UP Berojgari Bhatta Yojana 2026: यूपी के बेरोजगारों को मिलेगा बेरोजगारी भत्ता, 1 जुलाई से लागू करने की तैयारी

HIGHLIGHTS

  • यूपी में बेरोजगारी भत्ता लागू करने की तैयारी शुरू।
  • ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी।
  • खाली समय में पात्र श्रमिकों को भत्ता दिया जायेगा
  • मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक खाते में डिजिटल माध्यम से

UP Berojgari Bhatta Yojana 2026: उत्तर प्रदेश में ग्रामीण मजदूरों और बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है यूपी के ग्राम्य विकास विभाग ने केंद्र सरकार की विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना को राज्य में लागू करने का मसौदा तैयार कर लिया है। इस प्रस्ताव को जल्द ही योगी कैबिनेट में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य इस योजना को 1 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू करना है। वैसे देखा जाए तो यह योजना मनरेगा की जगह लेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर देगी। यूपी में फिलहाल मनरेगा में 2.43 करोड़ मजदूर पंजीकृत हैं, जो सभी इस नई योजना में शामिल किए जाएंगे। यह खबर उन लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए काफी राहत भरी है जो हर साल फसल की बुवाई और कटाई के बाद खाली बैठने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे सभी बेरोजगारों को सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। जिसकी तैयारी की जा रही है।

UP Berojgari Bhatta Yojana 2026

विवरणजानकारी
योजना का नामVB-G RAM G
किसने बनायाकेंद्र सरकार (संसद में 18 दिसंबर 2025 को पारित)
यूपी में लागू होने की तारीख1 जुलाई 2026 (प्रस्तावित)
रोजगार गारंटी125 दिन प्रति ग्रामीण परिवार
मजदूरी भुगतानसाप्ताहिक या 15 दिन के भीतर, सीधे बैंक खाते में
यूपी में पंजीकृत मजदूर2.43 करोड़
मसौदा तैयार किसने कियायूपी ग्राम्य विकास विभाग
कैबिनेट मंजूरीजल्द प्रस्तावित

क्या है VB-G RAM G योजना?

केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 बनाया है। यह कानून संसद के दोनों सदनों से 18 दिसंबर 2025 को पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बन चुका है। इसे पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप बनाना है इसमें ग्रामीण परिवारों को रोजगार गारंटी, आजीविका के साधन और बेहतर बुनियादी ढांचा देने पर जोर दिया गया है, यूपी के ग्राम्य विकास विभाग ने इसी कानून के आधार पर राज्य स्तरीय मसौदा तैयार किया है जो जल्द ही योगी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।

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मनरेगा से कितनी अलग है यह योजना?

मनरेगा में प्रति ग्रामीण परिवार 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, जबकि VB-G RAM G में यह बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।मनरेगा में कई बार मजदूरी के भुगतान में महीनों की देरी होती थी, लेकिन नई योजना में मजदूरी साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन के भीतर सीधे बैंक खाते में देने का प्रावधान है। इसके अलावा पूरी तरह डिजिटल भुगतान होगा और गड़बड़ियों को रोकने के लिए मजदूरों से फीडबैक भी लिया जाएगा। ग्राम पंचायतें अब विकसित ग्राम पंचायत योजनाएं तैयार करेंगी जो PM गति शक्ति के साथ जुड़ी होंगी।

बुवाई-कटाई के मौसम में मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

ध्यान देने वाली बात यह है कि फसल की बुवाई और कटाई के व्यस्त सीजन में खेतों में काम करने वाले मजदूरों के लिए 60 दिन का नो-वर्क पीरियड रखा गया है। इस दौरान जब खेतों में काम नहीं होता और मजदूर खाली रहते हैं, तब उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। शेष 305 दिनों में 125 दिन की गारंटी वाला रोजगार मिलेगा। मनरेगा में पहले से पंजीकृत सभी मजदूरों को इस योजना में शामिल किया जाएगा, साथ ही नए मजदूरों को भी जोड़ा जाएगा।यूपी में अभी मनरेगा के तहत 86.15 लाख सक्रिय जॉब कार्ड हैं।

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किन कामों को मिलेगी प्राथमिकता?

