UP Samvida Karamchari Salary hike: उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर दिन-रात मेहनत करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए मंगलवार का दिन खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक ऐसा फैसला लिया गया, जिसका इंतजार पीआरडी जवानों, स्कूलों की रसोइयों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लंबे समय से था। सरकार ने इन तीनों वर्गों के मानदेय में बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है, और सबसे बड़ी बात यह है कि अब इनके पूरे परिवार को भी हर साल 5 लाख रुपये तक इलाज मुफ्त में मिलेगा, वो भी बिना नकद भुगतान किए। इस एक फैसले से सीधे तौर पर 31 हजार से ज्यादा पीआरडी जवानों समेत लाखों परिवारों को राहत मिलने वाली है। नीचे पूरी जानकारी विस्तार से जानिए।
पीआरडी जवानों के ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी
प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक संभालने और आपदा के समय राहत कार्यों में जुटे रहने वाले पीआरडी यानी प्रांतीय रक्षक दल के जवानों को अब पहले से ज्यादा भत्ता मिलेगा। अभी तक इन्हें रोजाना 500 रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 600 रुपये कर दिया गया है। यह मामूली रकम नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही मांग का नतीजा है। गौर करने वाली बात यह है कि साल 2019 के बाद से यह चौथी बार है जब सरकार ने पीआरडी जवानों के मानदेय में इजाफा किया है, यानी सरकार समय-समय पर इनकी स्थिति का ध्यान रखती आई है। इस बढ़ोतरी का सीधा फायदा प्रदेश भर में तैनात 31 हजार से अधिक जवानों को मिलेगा।
रसोइयों को भी मिला बड़ा तोहफा
परिषदीय विद्यालयों में हर रोज बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन यानी मिड-डे मील बनाने वाली रसोइयां भी इस फैसले से खासा खुश होंगी। सरकार ने इनके मानदेय में प्रतिमाह 1,000 रुपये की सीधी बढ़ोतरी की है। यह उन महिलाओं के लिए बड़ी राहत है जो बेहद सीमित आमदनी में अपना घर-परिवार चलाती हैं और अक्सर आर्थिक तंगी का सामना करती हैं। मानदेय बढ़ने के साथ ही इन रसोइयों के परिवार को भी सालाना 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी गई है। यानी अब अगर परिवार में किसी को अचानक बड़ी बीमारी हो जाए, तो इलाज के खर्च की चिंता में उन्हें कर्ज लेने या जमा-पूंजी खत्म करने की नौबत नहीं आएगी।

किसका कितना बढ़ा मानदेय
| वर्ग | पुराना मानदेय | नया मानदेय |
|---|---|---|
| पीआरडी जवान (प्रतिदिन भत्ता) | 500 रुपये | 600 रुपये |
| रसोइया (प्रतिमाह) | पूर्व मानदेय | 1,000 रुपये की बढ़ोतरी |
| आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (प्रतिमाह) | 8,000 रुपये | 12,000 रुपये |
| आंगनवाड़ी सहायिका (प्रतिमाह) | 4,000 रुपये | 6,000 रुपये |
| कैशलेस इलाज (सभी वर्गों के परिवार) | — | 5 लाख रुपये तक/वर्ष |
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के मानदेय में इजाफा
गांव-गांव जाकर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पोषण योजनाओं को पहुंचाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी यह फैसला किसी सौगात से कम नहीं है। कार्यकर्ताओं का मानदेय जो अभी तक 8,000 रुपये प्रतिमाह था, उसे बढ़ाकर सीधे 12,000 रुपये कर दिया गया है।
वहीं सहायिकाओं का मानदेय 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी इसलिए भी अहम है क्योंकि आंगनवाड़ी केंद्रों पर काम करने वाली ये महिलाएं अक्सर बेहद कम मानदेय में लंबे समय तक काम करती रही हैं। मानदेय के साथ-साथ इन्हें भी परिवार सहित सालाना 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से जोड़ा गया है, जिससे इनके परिवार को भी बड़ी बीमारी की स्थिति में राहत मिलेगी।
परिवार को मिलेगा 5 लाख तक का कैशलेस इलाज
इस पूरे फैसले की सबसे खास बात यही है कि सरकार ने सिर्फ मानदेय बढ़ाकर इसे सीमित नहीं रखा, बल्कि तीनों वर्गों के पूरे आश्रित परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ दिया है। अब पीआरडी जवान, रसोइया और आंगनवाड़ी कर्मी अपने परिवार के साथ हर साल 5 लाख रुपये तक का इलाज सरकारी अस्पतालों के अलावा योजना से जुड़े अनुबंधित निजी अस्पतालों में भी करा सकेंगे, और इसके लिए उन्हें अपनी जेब से एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। आमतौर पर देखा गया है कि गंभीर बीमारी आने पर ऐसे परिवारों को इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ता है या घर की जमा-पूंजी खत्म हो जाती है। इस योजना के लागू होने से अब यह डर काफी हद तक कम हो जाएगा और परिवारों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा।









