रेल मंत्रालय ने रेलवे कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना यानी UPS के नियम 2026 लागू कर दिए हैं। यह व्यवस्था उन कर्मचारियों के लिए है, जिनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2004 के बाद हुई है। मंत्रालय ने 29 सितंबर को जारी पत्र संख्या RBE 76/2026 में इसके नियम और दिशा-निर्देश स्पष्ट किए हैं। इसके तहत पेंशन, पारिवारिक पेंशन, रिटायरमेंट पर एकमुश्त रकम और NPS के विकल्पों से जुड़े बदलाव किए गए हैं। नीचे सेवा के सालों के हिसाब से पेंशन का गणित, पारिवारिक पेंशन और एकमुश्त रकम का अनुमान उदाहरण के साथ समझाया गया है।
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | एकीकृत पेंशन योजना (UPS) नियम, 2026 |
| आदेश | रेल मंत्रालय, RBE 76/2026 (29 सितंबर) |
| किन पर लागू | 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त रेलवे कर्मचारी |
| पूरी पेंशन के लिए सेवा | 25 साल की नियमित सेवा |
| न्यूनतम पेंशन | कम से कम 10 साल की सेवा पर 10,000 रुपये महीना |
| अंशदान | बेसिक पे + DA का 10% कर्मचारी और 10% रेलवे |
| पारिवारिक पेंशन | सुनिश्चित पेंशन का 60% |
सेवा के सालों से कैसे तय होगी पेंशन
पेंशन की रकम इस पर टिकी है कि कर्मचारी ने कितने साल नौकरी की। जिसने 25 साल की नियमित सेवा पूरी की, उसे रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीनों के औसत बेसिक पे का 50 प्रतिशत हर महीने पेंशन के रूप में मिलेगा। सेवा 10 से 25 साल के बीच हो तो पेंशन उसी अनुपात में घटकर तय होगी। यानी नौकरी जितनी कम, पेंशन का प्रतिशत उतना कम। जिन कर्मचारियों ने कम से कम 10 साल की अर्हकारी सेवा की है, उनके लिए 10,000 रुपये महीने की न्यूनतम पेंशन का पक्का प्रावधान रखा गया है।
60,000 रुपये औसत बेसिक पर कितनी बनेगी
मान लीजिए रिटायरमेंट से पहले के 12 महीनों का औसत बेसिक पे 60,000 रुपये है। तब 25 साल की सेवा पर 30,000 रुपये महीना पेंशन बनेगी। नीचे की तालिका में 15 साल की सेवा का अनुमान भी दिखाया गया है। यह हिसाब “सेवा के अनुपात में पेंशन” वाले नियम को सीधे गणित में लगाकर निकाला गया है, इसलिए इसे मोटा अंदाजा ही मानें। असली रकम आपके विभाग के पेंशन कैलकुलेशन से तय होगी, जिसमें आदेश की बारीकियां भी जुड़ेंगी।
| सेवा अवधि | पेंशन का हिस्सा | मासिक पेंशन |
|---|---|---|
| 25 साल | 50% | 30,000 रुपये |
| 15 साल | 30% (15/25 × 50%) | 18,000 रुपये |
| परिवार को (25 साल वाले की मृत्यु पर) | पेंशन का 60% | 18,000 रुपये |
रिटायरमेंट पर मिलने वाली एकमुश्त रकम
मासिक पेंशन के अलावा रिटायरमेंट पर एक बार में भी रकम दी जाएगी। इसका हिसाब हर पूरे 6 महीने की सेवा पर लगता है। प्रत्येक 6 महीने की सेवा के बदले आखिरी बेसिक पे और महंगाई भत्ते के कुल योग का दसवां हिस्सा जुड़ता है। उदाहरण के लिए 25 साल में 50 अवधियां पूरी होती हैं, यानी कुल रकम बेसिक और DA के योग के पांच गुना के बराबर बैठती है। अगर आखिरी बेसिक और DA मिलाकर 1 लाख रुपये हो, तो यह रकम करीब 5 लाख रुपये बनेगी। यह भी सामान्य गणित से निकाला गया उदाहरण है।
कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार को क्या मिलेगा
अगर किसी पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाए, तो उसके आश्रित परिवार को पेंशन का 60 प्रतिशत हिस्सा पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलेगा। यहां आधार कर्मचारी की सुनिश्चित पेंशन है। पहले दिए उदाहरण में 30,000 रुपये की पेंशन पर परिवार को हर महीने 18,000 रुपये मिलेंगे। इस प्रावधान का मतलब है कि कर्मचारी के न रहने पर भी परिवार की आमदनी पूरी तरह बंद नहीं होगी। पारिवारिक पेंशन पाने वालों की पात्रता और प्रक्रिया की बारीकियां रेलवे के पेंशन नियमों के हिसाब से तय होंगी।

अंशदान और NPS में वापसी का मौका
UPS में बेसिक पे और महंगाई भत्ते के योग का 10 प्रतिशत कर्मचारी देगा और इतना ही रेलवे। यानी 60,000 रुपये के बेसिक और DA के योग पर कर्मचारी का हिस्सा हर महीने 6,000 रुपये और रेलवे का भी 6,000 रुपये बनेगा। साथ ही पेंशन फंड नियामक PFRDA के नए निर्देशों के तहत NPS अंशदाताओं को निवेश पर ज्यादा नियंत्रण देने के लिए ऑटोमैटिक और एक्टिव विकल्प दिए गए हैं। जो कर्मचारी UPS चुनेंगे, उन्हें पूरी सेवा के दौरान एक बार वापस NPS में लौटने का मौका भी मिलेगा।









