चार श्रेणियों में मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय
नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों को उनकी श्रेणी के हिसाब से न्यूनतम मानदेय मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार चारों श्रेणियों के लिए अलग-अलग रकम तय की गई है। जिन कर्मचारियों को पहले से तय न्यूनतम रकम से अधिक मानदेय मिल रहा है, उन्हें उसी दर पर भुगतान मिलता रहेगा। यानी नई व्यवस्था के कारण पहले से अधिक मानदेय पाने वाले कर्मचारियों की रकम कम नहीं होगी।
| कर्मचारी की श्रेणी | न्यूनतम मानदेय प्रति माह |
|---|---|
| श्रेणी-1 | ₹40,000 |
| श्रेणी-2 | ₹25,000 |
| श्रेणी-3 | ₹22,000 |
| श्रेणी-4 | ₹20,000 |
सितंबर से बढ़े मानदेय का मिल सकता है लाभ
बढ़ी हुई दर से मानदेय देने की शुरुआत सितंबर महीने से किए जाने की तैयारी है। रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर महीने का मानदेय नवंबर में मिलने पर कर्मचारियों को सितंबर महीने का एरियर भी साथ दिया जा सकता है। इससे दिवाली से पहले कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय और बकाया राशि मिलने की संभावना है। बढ़े मानदेय के भुगतान की तारीख को लेकर शासन स्तर पर तैयारी की गई है। अंतिम तारीख और भुगतान की पूरी प्रक्रिया सरकार की ओर से जारी होने वाले आदेश में साफ होगी।
बिजली विभाग के कर्मचारियों को जोड़ने पर संख्या 3.50 लाख से ज्यादा
सचिवालय प्रशासन विभाग के मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग विभागों में करीब 2.70 लाख कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं। इनमें बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों को भी जोड़ दिया जाए तो यह संख्या 3.50 लाख से अधिक हो जाएगी। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बढ़े मानदेय का लाभ मिलने की संभावना है। सितंबर महीने से ही बढ़ी दर का लाभ देने की तैयारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कर्मचारियों को दिवाली से पहले अतिरिक्त राशि मिल सकती है।
यूपी कास के जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था
2 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आउटसोर्स सेवा निगम यानी यूपी कास के कार्यालय, पोर्टल और वेबसाइट का शुभारंभ किया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि प्रदेश की विकास यात्रा में स्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें उनकी गरिमा के अनुसार सम्मान और सुरक्षा मिले। यूपी कास की व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय और दूसरी सुविधाओं को बेहतर तरीके से देने पर जोर दिया जा रहा है।

हर महीने की पांच तारीख तक मिलेगा मानदेय
यूपी कास की व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों को हर महीने की पांच तारीख तक मानदेय देने की बात कही गई है। इसके अलावा कर्मचारियों को मेडिकल अवकाश की सुविधा भी मिलेगी। कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में इलाज की सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ईपीएफ और ईएसआईसी जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। इन व्यवस्थाओं से कर्मचारियों को समय पर मानदेय के साथ इलाज और दूसरी जरूरी सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ होगा।
महिला कर्मचारियों को 180 दिन का मातृत्व अवकाश
नई व्यवस्था में महिला आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी अहम सुविधा दी जा रही है। महिला कर्मचारियों को 180 दिन का मातृत्व अवकाश मिलेगा। इसके अलावा लंबे समय तक काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन की भी व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को पेंशन लाभ मिलेगा। पेंशन की रकम 1000 रुपये से लेकर 7500 रुपये तक हो सकती है। इससे लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को आगे आर्थिक मदद मिल सकेगी।
सरकार के आदेश के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित बदलाव में मानदेय बढ़ाने के साथ समय पर भुगतान और कई दूसरी सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। करीब 2.70 लाख कर्मचारियों और बिजली विभाग के कर्मचारियों को जोड़ने पर 3.50 लाख से अधिक लोगों तक इसका असर पहुंच सकता है। सितंबर से बढ़ा मानदेय लागू होने पर नवंबर में मिलने वाले अक्टूबर के भुगतान के साथ सितंबर का एरियर भी मिलने की संभावना है। अब कर्मचारियों की नजर सरकार के आधिकारिक आदेश पर है। आदेश जारी होने के बाद बढ़े मानदेय, एरियर के भुगतान और बाकी सुविधाओं की पूरी जानकारी स्पष्ट हो जाएगी।









