2025-26 में स्नातक पास करने वाली मेधावी छात्राओं को मिलेगा लाभ
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत सभी छात्राओं को स्कूटी नहीं दी जाएगी, बल्कि निर्धारित नियमों के अनुसार मेधावी छात्राओं का चयन किया जाएगा। योजना में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं को शामिल किया गया है। उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार संबंधित उच्च शिक्षण संस्थान की स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं में से शीर्ष 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं का चयन मेरिट के आधार पर किया जाना है। इसमें राज्य विश्वविद्यालयों के साथ उनसे संबद्ध राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित डिग्री कॉलेजों की छात्राएं भी शामिल हैं। योजना का मकसद केवल वाहन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और रोजगार के लिए आने-जाने में सुविधा देना भी है।
शहीद परिवार, निराश्रित और दिव्यांग छात्राओं को भी राहत
योजना में कुछ विशेष श्रेणी की छात्राओं के लिए भी प्रावधान किया गया है। शहीद परिवारों की बेटियों, निराश्रित छात्राओं और दिव्यांग छात्राओं को चयन प्रक्रिया में विशेष राहत देने की व्यवस्था बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ऐसी छात्राओं को मेरिट में निर्धारित अंकों की छूट मिल सकती है, जिससे कम अंक होने के बावजूद उन्हें योजना के दायरे में आने का अवसर मिलेगा। सरकार ने स्कूटी को पेट्रोल चालित रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ हेलमेट, पंजीकरण, बीमा, आवश्यक एक्सेसरीज और शुरुआती तौर पर चार लीटर पेट्रोल जैसी सुविधाएं दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने स्कूटी की खरीद प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
छात्रवृत्ति के साथ सरकार ने 50 हजार स्कूटी का किया ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी कार्यक्रम में प्रदेश के 4,60,559 विद्यार्थियों के बैंक खातों में 148.04 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी। इनमें पिछड़ा वर्ग के 2,23,615, अनुसूचित जाति के 1,59,959, सामान्य वर्ग के 38,084 और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थी शामिल हैं। योजना में कक्षा 9-10 और दशमोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस वर्ष करीब 70 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराना है। तकनीकी समस्या के कारण छात्रवृत्ति से वंचित करीब चार लाख विद्यार्थियों को भी लाभ पहुंचाया जा रहा है। आवेदन से भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होने से बिचौलियों की भूमिका खत्म करने पर जोर दिया गया है।
आवेदन करना होगा क्या?
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए छात्राओं को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पात्र छात्राओं की जानकारी संबंधित कॉलेज और विश्वविद्यालयों के माध्यम से जुटाई जाएगी तथा संस्थान अपनी छात्राओं की मेरिट के आधार पर सूची तैयार करेंगे। इसके बाद पात्रता और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित स्तर पर किया जाएगा। यानी किसी वेबसाइट पर जाकर अलग से फॉर्म भरने या किसी एजेंट को पैसे देने की जरूरत नहीं है। छात्राओं को अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय से अपनी मेरिट सूची और दस्तावेज सत्यापन की स्थिति की जानकारी लेते रहना चाहिए। सरकार ने योजना के तहत करीब 50 हजार मेधावी बेटियों को अगले महीने स्कूटी देने की घोषणा की है।










