संविदा अनुदेशकों को मिलेगा 9-9 लाख रुपये एरियर, नियमतिकरण की जगी उम्मीद UP Anudeshak Regularization and Arrear

|
On: July 25, 2026
Join WhatsApp
Join Now

UP Anudeshak Regularization and Arrear: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित जूनियर हाई स्कूलों में कार्यरत 24000 से अधिक अनुदेशकों को पिछले 9 साल का एरियर मिलने और उनके नियमितीकरण की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार की पुनर्विचार याचिका, यानी कि रिव्यू पिटिशन, और इसके साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में डाली गई सभी मॉडिफिकेशन एप्लीकेशन खारिज कर दी गई थीं। इसके बाद उत्तर प्रदेश के लगभग 25000 अनुदेशकों में काफी खुशी का माहौल है। साथ ही इसे जल्द लागू करने की मांग भी अनुदेशकों द्वारा शुरू हो गई है। वहीं इन अनुदेशकों को 9-9 लाख रुपए एरियर भी मिलेगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों के इस मामले को लेकर 4 फरवरी 2026 को आदेश पारित किया था, जिसमें यही आदेश दिया था, लेकिन सरकार ने इस आदेश को मॉडिफाई करने के लिए पुनर्विचार याचिका और मॉडिफिकेशन याचिका दाखिल की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सभी याचिकाओं को निरस्त करते हुए अनुदेशकों के लिए यह बड़ा आदेश दिया गया है।

₹7000 मिलता था मानदेय

सुप्रीम कोर्ट ने जो पहले आदेश दिया था, उसमें साफ तौर पर कहा था कि एक दशक से अधिक समय से इन संविदा पर कार्यरत अनुदेशकों को केवल ₹7000 का मासिक मानदेय ही दिया जा रहा है, जो कि एक तरह से बिल्कुल ही अनुचित है। इसके अलावा 2017 और 2018 से ₹17000 मासिक मानदेय देने और उस समय से एरियर का भुगतान करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन सरकार मानदेय के अलावा एरियर देने के पक्ष में नहीं थी और ना ही इनके नियमितीकरण को लेकर सहमत थी। इसीलिए सरकार द्वारा पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी। अनुदेशकों द्वारा उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करने की मांग की जा रही है, जिससे उन्हें जल्द से जल्द यह लाभ मिल सके।

क्या अनुदेशकों का होगा नियमितीकरण

सुप्रीम कोर्ट ने 4 फरवरी को जो आदेश दिया था, उसमें उनके नियमितीकरण को लेकर भी निर्देश दिया था, यानी कि उनके पद को स्थाई किया जाए और इनके मानदेय में भी बढ़ोतरी की जाए। ऐसे में अनुदेशकों द्वारा स्थाईकरण के आदेश का पालन करके जल्द से जल्द शासनादेश जारी करने की मांग की जा रही है। सरकार द्वारा अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अनुदेशकों का स्थाईकरण होगा या नहीं, क्योंकि मानदेय पर निर्णय पहले ही हो चुका है और इनका मानदेय बढ़ाया जा चुका है। साथ ही इसको लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की ओर से कहा गया है कि इस मामले में शासन स्तर पर विधिक परामर्श लिया जाएगा। शासन के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। अगर अनुदेशकों का स्थाईकरण होता है, तो उनके लिए एक बहुत बड़ी जीत होगी, क्योंकि काफी लंबे समय से कम मानदेय पर यह अनुदेशक पूरे समय शिक्षकों के साथ ही मिलकर बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।

14 साल पहले सर्व शिक्षा अभियान से हुई नियुक्ति

उत्तर प्रदेश के जूनियर स्कूलों में कार्य करने वाले यह अनुदेशक एक तौर पर अंशकालिक शिक्षक के तौर पर नियुक्त किए गए हैं। इन्हें स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा, कला शिक्षा और कार्य अनुभव जैसे वोकेशनल विषयों को पढ़ाने के लिए रखा गया है। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यालयों में इन अनुदेशकों की नियुक्ति की गई है। यह ऐसे शिक्षक हैं, जो कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को विशेष विषयों के लिए ही रखे गए हैं, जिसमें मुख्य तौर पर कला, शारीरिक शिक्षा और कार्य अनुभव मुख्य तौर पर शामिल हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत जिन उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 100 से अधिक पढ़ने वाले छात्र हैं, वहां एक अनुदेशक रखने की व्यवस्था की गई है।

वहीं उनकी नियुक्ति प्रक्रिया और शैक्षिक योग्यता की बात की जाए, तो स्नातक और बीटीसी या बीएड या फिर अन्य निर्धारित प्रशिक्षण योग्यता वोकेशनल कोर्स के अनुसार होनी चाहिए। इनका चयन बिना किसी लिखित परीक्षा के केवल मेरिट के आधार पर किया जाता है। इनकी नियुक्ति अंशकालिक और कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर की जाती है। इसकी शुरुआत 2011-12 के दौरान की गई थी।

एक बार फिर होगी इन अनुदेशकों की नई नियुक्तियां

जैसा कि बता दें, काफी लंबे समय से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अनुदेशकों की नियुक्तियों पर रोक लगी हुई थी। काफी लंबे समय से कोई भी नियुक्ति अनुदेशक की नहीं हुई है। लेकिन अब अनुदेशकों की तैनाती की जाएगी। ऐसे स्कूल, जहां 100 से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, उन स्कूलों में कला शिक्षा और कार्य शिक्षा के लिए एक-एक अंशकालिक अनुदेशक रखा जाएगा। लगभग 2000 अनुदेशकों की नियुक्ति प्रस्तावित है। शासन ने रिक्त पदों का विवरण मांगा है। जैसे ही विवरण प्राप्त होगा, इसके बाद रिक्त पदों पर अनुदेशकों की तैनाती शुरू होगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Sangam Patel

Sangam Patel is a Content Writer at StaffTak.in. He writes about Teacher Recruitment, Government Jobs, Education News, Scholarships, Admit Cards, Results, and Admissions, providing accurate and reliable updates from official sources.