बेसिक के शिक्षकों को बड़ी राहत, बीमा कटौती का पैसा होगा वापस, शासन ने दी फंड मंजूरी

बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। सामूहिक बीमा योजना यानी जीआईएस के तहत उनके वेतन से काटी गई प्रीमियम की धनराशि अब वापस की जाएगी। शासन की ओर से इसके लिए 134 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह धनराशि संबंधित शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को एरियर के रूप में वापस की जाएगी, यानी लंबे समय से बकाया चली आ रही रकम अब उनके खातों में पहुंचेगी।

2014 से 2022 तक काटी गई प्रीमियम राशि होगी वापस

बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। सीधी बात करें तो इस आदेश के तहत 31 मार्च 2014 से लेकर 1 सितंबर 2022 तक की अवधि में वेतन से काटी गई जीआईएस प्रीमियम की राशि को वापस किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। यानी करीब आठ साल की अवधि में जिन शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन से यह कटौती हुई थी, उन सभी को अब इसका फायदा मिलेगा। यह एक बड़ी अवधि है, इसलिए इससे जुड़े लाभार्थियों की संख्या भी काफी बड़ी बताई जा रही है।

134 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई

वैसे देखा जाए तो शासन ने इस पूरी कवायद के लिए 134 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय व प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह रकम उन शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को दी जाएगी, जिनके वेतन से तय अवधि के दौरान सामूहिक बीमा योजना का प्रीमियम काटा गया था। इतनी बड़ी धनराशि की मंजूरी मिलने से यह साफ है कि यह मामला किसी एक जिले या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेशभर के बेसिक शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों को इसका लाभ मिलने वाला है।

जिला स्तर के अधिकारियों को भेजी जाएगी राशि

आप समझ सकते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक पैसा पहुंचाने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके तहत संबंधित कर्मचारियों के खातों में यह राशि वापस की जाएगी, और इस पूरी प्रक्रिया के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के जिला आहरण व वितरण अधिकारियों तथा खंड शिक्षा अधिकारियों यानी बीईओ को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसका मतलब है कि अब यह जिम्मेदारी जिला स्तर के अधिकारियों की होगी कि वे तय प्रक्रिया के अनुसार पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों की पहचान करें और उन्हें भुगतान सुनिश्चित कराएं।

अभिलेखों के सत्यापन के बाद ही होगा भुगतान

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह भुगतान सीधे तौर पर नहीं किया जाएगा, बल्कि इससे पहले अभिलेखों का सत्यापन और मिलान अनिवार्य होगा। अधिकारियों को अभिलेखों का सत्यापन और मिलान कर एकमुश्त और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। यानी हर लाभार्थी का रिकॉर्ड पहले जांचा जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सही व्यक्ति को ही सही राशि मिले और प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न हो। इस पारदर्शिता की वजह से शिक्षकों को अपने बकाया पैसे को लेकर पूरा भरोसा रहेगा कि उन्हें उनका हक मिलेगा।

लंबे समय से चली आ रही थी शिक्षकों की मांग

सीधी बात करें तो सामूहिक बीमा योजना के तहत कटी प्रीमियम राशि को लेकर शिक्षक संगठनों की ओर से लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी कि बकाया राशि जल्द वापस की जाए। अब शासन के इस आदेश के बाद यह मामला अमल में आता दिख रहा है। यह कदम न सिर्फ शिक्षकों के आर्थिक हित में है, बल्कि इससे बेसिक शिक्षा विभाग और शिक्षकों के बीच भरोसे का माहौल भी मजबूत होगा। जिन शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन से तय अवधि में जीआईएस प्रीमियम काटा गया था, उन्हें अपने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी या जिला आहरण व वितरण अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर अपने अभिलेखों की स्थिति की जानकारी लेते रहना चाहिए, ताकि भुगतान प्रक्रिया में देरी न हो।

Sangam Patel

Sangam Patel is a Content Writer at StaffTak.in. He writes about Teacher Recruitment, Government Jobs, Education News, Scholarships, Admit Cards, Results, and Admissions, providing accurate and reliable updates from official sources.

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