UP Free Scooty 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को राज्य स्तर पर अमल में लाने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस योजना के तहत प्रदेश की मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद के लिए मुफ्त पेट्रोल स्कूटी दी जानी है, ताकि कॉलेज आने-जाने में उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है और सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी जेम पोर्टल पर स्कूटी आपूर्ति के लिए बिड जारी की गई है। योजना के तहत चयनित होने वाली छात्राओं का चुनाव उनके संस्थान की टॉप पांच प्रतिशत मेधा सूची के आधार पर किया जाएगा, यानी सामान्य छात्र-छात्राओं को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। स्कूटी की आपूर्ति पूरे प्रदेश के सभी जिला और मंडल मुख्यालयों पर की जाएगी, जिससे यह योजना पूरी तरह राज्य स्तर की पहल बनकर सामने आ रही है। नीचे इस योजना से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से दी गई है।
| Scheme Detail | Information |
|---|---|
| Scheme Name | Rani Laxmibai Scooty Yojana |
| State | Uttar Pradesh |
| Beneficiaries | मेधावी स्नातक छात्राएं (संस्थान की टॉप 5%) |
| Selection Basis | विश्वविद्यालय/कॉलेज की मेरिट सूची |
| Vehicle Type | BS6, ऑटोमैटिक, ट्यूबलेस टायर वाली पेट्रोल स्कूटी |
| Additional Benefits | हेलमेट, पेट्रोल, रजिस्ट्रेशन, आवश्यक एक्सेसरीज |
| Income Limit | ₹12 लाख वार्षिक (पारिवारिक आय) |
| Distribution Level | सभी जिला/मंडल मुख्यालय (75 स्थान) |
| Application Mode | कोई ऑनलाइन फॉर्म नहीं, कॉलेज/विश्वविद्यालय स्तर पर सत्यापन |
राज्य स्तर पर स्कूटी खरीद होगी
उच्च शिक्षा विभाग ने स्कूटी की खरीद के लिए जेम पोर्टल पर बिड जारी कर दी है और विक्रेताओं के साथ ऑनलाइन बैठक की तारीख भी तय कर दी गई है। विभाग की योजना सितंबर के अंत तक खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह अंतिम रूप देने की है। इसके बाद चयनित कंपनी को स्कूटी आपूर्ति के लिए 100 दिनों का समय दिया जाएगा। इस हिसाब से देखा जाए तो छात्राओं को स्कूटी मिलने की प्रक्रिया आने वाले महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया प्रदेश स्तर पर केंद्रीकृत तरीके से चलाई जा रही है, यानी खरीद से लेकर आपूर्ति तक का जिम्मा राज्य सरकार के स्तर पर ही तय हो रहा है, न कि अलग-अलग जिलों में अलग व्यवस्था के जरिए।
कितनी छात्राओं को मिलेगा योजना का लाभ
योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या को लेकर अलग-अलग स्रोतों से थोड़ी भिन्न जानकारी सामने आई है। एक ओर बताया गया है कि करीब 40 हजार छात्राओं के लिए स्कूटी खरीदी जा रही है, वहीं कुछ रिपोर्ट में पहले वर्ष में करीब 50 हजार छात्राओं को लाभ देने की बात कही गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लाभार्थियों की संख्या में जरूरत पड़ने पर 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी या कमी की जा सकती है, यानी यह आंकड़ा अंतिम मेरिट सूची और उपलब्ध बजट के आधार पर घट-बढ़ सकता है। इसलिए अंतिम रूप से कितनी छात्राओं को स्कूटी मिलेगी, यह आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।
पात्रता और चयन का आधार
इस योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। साथ ही उसने प्रदेश के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संबद्ध डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की हो। चयन मुख्य रूप से संस्थान की टॉप पांच प्रतिशत मेधावी छात्राओं में शामिल होने पर आधारित है। इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और लाभार्थी के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना भी बताया गया है। शहीद परिवारों की बेटियों, दिव्यांग छात्राओं और निराश्रित परिवारों की मेधावी छात्राओं को मेरिट कट-ऑफ में विशेष छूट देने का प्रावधान भी रखा गया है, ताकि इन वर्गों की पात्र छात्राएं सामान्य मेरिट से थोड़ा पीछे रहने पर भी योजना से बाहर न हों।
स्कूटी के साथ मिलने वाली सुविधाएं
योजना के तहत छात्राओं को केवल स्कूटी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उससे जुड़ी जरूरी सुविधाएं भी मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। हर स्कूटी के साथ मानक गुणवत्ता का हेलमेट और शुरुआती इस्तेमाल के लिए पेट्रोल भी दिया जाएगा। इसके साथ ही गार्ड किट, ग्रिप कवर, किक रबर और सीट कवर जैसी एक्सेसरीज भी अनिवार्य रूप से शामिल की गई हैं। दी जाने वाली स्कूटी बीएस6 मानक की, ऑटोमैटिक और ट्यूबलेस टायर वाली होगी। साथ ही वाहन के रजिस्ट्रेशन और बीमा से जुड़ा खर्च भी सरकार द्वारा ही वहन किया जाएगा, जिससे छात्राओं पर किसी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
चयन और वितरण की प्रक्रिया कैसे होगी
इस योजना में आवेदन के लिए छात्राओं को किसी अलग ऑनलाइन पोर्टल या साइबर कैफे के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। संबंधित विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन अपने स्तर पर ही मेधावी छात्राओं के अंकों और दस्तावेजों का सत्यापन करेगा। सत्यापन के बाद कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर से तैयार मेरिट सूची शासन के पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसके बाद जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में पात्र छात्राओं को स्कूटी की चाबी सौंपी जाएगी। हालांकि खरीद और नीति-निर्धारण का पूरा काम राज्य सरकार के स्तर पर हो रहा है, वितरण कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ आयोजित किए जाने की योजना है, जिससे यह पहल राज्यव्यापी स्वरूप में सामने आएगी।










