UP PRD Jawans State Employee Status: उत्तर प्रदेश के प्रांतीय रक्षक दल यानी PRD में तैनात हजारों जवानों सालों पुरानी मांग सरकार ने पूरी कर दी है। योगी सरकार ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए PRD जवानों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में युवा कल्याण एवं खेल विभाग को सरकारी सेवक भर्ती से जुड़े विभागों की श्रेणी में शामिल किया गया है। इस फैसले के बाद वर्षों से राज्यकर्मी दर्जे की मांग कर रहे जवानों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। इस आदेश से जुड़े नियम, PRD जवानों की भर्ती प्रक्रिया, उनकी मौजूदा संख्या, बदलाव की वजह और मिलने वाले फायदे की पूरी जानकारी नीचे दी गई है।
PRD जवान कौन होते हैं और कैसे काम करते हैं
प्रांतीय रक्षक दल उत्तर प्रदेश का एक अर्ध-सुरक्षा संगठन है, जिसमें ग्रामीण और शहरी इलाकों के युवा स्वयंसेवक के तौर पर भर्ती होते हैं। ये नियमित पुलिसकर्मी नहीं होते, बल्कि जरूरत पड़ने पर पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोगी के रूप में काम करते हैं। चुनाव, त्योहार, धार्मिक आयोजन, यातायात व्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसे मौकों पर इन्हें ड्यूटी पर लगाया जाता है। अब तक इनकी सेवा स्वयंसेवी आधार पर मानी जाती थी, जिसकी वजह से इन्हें नियमित सरकारी कर्मचारी जैसी प्रशासनिक पहचान नहीं मिल पाती थी।
PRD जवानों की भर्ती और चयन प्रक्रिया कैसे होती है
PRD में भर्ती जिला स्तर पर प्रांतीय रक्षक दल कार्यालयों के माध्यम से होती रही है। चयन प्रक्रिया में ड्राइवर, कुक, माली, कारपेंटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, प्लंबर, धोबी और इलेक्ट्रीशियन जैसी ट्रेड योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती रही है। महिलाओं के लिए भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रहा है। चयन के बाद जवानों को स्थायी वेतन नहीं, बल्कि ड्यूटी के दिनों के हिसाब से भत्ता मिलता है। यही वजह है कि लंबे समय से जवान संगठन इस सेवा को अधिक स्थायी और सम्मानजनक दर्जा दिलाने की मांग करते रहे थे।
यूपी में कितने PRD जवान हैं और किन कामों में तैनात होते हैं
राज्य सरकार के एक पुराने फैसले के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 34 हजार से ज्यादा PRD जवान सेवा दे रहे हैं। इन्हें चुनाव ड्यूटी, यातायात प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, धार्मिक आयोजनों, पुलिस सहायता और कई सरकारी विभागों में सहयोगी के तौर पर तैनात किया जाता है। सरकार समय-समय पर इनके ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी करती रही है, और इन्हें प्रतिदिन के आधार पर भत्ता दिया जाता है, जो महीने में ड्यूटी के दिनों के हिसाब से जोड़ा जाता है। राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद इनकी सेवा शर्तों में आगे बदलाव की उम्मीद बढ़ गई है।
PRD जवानों को क्या क्या मिला – आदेश
शासन ने युवा कल्याण एवं खेल विभाग को उन विभागों की सूची में जोड़ा है जो सरकारी सेवक भर्ती से जुड़े माने जाते हैं। यह आदेश अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से जारी किया गया है। मुख्य तौर पर ध्यान देने वाली बात यह है कि इस आदेश के बाद PRD जवानों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलने का रास्ता प्रशासनिक रूप से साफ हो गया है। अभी तक PRD जवानों की सेवाएं अलग-अलग सरकारी विभागों में ली जाती थीं, लेकिन उन्हें नियमित सरकारी कर्मचारी जैसी प्रशासनिक पहचान नहीं मिली थी। नए आदेश से उनकी सेवा संरचना में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हुई है।
PRD को राज्यकर्मी दर्जा मिलने से पहले और बाद में क्या फर्क आएगा
पहले PRD जवानों को स्वयंसेवक माना जाता था, जिनकी सेवा शर्तें और सुविधाएं नियमित सरकारी कर्मचारियों जैसी नहीं थीं। राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद उनकी सेवा को प्रशासनिक मान्यता मिलेगी, जिससे सेवा सुरक्षा, भविष्य की योजनाओं और प्रशासनिक पहचान के मामलों में काफी स्पष्टता नजर आएगी आएगी। इसके अलावा यह बदलाव सिर्फ कागजी नहीं है, बल्कि इससे जवानों की नौकरी की स्थिरता और सरकारी सिस्टम में उनकी भूमिका को लेकर लंबे समय समय से चली आ रही स्थाई मांग पूरी होने वाली है।
PRD जवानों को राज्यकर्मी दर्जे से क्या फायदा होगा
वैसे देखा जाए तो राज्यकर्मी का दर्जा मिलने का सबसे बड़ा फायदा प्रशासनिक पहचान और सेवा सुरक्षा के स्तर पर होगा। जवानों के सेवा संबंधी अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं और भविष्य की सुविधाओं को लेकर नई संभावनाएं खुलेंगी। इससे उनका मनोबल बढ़ेगा और वे ज्यादा जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभा सकेंगे। समाज में भी उनकी भूमिका को अब अधिक सम्मान के साथ देखा जाएगा, क्योंकि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें वह पहचान नहीं मिल रही थी जिसके वे हकदार थे। हालांकि यह जवान काफी लंबे समय से सरकार के सामने लगातार मांग कर रहे थे इससे पहले सरकार द्वारा कई बार उनके मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है अब उन्हें स्थाई दर्जा मिलने के बाद काफी राहत मिलेगी।
सरकार के इस फैसले की वजह क्या है
यह फैसला सिर्फ PRD जवानों के हित तक सीमित नहीं है। बल्कि यूपी सरकार लगातार युवाओं और विभिन्न सेवा वर्गों को साधने में जुटी है। बजट और सरकारी नीतियों में भी युवा सशक्तिकरण, रोजगार और सेवा सुधारों को प्राथमिकता दी जा रही है। PRD जवानों को राज्यकर्मी का दर्जा देने का निर्णय सरकार की इसी विस्तृत नीति का हिस्सा माना जा रहा है। ऐसे फैसले प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता और जवाबदेही पर भी काफी अच्छा और पॉजिटिव असर डालते हैं।
आगे क्या है बदलाव होने की उम्मीद
जवानों और उनके संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे अहम कदम बताया है। आप समझ सकते हैं कि इतने बड़े फैसले के बाद उनकी प्रशिक्षण व्यवस्था, सेवा सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी आगे सकारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। राज्यकर्मी का दर्जा मिलने से PRD संगठन के प्रति ग्रामीण और छोटे कस्बों के युवाओं का झुकाव और भी बढ़ सकता है, जिससे सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग से जुड़े कार्यों में भागीदारी और मजबूत होगी।
| विषय | Official Information Links |
| उत्तर प्रदेश शासन आधिकारिक वेबसाइट | up.gov.in |
| युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग | prdandyouthwelfare.up.gov.in |







