UP Contact Employees Salary Hike Update: उत्तर प्रदेश के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों और तमाम आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधानमंडल के मानसून सत्र के शुभारंभ से पहले पत्रकारों से बातचीत में साफ कहा कि सरकार अगले एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर आउटसोर्स सेवा आयोग यानी आउटसोर्स कमीशन लागू करने जा रही है। इसके तहत प्रदेशभर में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मियों के लिए न्यूनतम मानदेय तय किया जाएगा, जिससे लंबे समय से कम वेतन को लेकर उठ रही मांगों पर असर पड़ेगा। सीएम ने यह भी बताया कि आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, रसोइयों तथा ग्राम चौकीदारों के मानदेय में सुधार के लिए अनुपूरक बजट का सहारा लिया गया है, यानी इसके लिए अलग से बजटीय व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है।
आउटसोर्स कमीशन से किसे और कैसे मिलेगा फायदा
सीएम योगी की इस घोषणा का सीधा असर उन लाखों कर्मचारियों पर पड़ेगा जो अलग-अलग विभागों में आउटसोर्स के जरिए काम कर रहे हैं और जिनका मानदेय अभी तक तय मानकों के हिसाब से नहीं मिल पाता था। आउटसोर्स कमीशन बनने के बाद इन कर्मियों की भर्ती, तैनाती और भुगतान की प्रक्रिया एक निश्चित ढांचे के तहत होगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका सीमित होगी और कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिल सकेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और शोषण की शिकायतों को कम करने के मकसद से उठाया जा रहा है। आंगनबाड़ी, आशा, रसोइया और ग्राम चौकीदार जैसे पदों पर काम कर रहे कर्मचारी लंबे समय से न्यूनतम मानदेय और नियमित भुगतान की मांग करते रहे हैं, ऐसे में यह घोषणा उनके लिए उम्मीद की किरण की तरह देखी जा रही है। अगले एक-दो सप्ताह में इसकी औपचारिक अधिसूचना आने की संभावना है।
अनुपूरक बजट से पहले ही हो चुकी है तैयारी
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं, रसोइयों और ग्राम चौकीदारों को उचित मानदेय दिलाने के लिए सरकार ने पहले ही अनुपूरक बजट के जरिए वित्तीय व्यवस्था कर ली है। इसका मतलब है कि आउटसोर्स कमीशन के लागू होने के साथ ही मानदेय बढ़ोतरी को लेकर फंड की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। सरकार का यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के पोषण, टीकाकरण और शुरुआती शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों में जमीनी स्तर पर काम करती हैं, जबकि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का जिम्मा संभालती हैं। इन दोनों वर्गों के मानदेय को लेकर लंबे समय से मांगें उठती रही हैं। सीएम ने विधानसभा सत्र की शुरुआत में इस विषय को प्राथमिकता से उठाकर यह संकेत दिया है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से आगे बढ़ रही है।
एक डेढ़ सप्ताह में शुरू होगा आउटसोर्स कमिशन
मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की है जिसके अनुसार सरकार एक डेढ़ सप्ताह में आउटसोर्स कर एम कमिश्नर को लागू करेगी और इसके लागू होते ही न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित किया जाएगा आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं रसोइयों और ग्राम चौकीदारों को भी उचित मानदेय दिए जाने की तैयारी है वहीं आउटसोर्स कर्मचारी को न्यूनतम वेतन 16000 रुपए से अधिकतम 45000 रुपए तक दिए जाने की योजना है।
कितना मिलता है आउटसोर्स कर्मचारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय
उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय की बात की जाए तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को ₹8000 महीना जबकि सहायता को ₹4000 महीना मानदेय के तौर पर दिया जाता है। वहीं इंसेंटिव के तौर पर भी कुछ पैसे इन कार्यकर्ताओं को मिलते हैं वहीं उत्तर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी की बात की जाए तो सैकड़ो विभागों में लाखों की संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी कार्य कर रहे हैं और इनको वर्तमान में 10000 से लेकर 15000 के बीच मानदेय मिल रहा है। साथी इन कर्मचारियों को ठेकेदार या एजेंसी के माध्यम से वेतन मिलता है जिसमें काफी कटौती भी देखने को मिलती है इन सभी परेशानियों को देखते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आउटडोर कर्मचारी काफी लंबे समय से सैलरी बढ़ोतरी की मांग करते आ रहे हैं वहीं आशा कार्यकर्ताओं की बात करें तो उन्हें भी काफी कम मंडे मिलता है अधिकतर उन्हें कार्य के आधार पर ही भुगतान किया जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी कई बार आउटडोर कर्मचारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ोतरी को लेकर बयान जारी कर चुके हैं और विधानसभा सत्र में एक बार फिर से उन्होंने कहा है की डेड सप्ताह के अंदर आउटसोर्स कर्मचारी को आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से सुविधा मिलेगी वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय भी बढ़ाया जाएगा फिलहाल अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना या विभागीय आदेश जारी नहीं किया गया है।


