मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में एक साथ दो बड़े ऐलान कर दिए। प्रांतीय रक्षक दल यानी पीआरडी के 31757 जवानों को अब सपरिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी और उनका दैनिक ड्यूटी भत्ता भी 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। सीधी बात करें तो आठ साल के भीतर यह चौथी बार है जब पीआरडी जवानों का भत्ता बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा गोरखपुर में आयोजित पीआरडी जवानों के सम्मेलन में की, जहां उन्होंने कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए।
कितनी हुई PRD Salary Hike
| विवरण | जानकारी |
| योजना | मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना |
| लाभार्थी जवान | 31757 पीआरडी जवान (सपरिवार) |
| मुफ्त इलाज राशि | प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक |
| दैनिक भत्ता (पहले) | 500 रुपये |
| दैनिक भत्ता (अब) | 600 रुपये |
| कार्यक्रम स्थल | योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह, गोरखपुर |
1948 में हुआ था गठन मिलता था सिर्फ 250 रुपये भत्ता
पीआरडी यानी प्रांतीय रक्षक दल का गठन वर्ष 1948 में हुआ था। ध्यान देने वाली बात यह है कि 2019 तक पीआरडी जवानों को दैनिक भत्ता महज 250 रुपये ही मिलता था, जो पिछले सात साल में ढाई गुना तक बढ़ चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद वर्ष 2019 में दैनिक भत्ता बढ़ाकर 375 रुपये किया गया, फिर 2022 में इसे 395 रुपये और 2025 में 500 रुपये तक पहुंचाया गया। अब इसमें 100 रुपये की और बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे यह 600 रुपये हो गया है।
कानून व्यवस्था से लेकर आपदा प्रबंधन तक निभाते हैं अहम भूमिका
वैसे देखा जाए तो पीआरडी जवान कानून व्यवस्था, यातायात, प्राकृतिक आपदाओं के अलावा पर्व-त्योहार, मेला, जुलूस आदि में भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ, दीपोत्सव, रंगोत्सव, यातायात व्यवस्था और चुनाव ड्यूटी समेत विभिन्न मौकों पर पीआरडी जवानों के अनुशासन और सेवाभाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले इन जवानों को पर्याप्त ड्यूटी नहीं मिलती थी, लेकिन अब उनकी उपयोगिता को देखते हुए ड्यूटी के लिए जवान कम पड़ रहे हैं।

1.55 लाख सदस्यों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सभी सक्रिय पीआरडी जवानों को कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ मिलेगा। स्वयंसेवक और उनके परिवार के औसतन 1.55 लाख सदस्य सरकारी तथा सरकार से संबद्ध अस्पतालों में प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक मुफ्त उपचार करा सकेंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने अपने हाथों गोरखपुर के अजय, भीमसेन, धीरेंद्र, उमेश कुमार, लखनऊ की स्नेहलता रावत, अनामिका वर्मा, कुशीनगर की चंदा भारती, मऊ के जय सिंह, चंदौली के मो. शाकिर और वाराणसी के किसान गुप्ता को कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए।
लखनऊ में 23 करोड़ की लागत से बनेगी बहुमंजिला पीआरडी बैरक
सम्मेलन को संबोधित करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने रिमोट का बटन दबाकर लखनऊ के सरोजनी नगर में 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास भी किया। आप समझ सकते हैं कि यह कदम पीआरडी जवानों के आवास और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा फैसला है।

पीआरडी का बजट 23 करोड़ से बढ़कर हुआ 543 करोड़
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि पीआरडी के जवान शांति, सुरक्षा और जनसेवा के मजबूत आधार हैं। उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद 2017 से पहले पीआरडी का बजट मात्र 23 करोड़ रुपये था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इसे कई गुना बढ़ाया गया है और आज पीआरडी का बजट 543 करोड़ रुपये हो चुका है, जो इस विभाग को मिल रही प्राथमिकता को साफ दिखाता है। पीआरडी जवानों से जुड़ी योजनाओं और भत्ते में आगे होने वाले किसी भी बदलाव की जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।








