UP Junior Aided School Bharti 2026: प्रदेश के जूनियर एडेड स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती का रास्ता आखिरकार खुलता दिख रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग को अलग-अलग जिलों से करीब 1800 रिक्त पदों का ब्योरा मिल चुका है। इनमें प्रधानाध्यापक के करीब 1500 और सहायक अध्यापक के करीब 300 पद शामिल हैं। यह खबर शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत लेकर आई है। इस भर्ती पर प्रदेश भर के अभ्यर्थियों की नजर टिकी है और विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि अभी आवेदन शुरू होने की तारीख और पाठ्यक्रम जैसी जानकारियां सामने नहीं आई हैं। भर्ती से जुड़ी हर अहम बात आगे विस्तार से बताई गई है।
कितने स्कूलों में होगी भर्ती
प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों की कुल संख्या 3046 है। इनमें से 946 स्कूल ऐसे हैं जिन्हें उच्चीकृत किया जा चुका है। इसलिए इन स्कूलों को इस भर्ती से अलग रखा गया है। बाकी बचे 2100 स्कूलों के लिए ही यह भर्ती प्रक्रिया लागू होगी। जिन स्कूलों में पद रिक्त हैं और जहां भर्ती होनी है, उनकी पूरी जानकारी जिलों से जुटाई जा रही है। पूरी प्रक्रिया सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल भर्ती अधिनियम-1978 के सातवें संशोधन-2019 के तहत कराई जाएगी। यानी भर्ती के नियम इसी अधिनियम के अनुसार तय होंगे, इसलिए अभ्यर्थी इसे ध्यान से पढ़ लें।
पहली बार आयोग कराएगा परीक्षा
जूनियर एडेड स्कूलों की भर्ती परीक्षा पहली बार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के जरिए कराई जाएगी। इससे पहले यह परीक्षा परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से आयोजित कराई गई थी। प्रक्रिया की शुरुआत जिलों से आए रिक्त पदों की मांग यानी अधियाचन से हुई है। लगभग सभी जनपदों से प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के रिक्त पदों के अधियाचन बृहस्पतिवार देर शाम तक बेसिक शिक्षा विभाग को मिल चुके हैं। अब विभाग इन अधियाचनों का परीक्षण करेगा और इसे निदेशक को भेजेगा। निदेशक की ओर से इसे आयोग को भेजा जाएगा। इसके बाद भर्ती की आगे की कार्रवाई आयोग के स्तर पर होगी।
5 से 7 अक्टूबर को बुलाए गए बीएसए
पांच से सात अक्टूबर के बीच प्रदेश के सभी जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निदेशालय बुलाया गया है। जिलों के अधिकारी अलग-अलग तीन दिनों में वहां पहुंचेंगे। वे अपने साथ उन स्कूलों की पूरी डिटेल और अभिलेख लेकर आएंगे, जहां पद खाली हैं और भर्ती होनी है। इससे पदों के आंकड़ों का मिलान हो सकेगा। विभाग ने खास तौर पर वर्ष 2021 के बाद खाली हुए पदों का विवरण मंगाया है। सभी जिलों का रिकॉर्ड आने और जांच पूरी होने के बाद एक पोर्टल तैयार किया जाएगा। इसी पोर्टल की मदद से पूरा ब्योरा आगे भेजने की तैयारी है।
पांच साल बाद शुरू हो रही भर्ती
प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक पदों के लिए करीब पांच साल बाद भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई है। प्रतियोगी छात्र लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे। इससे पहले वर्ष 2021 में इन्हीं पदों के लिए करीब 1800 पदों का विज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन मामला कोर्ट में चला गया। इसके बाद वर्ष 2026 में 65 प्रधानाध्यापक और 622 सहायक अध्यापक पदों पर नियुक्ति दे दी गई। शेष पदों पर अब तक नियुक्ति नहीं हो पाई है। अब नए सिरे से भर्ती शुरू हो रही है। जिन अभ्यर्थियों को पिछली बार मौका नहीं मिल सका, उनके लिए यह नई उम्मीद है। हालांकि भर्ती कब तक पूरी होगी, यह अभी साफ नहीं है।
अभ्यर्थी अभी क्या करें
फिलहाल आयोग की ओर से न तो विज्ञापन जारी हुआ है और न ही आवेदन की तारीख घोषित की गई है। योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क और परीक्षा पैटर्न जैसी जानकारियां विज्ञापन आने के बाद ही साफ होंगी। तब तक अभ्यर्थी अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और पहचान पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। शिक्षण से जुड़ी डिग्रियों और अंकपत्रों की जांच भी अभी कर लें, ताकि आवेदन के समय कोई दिक्कत न आए। भर्ती से जुड़ी हर नई सूचना के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।










