रक्षाबंधन नजदीक आते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने रोडवेज बसों में महिलाओं को मिलने वाली मुफ्त यात्रा सुविधा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। परिवहन विभाग ने अपने ताजा आदेश में इस सुविधा की अवधि को पहले की तुलना में लगभग दोगुना कर दिया है, जिससे इस बार बहनों को भाई से मिलने और वापस लौटने के लिए काफी ज्यादा समय मिलेगा। यह फैसला सीधे परिवहन विभाग की विशेष सचिव उमा द्विवेदी की ओर से यूपीएसआरटीसी प्रबंध निदेशक को भेजे गए पत्र के जरिए सामने आया है।
27 अगस्त सुबह से 29 अगस्त आधी रात तक चलेगी सुविधा
आदेश के मुताबिक 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से लेकर 29 अगस्त की मध्य रात्रि 12 बजे तक प्रदेश की सभी रोडवेज बसों में महिलाओं से किसी भी तरह का किराया नहीं लिया जाएगा। यह कुल मिलाकर करीब 42 घंटे की अवधि बनती है, जबकि पहले सिर्फ 24 घंटे के लिए ही यह छूट तय की गई थी। इतनी लंबी अवधि रखने के पीछे मकसद यह है कि जिन महिलाओं को त्योहार से एक दिन पहले या अगले दिन सफर करना हो, उन्हें भी इसका फायदा मिल सके और आखिरी घंटों में बसों में भीड़ का दबाव कुछ कम रहे।
अकेले नहीं, साथ चल रहे व्यक्ति को भी छूट का फायदा
इस सुविधा में सिर्फ महिला को ही राहत नहीं मिलेगी, बल्कि उसके साथ यात्रा कर रहे एक व्यक्ति को भी मुफ्त सफर करने दिया जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि अगर कोई बहन अपने भाई के साथ यात्रा कर रही है, तो दोनों की टिकट माफ रहेगी। लंबी दूरी की बस हो या शहर के भीतर चलने वाली लोकल सेवा, यह छूट हर तरह की रोडवेज बस में एक साथ लागू रहेगी, बस शर्त इतनी है कि सफर यूपीएसआरटीसी की बस में ही हो, प्राइवेट बसों पर यह सुविधा नहीं मिलेगी।
टिकट नहीं सिर्फ पहचान बतानी होगी कंडक्टर को
इस योजना का फायदा लेने के लिए किसी रजिस्ट्रेशन, फॉर्म या पहले से आवेदन की कोई जरूरत नहीं रखी गई है। तय समय के भीतर जो भी महिला बस में चढ़ेगी, उसे बस कंडक्टर को अपनी पहचान बतानी होगी, टिकट कटवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिन महिलाओं को मायके से ससुराल या ससुराल से मायके की लंबी यात्रा करनी है, उनके लिए बढ़ी हुई समय-सीमा राहत की बड़ी वजह बनेगी क्योंकि अब उन्हें एक ही दिन में जल्दबाजी में सफर पूरा करने का दबाव नहीं रहेगा।
भीड़ बढ़ने की आशंका, इसलिए बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी
चूंकि त्योहार के मौके पर बसों में सामान्य दिनों से कहीं ज्यादा भीड़ उमड़ती है, इसलिए निगम ने इस अवधि के दौरान बसों की संख्या बढ़ाने का भी फैसला किया है, ताकि यात्रियों को इंतजार या ठसाठस भरी बसों की दिक्कत न झेलनी पड़े। परिवहन विभाग की ओर से यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि प्रमुख रूटों पर बसों की उपलब्धता त्योहार के हिसाब से पर्याप्त बनी रहे, खासकर उन रूटों पर जहां हर साल यात्रियों का दबाव सबसे ज्यादा देखने को मिलता है।
बस चालकों के लिए सख्त आदेश
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी इस आदेश में साफ निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख मार्गों और बस स्टैंडों पर एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रिय रखा जाएगा ताकि यात्रा के दौरान किसी महिला को असुरक्षित महसूस न हो। साथ ही बस चालकों की भी कड़ी निगरानी की जाएगी ताकि कोई चालक नशे की हालत में बस लेकर न निकले। परिवहन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन को इस पूरी अवधि में आपस में तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पूरा सफर सुरक्षित और सुगम बना रहे।










