UP Special TET 2026: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों और दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने वाले विशेष शिक्षकों (CWSN) के लिए बड़ी खबर सामने आई है। शासन ने स्पेशल टीईटी (Special TET) परीक्षा आयोजित कराने की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। यह परीक्षा उन शिक्षकों के लिए होगी जो पहले से स्कूलों में पढ़ा तो रहे हैं, लेकिन अभी तक टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज को इस परीक्षा को शीर्ष प्राथमिकता पर पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।
UP Special TET 2026 Overview
| परीक्षा का नाम | Special Teacher Eligibility Test (Special TET) |
| आयोजक संस्था | उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज |
| विभाग | बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश |
| पात्र वर्ग | कार्यरत शिक्षक/सहायक अध्यापक व विशेष शिक्षक |
| परीक्षा अवधि | 2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट) |
| प्रश्नों की संख्या | 150 (बहुविकल्पीय, प्रत्येक 1 अंक) |
| नेगेटिव मार्किंग | नहीं |
| परीक्षा माध्यम | हिंदी व अंग्रेजी |
| आवेदन प्रक्रिया | One Time Registration (OTR) के बाद ऑनलाइन |
आखिर क्यों जरूरी हो गई स्पेशल टीईटी?
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में सभी शिक्षकों के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2026 को अपना फैसला सुनाया, जिसके मुताबिक सभी कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। इस फैसले से यूपी में बड़ी संख्या में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर तैनात शिक्षक प्रभावित हो रहे थे, जिसे देखते हुए शासन ने इनके लिए अलग से स्पेशल टीईटी कराने का फैसला लिया है। इसके अलावा, रजनीश कुमार पाण्डेय बनाम भारत सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के 7 मार्च 2025 के आदेश के अनुपालन में प्रदेश के करीब 2500 विशेष शिक्षकों/सहायक अध्यापकों (CWSN) के लिए भी यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। यानी सामान्य शिक्षकों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने वाले विशेष शिक्षकों को भी इस परीक्षा से गुजरना होगा।
किन स्कूलों के शिक्षक दे सकेंगे परीक्षा?
प्राथमिक स्तर पर परिषदीय विद्यालयों, स्थानीय निकाय द्वारा संचालित स्कूलों, राज्य सरकार से मान्यता या सहायता प्राप्त स्कूलों और कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वाले स्पेशल एजुकेटर्स को यह परीक्षा देनी होगी। वहीं उच्च प्राथमिक स्तर पर बेसिक शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त स्कूलों के साथ-साथ कक्षा 6 से 8 तक के स्पेशल एजुकेटर्स भी इस दायरे में आएंगे। साफ है कि दायरा काफी बड़ा है और लगभग सभी सरकारी व सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक इसकी जद में आएंगे।
CWSN विशेष शिक्षकों के लिए पात्रता शर्तें
संविदा या डेलीवेजेज पर कार्यरत विशेष शिक्षकों के लिए पात्रता की शर्तें थोड़ी अलग रखी गई हैं। प्राथमिक स्तर पर तैनात ऐसे शिक्षकों के पास स्नातक की डिग्री के साथ भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) से मान्यता प्राप्त डी.एड. स्पेशल एजुकेशन या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। इसी तरह उच्च प्राथमिक स्तर के लिए बी.एड. स्पेशल एजुकेशन या समकक्ष डिग्री जरूरी होगी। दोनों ही स्तर पर शिक्षकों के पास सक्रिय CRR नंबर के साथ भारतीय पुनर्वास परिषद का पंजीकरण प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। खास बात यह है कि इन विशेष शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम आयु सीमा में भी छूट दी गई है, इन्हें परीक्षा की तिथि तक 60 वर्ष तक की आयु सीमा में शामिल होने की अनुमति होगी।
परीक्षा पैटर्न कितने प्रश्न, कितना समय
स्पेशल टीईटी की परीक्षा ढाई घंटे यानी 150 मिनट की होगी। पूरा प्रश्नपत्र बहुविकल्पीय (MCQ) प्रारूप में होगा, जिसमें हर सवाल के चार विकल्प दिए जाएंगे। सबसे राहत की बात यह है कि इस परीक्षा में गलत जवाब देने पर कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी, यानी अभ्यर्थी बिना किसी डर के सभी सवालों का जवाब दे सकेंगे। कुल 150 सवाल पूछे जाएंगे और हर सवाल एक अंक का होगा। भाषा से जुड़े विषयों को छोड़कर बाकी पूरा पेपर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगा।
सिलेबस प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5)
| विषय | प्रश्न | अंक |
| बाल विकास एवं शिक्षण विधि | 30 | 30 |
| भाषा प्रथम (हिन्दी) | 30 | 30 |
| भाषा द्वितीय (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत) | 30 | 30 |
| गणित | 30 | 30 |
| पर्यावरणीय अध्ययन | 30 | 30 |
| कुल | 150 | 150 |
सिलेबस उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8)
| विषय | प्रश्न | अंक |
| बाल विकास एवं शिक्षण विधि | 30 | 30 |
| भाषा प्रथम (हिन्दी) | 30 | 30 |
| भाषा द्वितीय (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत) | 30 | 30 |
| गणित/विज्ञान अथवा सामाजिक अध्ययन (विषय अनुसार) | 60 | 30 |
| कुल | 150 | 150 |
गणित एवं विज्ञान शिक्षक के लिए गणित/विज्ञान से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे, वहीं सामाजिक अध्ययन या सामाजिक विज्ञान शिक्षक के लिए सामाजिक अध्ययन से जुड़े प्रश्न होंगे। अन्य विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षक इन दोनों में से किसी एक विकल्प को चुन सकेंगे।
पास होने के लिए कितने अंक जरूरी
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को पात्रता प्रमाण-पत्र पाने के लिए 150 में से न्यूनतम 90 अंक यानी 60 प्रतिशत अंक लाने होंगे। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक और दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत यानी 82 अंक निर्धारित किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर अनारक्षित वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों के लिए भी यही 55 प्रतिशत यानी 82 अंकों की अर्हता लागू होगी। विशेष शिक्षक (CWSN) श्रेणी के लिए भी आरक्षित और अनारक्षित वर्ग के लिए ऊपर बताए गए अंक ही मान्य होंगे।
Important Links
| Description | Link |
| शासनादेश (Official Order) | यहां क्लिक करें |



