UP Rani Laxmibai Scooty Yojana News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत कैबिनेट से मंजूरी और बजट का आवंटन पहले ही हो चुका है, और अब उच्च शिक्षा विभाग यूनिवर्सिटी व कॉलेजों से मेधावी छात्राओं की सूची मंगाकर उसे अंतिम रूप देने में जुटा है। सबसे खास बात यह है कि जिन पाठ्यक्रमों में छात्राओं की संख्या बहुत कम है, वहां भी न्यूनतम एक मेधावी छात्रा को स्कूटी जरूर दी जाएगी, भले ही टॉप पांच प्रतिशत का आंकड़ा एक से कम क्यों न आ रहा हो। यह फैसला उन छात्राओं के लिए राहत की खबर है जो कम संख्या वाले पाठ्यक्रमों में पढ़ रही हैं और अब तक असमंजस में थीं कि उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा भी या नहीं।
योजना का मकसद साफ है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में परिवहन की सुविधा न होने के कारण कई छात्राएं उच्च शिक्षा बीच में ही छोड़ देती हैं। इसी ड्रॉपआउट दर को कम करने और छात्राओं के नामांकन अनुपात को बढ़ाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार यह पहल छात्राओं की गतिशीलता और आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार साबित होगी। सीधी बात करें तो सरकार अब सिर्फ बड़े कोर्स की टॉपर छात्राओं तक सीमित न रहकर हर पाठ्यक्रम की छात्राओं को इस दायरे में लाने की कोशिश कर रही है।
यूपी फ्री स्कूटी योजना का स्वरूप
इस योजना को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना नाम दिया गया है। कैबिनेट बैठक में इसके दिशा-निर्देशों को मंजूरी मिल चुकी है। शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्नातक अंतिम वर्ष पास करने वाली टॉप पांच प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मुफ्त पेट्रोल स्कूटी दी जाएगी। योजना का लाभ प्रदेश के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों से जुड़ी छात्राओं को मिलेगा, बशर्ते वे उत्तर प्रदेश की मूल निवासी हों।
कम छात्रा संख्या वाले कोर्स को मिलेगी राहत
उच्च शिक्षा विभाग ने पाया कि बैचलर ऑफ वोकेशनल और फाइन आर्ट्स जैसे कई पाठ्यक्रमों में टॉप पांच प्रतिशत मेधावी छात्राओं की संख्या गणना करने पर एक से भी कम आ रही है। ऐसी स्थिति में अब तय हुआ है कि उस कोर्स की सबसे अधिक अंक पाने वाली कम से कम एक छात्रा को स्कूटी जरूर मिलेगी। इसी तरह जिन पाठ्यक्रमों में 80 प्रतिशत अंक तक पहुंचने वाली टॉप पांच प्रतिशत छात्राओं की संख्या एक से कम है, वहां भी सर्वाधिक अंक पाने वाली एक छात्रा को इस दायरे में लाने की तैयारी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह प्रावधान खासतौर पर उन कोर्स के लिए राहत की तरह है जहां छात्राओं की संख्या पहले ही सीमित रहती है।
यूनिवर्सिटी और कॉलेजों से मांगा गया डाटा
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों से मेधावी छात्राओं से जुड़ा विस्तृत डाटा मांगा है। इसमें शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्नातक पास करने वाली छात्राओं के परीक्षा परिणाम की जानकारी शामिल है। साथ ही उन छात्राओं का ब्योरा भी मांगा गया है जिन्होंने स्नातक द्वितीय वर्ष में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या आठ से अधिक सीजीपीए हासिल किया है। इसके अलावा 85 प्रतिशत अंक या 8.5 सीजीपीए और इससे भी अधिक स्कोर करने वाली छात्राओं की अलग सूची भी तैयार कराई जा रही है। पोर्टल पर रिजल्ट अपलोड कर उसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है और सभी संस्थानों से मिले डाटा का सत्यापन भी किया जाएगा, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
स्कूटी के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं भी
