सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बीएड शिक्षकों का ब्रिज कोर्स जल्द, एक साल में पूरा करना होगा कोर्स BEd Bridge Course

BEd Bridge Course : प्राथमिक स्कूलों में बीएड डिग्री के आधार पर नियुक्त हुए सहायक अध्यापकों के लिए अनिवार्य ब्रिज कोर्स अब जल्द शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान यानी एनआईओएस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह कोर्स तैयार किया है, जिसे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई की मान्यता मिली हुई है। यह छह महीने का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसे पूरा करना उन सभी शिक्षकों के लिए जरूरी होगा जिन्होंने बीएड डिग्री के दम पर प्राथमिक स्तर पर नौकरी पाई है। लंबे समय से इस कोर्स को लेकर असमंजस बना हुआ था, लेकिन अब तैयारी पूरी हो जाने के बाद जल्द ही ट्रेनिंग शुरू होने की उम्मीद है। यह खबर उन हजारों शिक्षकों के लिए अहम है जो इस अनिवार्य प्रशिक्षण का इंतजार कर रहे थे और जिनकी नौकरी इस कोर्स को पूरा करने से जुड़ी हुई है।

देशभर से 66154 शिक्षकों ने किया आवेदन, यूपी सबसे आगे

इस अनिवार्य ब्रिज कोर्स के लिए देशभर से अब तक कुल 66,154 शिक्षकों ने आवेदन कर दिया है। इनमें सबसे ज्यादा आवेदन उत्तर प्रदेश से आए हैं, जहां के 33,640 शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यानी अकेले यूपी के शिक्षकों की संख्या ही कुल आवेदकों की आधी से ज्यादा है। इसके बाद मध्य प्रदेश का नंबर आता है, जहां से 10,650 शिक्षकों ने आवेदन किया है। बिहार से 7,569, पश्चिम बंगाल से 6,627, असम से 1,376 और छत्तीसगढ़ से 1,208 शिक्षकों ने भी इस कोर्स के लिए आवेदन जमा किया है। इन आंकड़ों से साफ है कि यह मामला किसी एक राज्य तक सीमित नहीं बल्कि देशभर के प्राथमिक शिक्षकों से जुड़ा हुआ है, और उत्तर प्रदेश में इसका असर सबसे ज्यादा शिक्षकों पर पड़ने वाला है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षकों को करना होगा कोर्स

दरअसल शिक्षकों के इस प्रशिक्षण को लेकर राज्यों से चार महीने पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन कुछ शिक्षकों ने ब्रिज कोर्स से छूट दिए जाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल कर रखी थीं। अब इन सभी याचिकाओं का निस्तारण हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि 28 जून 2018 के बाद और 11 अगस्त 2023 से पहले जिन बीएड डिग्रीधारी सहायक अध्यापकों की प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति हुई है, उन सभी को यह ब्रिज कोर्स पूरा करना अनिवार्य होगा। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब किसी भी शिक्षक के लिए इस प्रशिक्षण से बचने का कोई रास्ता नहीं बचा है। यही वजह है कि इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों ने प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर दिया है, ताकि समय रहते यह प्रक्रिया पूरी की जा सके।

एक साल के भीतर पूरा करना होगा कोर्स वरना नियुक्ति होगी अमान्य

सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह भी साफ किया गया है कि जिन शिक्षकों पर यह कोर्स लागू होता है, उन्हें कोर्स शुरू होने की तारीख से एक साल के भीतर इसे एक ही बार में पूरा करना होगा। इसका मतलब है कि बीच में कोर्स छोड़कर बाद में फिर से शुरू करने की छूट नहीं मिलेगी। अगर कोई शिक्षक तय समय सीमा में यह प्रशिक्षण पूरा नहीं करता है, तो उसकी नियुक्ति ही अमान्य मानी जाएगी। यानी नौकरी बचाए रखने के लिए हर पात्र शिक्षक को यह कोर्स पूरी गंभीरता से और समय पर पूरा करना होगा। इस सख्त शर्त की वजह से ही ज्यादातर शिक्षकों ने बिना देर किए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली है, क्योंकि इसका सीधा असर उनकी नौकरी की स्थिरता पर पड़ने वाला है।

एनआईओएस की तैयारी पूरी जल्द होगी कोर्स की शुरुआत

नोएडा स्थित एनआईओएस मुख्यालय के सक्षमता निर्माण प्रकोष्ठ के उपनिदेशक आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि ब्रिज कोर्स शुरू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल 2024 को इस प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से कराने का आदेश दिया था, जिसके बाद से एनआईओएस लगातार इस पर काम कर रहा था। अब छह महीने का यह विशेष पाठ्यक्रम राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की ओर से कराया जाएगा। चूंकि इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों ने आवेदन किया है, इसलिए माना जा रहा है कि कोर्स की शुरुआत जल्द ही की जाएगी। जो शिक्षक इस कोर्स के दायरे में आते हैं, उन्हें आने वाले दिनों में एनआईओएस की ओर से इससे जुड़ी आधिकारिक जानकारी और शेड्यूल का इंतजार करना चाहिए, ताकि वे समय पर प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू कर सकें।

Sangam Patel

Sangam Patel is a Content Writer at StaffTak.in. He writes about Teacher Recruitment, Government Jobs, Education News, Scholarships, Admit Cards, Results, and Admissions, providing accurate and reliable updates from official sources.

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