वाले कर्मचारी के लिए यह फायदा दोगुना हो जाएगा।
दिव्यांग बच्चों वाले परिवारों को मिलेगा दोगुना लाभ
दिव्यांग बच्चों वाले कर्मचारियों के लिए बाल शिक्षा भत्ता पहले से ही सामान्य दर से दोगुना तय है, क्योंकि ऐसे बच्चों की पढ़ाई और देखभाल में आमतौर पर ज्यादा खर्च आता है। इस बार हुई 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद इन परिवारों की मासिक वृद्धि भी दोगुनी होकर 4,500 रुपये प्रति माह तक पहुंच जाएगी। यानी जिन कर्मचारियों पर पढ़ाई का खर्च तुलनात्मक रूप से ज्यादा है, इस बढ़ोतरी का फायदा भी उन्हें उसी अनुपात में ज्यादा मिलेगा।
सिर्फ एक विभाग नहीं, रेलवे से लेकर सभी क्षेत्रीय दफ्तर तक लागू
इस बढ़ोतरी को लेकर एक अहम बात यह है कि यह किसी एक मंत्रालय या विभाग तक सीमित नहीं रहेगी। रेलवे के संयुक्त निदेशक (स्थापना) की तरफ से साफ किया गया है कि यह आदेश एनसीआर समेत सभी क्षेत्रीय कार्यालयों, उत्पादन इकाइयों और प्रशिक्षण संस्थानों पर एक समान रूप से लागू होगा। इससे पहले देखा गया था कि अलग-अलग दफ्तरों में क्लेम प्रक्रिया को लेकर कुछ विसंगतियां आ रही थीं कहीं दरों को लेकर कन्फ्यूजन था तो कहीं क्लेम सेटल होने में देरी हो रही थी। नए आदेश के बाद उम्मीद है कि यह गड़बड़ियां दूर होंगी, क्योंकि अब सभी कार्यालयों में एक जैसी दर और एक जैसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
कुल मिलाकर देखा जाए तो यह बढ़ोतरी छोटी दिखने के बावजूद सालाना हिसाब से एक अच्छी-खासी रकम बन जाती है, खासकर उन परिवारों के लिए जिनके एक से ज्यादा बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं या जो बच्चों को हॉस्टल में रखकर पढ़ा रहे हैं। ऐसे में हर कर्मचारी को चाहिए कि वो समय रहते अपने विभाग में जाकर नई दरों के हिसाब से क्लेम अपडेट करवा ले, ताकि इस फायदे से चूक न जाए।