सरकार सिर्फ स्कूटी देकर योजना को सीमित नहीं रख रही, बल्कि चयनित छात्राओं के शुरुआती खर्च का भी ध्यान रखा गया है। स्कूटी के साथ वाहन का रजिस्ट्रेशन, कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस, एक आईएसआई मार्क वाला हेलमेट, शुरुआत के लिए चार लीटर पेट्रोल और जरूरी एक्सेसरीज भी मुफ्त दी जाएंगी। आप समझ सकते हैं कि यह सिर्फ एक वाहन देने की योजना नहीं है, बल्कि छात्रा को उसका इस्तेमाल शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार करने की सोच के साथ बनाई गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों के दौर में भी सरकार ने पेट्रोल स्कूटी देने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पेट्रोल पंप व सर्विस सेंटर की उपलब्धता चार्जिंग स्टेशनों की तुलना में कहीं बेहतर है। इससे छात्राओं को भविष्य में चार्जिंग या तकनीकी रखरखाव की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस GeM पोर्टल के जरिए पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
फ्री स्कूटी योजना पात्रता की प्रमुख शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश की मूल निवासी होना जरूरी है। साथ ही छात्रा ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की हो और यह डिग्री किसी राजकीय, सहायता प्राप्त या निजी विश्वविद्यालय व उससे संबद्ध कॉलेज से हासिल की गई हो। वैसे देखा जाए तो यह शर्तें अपेक्षाकृत सरल हैं, लेकिन मेरिट आधारित चयन होने के कारण अंतिम सूची में जगह बनाना ही असल चुनौती रहेगी। जिन छात्राओं ने बेहतर अंक या सीजीपीए हासिल किया है, उन्हें प्राथमिकता के साथ इस योजना में शामिल किया जाएगा।
UP Rani Laxmibai Scooty Yojana Update
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| लाभार्थी | स्नातक अंतिम वर्ष की टॉप 5% मेधावी छात्राएं (2025-26) |
| न्यूनतम गारंटी | कम छात्रा संख्या वाले कोर्स में कम से कम एक छात्रा को लाभ |
| स्कूटी के साथ सुविधाएं | रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, ISI हेलमेट, 4 लीटर पेट्रोल, एक्सेसरीज |
| अनुमानित बजट (पहला चरण) | लगभग 400 करोड़ रुपये |
| अनुमानित लाभार्थी संख्या (पहला चरण) | लगभग 50,000 छात्राएं |
| खरीद माध्यम | GeM पोर्टल |
| आवेदन प्रक्रिया | पोर्टल व तिथि जल्द अलग से जारी होंगे |
करीब 50 हजार छात्राओं तक पहुंचेगी पहली सौगात
उच्च शिक्षा विभाग के पास फिलहाल इस योजना के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध है। इस बजट के आधार पर पहले चरण में करीब 50 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी मिल सकती है। आगे जरूरत के अनुसार बजट बढ़ाकर अधिक छात्राओं को इस दायरे में लाने की योजना है। विभाग फिलहाल कम छात्र संख्या वाले कोर्स और मानक के अनुसार अंक प्रतिशत न होने की स्थिति में भी मेधावी छात्रा को राहत देने पर मंथन कर रहा है, ताकि किसी भी पाठ्यक्रम की छात्रा इस योजना से वंचित न रह जाए।
आवेदन प्रक्रिया को लेकर अभी करना होगा इंतजार
कैबिनेट ने अभी योजना की गाइडलाइंस को मंजूरी दी है और उच्च शिक्षा विभाग डाटा एकत्र करने के चरण में है। ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल, जरूरी दस्तावेजों की सूची और आवेदन की अंतिम तिथि से जुड़ी विस्तृत जानकारी सरकार की ओर से अलग से जारी की जाएगी। जिन छात्राओं के अंक या सीजीपीए मेरिट के दायरे में आते हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने कॉलेज की सूचनाओं और उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर लगातार नजर बनाए रखें, क्योंकि सूची तैयार होने के बाद पात्र छात्राओं को इसकी जानकारी संस्थान के माध्यम से ही दी जाएगी।


