Anganwadi Salary Hike: देशभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता मानदेय बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को सरकार के समक्ष रखती रही हैं, उत्तर प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मानदेय बढ़ोतरी की घोषणा कर चुके हैं। दूसरे राज्यों में भी यह कार्यकर्ता अपनी सैलरी को बढ़ाने को लेकर धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इसी बीच आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं के साथ आशा कार्यकर्ताओं के लिए भी केरल की नई सरकार में बड़ा निर्णय लेते हुए मानदेय बढ़ोतरी की गई है। बता दें केरल में नई सरकार द्वारा मुख्यमंत्री की शपथ लेते ही कैबिनेट बैठक आयोजित की गई जिसमें आंगनवाड़ी कर्मचारी, आशा कर्मचारी और प्री प्राइमरी शिक्षकों के मानदेय में ₹3000 तक की बढ़ोतरी की गई है।
पहली कैबिनेट में बढ़ाया गया मानदेय
केरल में जैसे ही नई सरकार गठित की गई और पहली कैबिनेट मीटिंग आयोजित की गई जिसमें इन कर्मचारियों की लंबी समय से चली आ रही मांगों को पूरा करते हुए मानदेय बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले के बाद राज्य के लाखों आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें हर महीने पहले से अधिक सैलरी मिलेगी। यह बढ़ोतरी ₹1000 से लेकर ₹3000 तक पदों के अनुसार अलग-अलग की गई है। प्री प्राइमरी शिक्षा के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और प्री प्राइमरी टीचर्स का मानदेय बढ़ाया गया है तो स्वास्थ्य व्यवस्था में सहयोग करने वाली आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है।
| कर्मचारी | मानदेय बढ़ोतरी |
|---|---|
| आशा कार्यकर्ता | ₹3000 |
| आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | ₹1000 |
| प्री प्राइमरी शिक्षक | ₹1000 |
| रसोइया हेल्पर / सहायक | ₹1000 |
किसका कितना बढ़ाया गया मानदेय
सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के बाद आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹3000 की बढ़ोतरी की गई है। वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सैलरी में ₹1000 की बढ़ोतरी की गई है। वहीं प्री प्राइमरी शिक्षकों और रसोइया हेल्पर के मानदेय में भी ₹1000 बढ़ाए गए हैं। आशा कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सेवाएं दे रही हैं जो कि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जा रही हैं इसलिए सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में सबसे अधिक बढ़ोतरी की है। केरल सरकार द्वारा ₹3000 की मानदेय बढ़ोतरी का यह निर्णय आशा कार्यकर्ताओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए लिया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तरह सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता यानी मानदेय दिया जाता है जो अलग-अलग राज्य सरकारें अपनी पॉलिसी के अनुसार निर्धारित करती हैं। यह बढ़ोतरी आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगी।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों के मानदेय में ₹1000 की बढ़ोतरी
आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ोतरी के साथ-साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और प्री प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के मानदेय में भी ₹1000 की बढ़ोतरी की गई है। कैबिनेट बैठक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और प्री प्राइमरी शिक्षकों तथा इसमें काम करने वाले समस्त स्टाफ जैसे कि रसोइया सहायक और रसोइया के मानदेय में भी समान रूप से बढ़ोतरी की गई है यानी इन सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के मानदेय में ₹1000 बढ़ाए गए हैं। इन सभी कर्मचारियों का काम काफी महत्वपूर्ण भूमिका वाला होता है लेकिन इन कर्मचारियों को काफी कम मानदेय मिल रहा है। वहीं प्री प्राइमरी शिक्षक भी छोटे बच्चों की शिक्षा की नींव रखते हैं। अब इन सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को मानदेय बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।
यूपी में भी आशा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को इंतजार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार होली पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इससे पहले उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी भी की गई है। अब आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय बढ़ोतरी का इंतजार है। बता दें उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है जहां इन कार्यकर्ताओं की संख्या सबसे अधिक है यानी लाखों में हैं। अगर सरकार द्वारा इन कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की जाती है तो महिला कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार देखने को मिलेगा। हालांकि कर्मचारियों को सरकार के आधिकारिक आदेश की प्रतीक्षा है।






