UP Special TET : उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए टीईटी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश के 1.86 लाख शिक्षकों में से करीब एक लाख शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी पास कर ली है। यह वे शिक्षक हैं जो वर्ष 2010 से पहले भर्ती हुए थे और जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया था। हालांकि इसी बीच अब 86 हजार शिक्षकों को विशेष टीईटी का इंतजार बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर 70 हजार शिक्षामित्रों ने भी खुद को विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग उठा दी है। इस पूरे घटनाक्रम से प्रदेश के लाखों शिक्षक और शिक्षामित्र सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर बड़ी संख्या में शिक्षक हुए पास
बीते दिनों घोषित हुए टीईटी परिणाम में प्राथमिक स्तर पर 93 हजार शिक्षक और उच्च प्राथमिक स्तर पर 1.13 लाख शिक्षक टीईटी पास करने में सफल रहे हैं। इनमें से वर्ष 2010 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों की संख्या लगभग एक लाख है, जिन्हें कोर्ट के आदेश के अनुपालन में टीईटी पास करना जरूरी था। इसके अलावा बाकी बचे प्राथमिक स्तर के वे शिक्षक भी इस परीक्षा में शामिल हुए, जो उच्च प्राथमिक स्तर पर पदोन्नति चाहते हैं। इनमें 68500 और 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही, क्योंकि नियमानुसार पांच साल की सेवा पूरी करने के बाद प्राथमिक स्कूल के सहायक अध्यापक को हेड मास्टर या फिर उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नति मिलने का प्रावधान है। यही वजह है कि पदोन्नति की उम्मीद में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने यह परीक्षा दी।
प्रमोशन रुका होने के बावजूद शिक्षकों ने पास की उच्च प्राथमिक टीईटी
गौर करने वाली बात यह है कि प्रदेश में पिछले काफी वर्षों से शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया रुकी हुई है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भविष्य की उम्मीद में उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा पास कर ली है। इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने भी अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि प्रदेश में पिछले 26 वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षामित्रों को भी विशेष टीईटी में शामिल किया जाना चाहिए। बताया गया है कि प्रदेश में कुल 1.48 लाख शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 70 हजार शिक्षामित्र अभी तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। शिक्षक संघ की यह मांग अब शासन स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि विशेष टीईटी की तैयारी को लेकर पहले से ही प्रक्रिया चल रही है।
टीईटी पास करने वाले शिक्षकों में खुशी की लहर
टीईटी परिणाम आने के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में खुशी की लहर देखने को मिली। बस्ती जिले के विक्रमजोत शिक्षा क्षेत्र स्थित आदर्श जूनियर विद्यालय पूरे हेमराज में तैनात तीनों शिक्षकों ने टीईटी पास कर ली, जिसके बाद उन्होंने स्कूल में खुशी का इजहार किया। शिक्षकों ने मध्याह्न भोजन के दौरान कक्षा छह से आठ तक पढ़ने वाले सभी बच्चों को मिठाई खिलाकर यह खुशी साझा की। इस मौके पर स्कूल के सभी बच्चे, रसोइया और अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। इस तरह के दृश्य प्रदेश के कई अन्य स्कूलों में भी देखने को मिले, जहां वर्षों से टीईटी पास करने का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए यह परिणाम बड़ी राहत लेकर आया।
अब विशेष टीईटी पर टिकी सबकी निगाहें
फिलहाल स्थिति यह है कि 86 हजार शिक्षक अभी भी टीईटी पास नहीं कर पाए हैं और उनकी निगाहें अब विशेष टीईटी के आयोजन पर टिकी हुई हैं। दूसरी ओर 70 हजार शिक्षामित्रों की ओर से भी विशेष टीईटी में शामिल किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है, जिससे यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अहम होता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में तय समयसीमा के भीतर टीईटी पास करना इन सभी शिक्षकों के लिए जरूरी है, ऐसे में विशेष टीईटी को लेकर जल्द स्पष्ट फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न सिर्फ बचे हुए शिक्षकों को अपनी सेवा सुरक्षित करने का मौका मिलेगा, बल्कि शिक्षामित्रों की पुरानी मांग पर भी कोई ठोस निर्णय सामने आ सकता है।



