NEET-JEE Coching Scheme 2026: क्या नीट और जेईई की तैयारी अब बिना मोटी फीस चुकाए संभव हो पाएगी? केंद्र सरकार की एक नई योजना पर काम चल रहा है, जिसके तहत छात्रों को इन दोनों बड़ी प्रवेश परीक्षाओं के लिए मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराई जा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस योजना को 2 अक्टूबर 2026 तक लॉन्च करने की तैयारी है। खास बात यह है कि यह पहल उन छात्रों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है जो महंगे प्राइवेट कोचिंग संस्थानों की फीस नहीं उठा सकते, या जिनके क्षेत्र में अच्छे कोचिंग सेंटर मौजूद ही नहीं हैं।
नीट और जेईई से होगी शुरुआत
केंद्र सरकार की प्रस्तावित योजना में शुरुआती चरण में सिर्फ नीट और जेईई जैसी मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं को शामिल किया जाएगा। इन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन देने की योजना है। सीधी बात करें तो सरकार का पूरा फोकस उन छात्रों पर है जो अभी तक स्कूल की पढ़ाई, सेल्फ स्टडी या स्थानीय स्तर के सीमित संसाधनों के भरोसे परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न परिवार महंगी प्राइवेट कोचिंग का खर्च आसानी से उठा लेते हैं। सरकार का मकसद इसी अंतर को कम करना है।
2 अक्टूबर से शुरू हो सकती है योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में युवाओं से जुड़ी कई घोषणाएं की थीं, जिनमें मुफ्त कोचिंग की पहल भी शामिल थी। ध्यान देने वाली बात यह है कि इन घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर जमीन पर उतारने की तैयारी चल रही है, और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 को इसे शुरू करने का टारगेट रखा गया है। फ्री कोचिंग कार्यक्रम को असल में लागू करने के लिए संबंधित मंत्रालय की ओर से क्रियान्वयन की पूरी रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि योजना समय पर धरातल पर उतर सके।
एआई की मदद से तैयार होगा प्लेटफॉर्म
मुफ्त कोचिंग के लिए टेक्नोलॉजी और एआई आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार करने का ब्लूप्रिंट बनाया गया है। इस प्लेटफार्म को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कौशल विकास मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय मिलकर तैयार करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय प्लेटफार्म के तकनीकी हिस्से पर काम करेंगे, जबकि शिक्षा मंत्रालय एकेडमिक सहयोग उपलब्ध कराएगा। इसके लिए स्कूलों, यूनिवर्सिटी और अन्य शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को एक साथ जोड़ने की योजना बनाई गई है, ताकि छात्रों को एक ही मंच पर गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन मिल सके।
ऑनलाइन क्लास तक ही सीमित नहीं होगी योजना
सरकार का प्रस्ताव केवल ऑनलाइन क्लास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। आप समझ सकते हैं कि उन इलाकों को भी योजना में शामिल करने की तैयारी है, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है। इसके लिए आगे के चरणों में ऑफलाइन और कंप्यूटर आधारित परीक्षा तथा पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान भी रखा जा सकता है। इससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों को भी नीट और जेईई की तैयारी के लिए बेहतर शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे, जो अभी तक सीमित पहुंच की वजह से पीछे रह जाते थे।
सरकार का उद्देश्य महंगी कोचिंग का दबाव कम करना
नीट और जेईई की तैयारी के लिए देश भर में बड़ी संख्या में छात्र प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट का रुख करते हैं, लेकिन कोचिंग की लागत कई परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाती है। वैसे देखा जाए तो सरकार की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक दबाव को कम करना और छात्रों को मुफ्त तैयारी का ऑप्शन उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री ने भी अपने स्वतंत्रता संबोधन में प्राइवेट कोचिंग की वजह से परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव का जिक्र किया था, जिससे इस योजना की जरूरत और स्पष्ट हो जाती है।
भर्ती परीक्षाएं भी योजना में होगी शामिल
इस पहल की शुरुआत भले ही नीट और जेईई से हो रही हो, लेकिन आगे चलकर इस मुफ्त कोचिंग नेटवर्क का दायरा बढ़ाया जा सकता है। इसमें यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षाओं और सरकारी भर्ती परीक्षाओं को शामिल करने की भी तैयारी है। इस तरह सरकार ऐसा व्यापक नेटवर्क तैयार करना चाहती है, जिसके जरिए छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए केवल महंगी प्राइवेट कोचिंग या अपने सीमित स्थानीय संसाधनों पर निर्भर न रहना पड़े। यह योजना अभी प्रस्तावित चरण में है और इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। लॉन्च तिथि, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी पूरी पुष्टि संबंधित मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा के बाद ही मानी जानी चाहिए।