VB-G RAM G योजना में 4 विषयगत क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। पानी से जुड़े कामों और भूजल स्तर सुधार को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा कृषि से जुड़े कार्य, सड़क और कनेक्टिविटी के काम, तथा मौसम की चरम घटनाओं से बचाव के कार्य भी इसमें शामिल हैं। ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र की जरूरत के अनुसार परियोजनाएं चुन सकेंगी। कम विकसित पंचायतों को अधिक आवंटन मिलेगा। योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल सत्यापन और मजदूरों से नियमित फीडबैक लेने की व्यवस्था होगी।

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यूपी में बेरोजगार युवाओं के लिए भत्ता पुरानी और नई व्यवस्था

ग्रामीण मजदूरों के अलावा शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए भी यूपी में भत्ते की व्यवस्था रही है। पहले यूपी सेवायोजन विभाग की बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत 21 से 35 वर्ष के युवाओं को जिनके परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपए से कम हो, मासिक सहायता दी जाती थी। अब इसे मुख्यमंत्री युवा साथी योजना के नाम से जाना जाता है। आप समझ सकते हैं कि इस योजना में 12वीं पास युवाओं को ₹1,000 प्रति माह और स्नातक/स्नातकोत्तर युवाओं को ₹1,500 प्रति माह सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में दिए जाते हैं। हालांकि 2026 में इस योजना में बड़ा बदलाव करते हुए भत्ता सिर्फ रजिस्ट्रेशन से नहीं, बल्कि रोजगार मेले में भागीदारी और हर 3 महीने में पोर्टल पर रिन्यूअल से जोड़ दिया गया है। 90 दिन तक पोर्टल पर लॉगिन न करने पर भत्ता बंद हो जाता है।

यूपी में मनरेगा मजदूरों की मौजूदा स्थिति

उत्तर प्रदेश में इस समय मनरेगा के तहत कुल 2.43 करोड़ मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें से 1.82 करोड़ जॉब कार्ड जारी किए जा चुके हैं सक्रिय मजदूरों की संख्या 1.21 करोड़ है और सक्रिय जॉब कार्ड की संख्या 86.15 लाख है। ये सभी मजदूर VB-G RAM G योजना में शामिल किए जाएंगे नई योजना में उन्हें पहले से ज्यादा दिन का रोजगार मिलेगा मजदूरी समय पर मिलेगी और खाली रहने पर भत्ता भी दिया जाएगा।

यूपी में योजना की मौजूदा स्थिति
श्रेणीसंख्या
कुल पंजीकृत मजदूर2.43 करोड़
जारी जॉब कार्ड1.82 करोड़
सक्रिय मजदूर1.21 करोड़
सक्रिय जॉब कार्ड86.15 लाख

कब और कैसे मिलेगा बेरोजगारी भत्ता?

यूपी के ग्राम्य विकास विभाग ने मसौदा तैयार कर लिया है और योगी कैबिनेट से जल्द मंजूरी लेने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने इस योजना को पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू करने की तारीख तय की है। उसी के अनुसार यूपी में भी इसे जुलाई से लागू किया जाएगा। मजदूरों को किसी नए जॉब कार्ड की जरूरत नहीं होगी मनरेगा के मौजूदा जॉब कार्ड ही मान्य रहेंगे। मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक खाते में होगा और पूरी प्रक्रिया डिजिटल रखी जाएगी।

Sangam Patel

Sangam Patel is a Content Writer at StaffTak.in. He writes on government employee news, teacher updates, pension, service rules, recruitment, and welfare schemes, helping readers stay informed with clear and reliable information.

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