UP TGT & UP PGT 2026 Syllabus: उत्तर प्रदेश में टीजीटी और पीजीटी भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक यानी टीजीटी और प्रवक्ता यानी पीजीटी पद के लिए विषयवार पाठ्यक्रम सोमवार को अपनी वेबसाइट पर जारी कर दिया है। लंबे समय से इस पाठ्यक्रम का इंतजार कर रहे कैंडिडेट्स अब आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपने-अपने विषय का पाठ्यक्रम चेक कर सकते हैं। इस बार सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों ही भर्ती परीक्षाओं में परीक्षा पैटर्न को लेकर अहम बदलाव किया गया है, जिसका सीधा असर तैयारी की रणनीति पर पड़ेगा। आयोग ने साथ ही विभिन्न विषयों की भर्ती के लिए समकक्षता को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग से स्पष्टीकरण भी मांगा है, जिससे यह साफ होगा कि किन डिग्री और डिप्लोमा को किस विषय की भर्ती में मान्यता मिलेगी।
अब 360 अंकों की होगी परीक्षा UP TGT & UP PGT 2026 Syllabus
नए पाठ्यक्रम के मुताबिक टीजीटी और पीजीटी दोनों भर्तियों में परीक्षा अब कुल 360 अंकों की होगी। इसमें विषय से जुड़े तीन-तीन अंकों के 90 प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि सामान्य अध्ययन से तीन-तीन अंकों के 30 प्रश्न शामिल किए जाएंगे। पीजीटी भर्ती में इसके अलावा 40 अंकों का साक्षात्कार यानी इंटरव्यू भी होगा, जो अंतिम चयन में अहम भूमिका निभाएगा। यह पैटर्न पुराने पैटर्न से काफी अलग है, इससे पहले दोनों भर्तियों में सिर्फ विषय से संबंधित चार-चार अंकों के 125-125 प्रश्न पूछे जाते थे और सामान्य अध्ययन का अलग से कोई हिस्सा नहीं होता था। यानी अब सामान्य अध्ययन को भी परीक्षा का औपचारिक हिस्सा बना दिया गया है, जिससे अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी में इसे भी उतनी ही गंभीरता से शामिल करना होगा जितनी गंभीरता से वे अपने विषय की तैयारी करते हैं।
पहली बार लागू हुई नेगेटिव मार्किंग
इस नए पाठ्यक्रम के साथ जो सबसे अहम बदलाव सामने आया है, वह है दोनों ही भर्ती परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग का लागू होना। पहले टीजीटी और पीजीटी भर्ती परीक्षाओं में गलत उत्तर देने पर कोई अंक नहीं कटता था, लेकिन अब हर गलत उत्तर पर अंक काटे जाएंगे। इसका मतलब है कि अब अभ्यर्थियों को अंदाजे से उत्तर देने के बजाय सोच-समझकर ही जवाब भरने होंगे, क्योंकि गलत उत्तर देने पर पहले से मिले सही अंकों में से कटौती हो जाएगी। यह बदलाव तैयारी की रणनीति पर सीधा असर डालेगा, क्योंकि जो कैंडिडेट्स पहले हर सवाल का जवाब देने की कोशिश करते थे, उन्हें अब यह सोचना होगा कि किस सवाल का जवाब देना सही रहेगा और किस पर जोखिम नहीं लेना है। कोचिंग सेंटर और तैयारी करा रहे शिक्षकों को भी अब अपने स्टूडेंट्स को नेगेटिव मार्किंग को ध्यान में रखते हुए ही मॉक टेस्ट और अभ्यास प्रश्न देने होंगे।
संस्कृत विषय के पाठ्यक्रम में हुए बदलाव
आयोग ने साफ किया है कि टीजीटी-पीजीटी के अधिकांश विषयों के पाठ्यक्रम में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन संस्कृत विषय में कुछ संशोधन जरूर किए गए हैं। प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक पीजीटी संस्कृत के पाठ्यक्रम में वैदिक साहित्य, ऋग्वेद, अग्नि सूक्त, विष्णु सूक्त, प्रजापति सूक्त, इंद्र सूक्त, यजुर्वेद संहिता में शिव संकल्प सूक्त और कठोपनिषद के प्रथम अध्याय के एक से तीन तक के हिस्से के साथ-साथ वैदिक साहित्य का इतिहास भी शामिल किया गया है। इसके अलावा अभिज्ञान शाकुंतलम जो पहले पूरा पढ़ाया जाता था, अब उसे घटाकर चतुर्थांश यानी चौथाई भाग तक सीमित कर दिया गया है, जबकि उत्तर रामचरितम जो पहले संपूर्ण था, उसमें अब तृतीय अंक यानी तीसरा अंक ही रखा गया है। टीजीटी संस्कृत के पाठ्यक्रम में मेघदूतम और नीति शतकम को हटाकर उसकी जगह संपूर्ण हितोपदेश, रघुवंश महाकाव्य का द्वितीय सर्ग तथा साहित्य दर्पण का प्रथम परिच्छेद जोड़ा गया है। जो अभ्यर्थी संस्कृत विषय की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें नया पाठ्यक्रम ध्यान से पढ़कर अपनी स्टडी मैटेरियल उसी हिसाब से अपडेट करनी चाहिए।
UP TGT PGT विषयवार पाठ्यक्रम यहां से करें डाऊनलोड
नीचे टेबल में बताया गया है कि किस विषय का पाठ्यक्रम टीजीटी और पीजीटी भर्ती के लिए जारी किया गया है। जिन विषयों के आगे “जारी” लिखा है, उनका पाठ्यक्रम आयोग ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है, जबकि जिन विषयों के आगे NA लिखा है, उनका पाठ्यक्रम उस भर्ती के लिए अभी जारी नहीं हुआ है।
सभी विषयों का पूरा पाठ्यक्रम डाउनलोड करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट जाएं और विषय वार सिलेबस पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।
सामान्य अध्ययन का पाठ्यक्रम जल्द जारी होगा
चयन आयोग ने फिलहाल सिर्फ विषय से जुड़ा पाठ्यक्रम ही जारी किया है। सामान्य अध्ययन का पाठ्यक्रम आयोग की मंगलवार को होने वाली बैठक के बाद अलग से जारी किया जाएगा, यानी जिन अभ्यर्थियों को सामान्य अध्ययन का सिलेबस चाहिए, उन्हें एक दिन और इंतजार करना होगा। इसके साथ ही आयोग ने विभिन्न विषयों की भर्ती के लिए समकक्षता यानी किन डिग्री या योग्यता को किस विषय के बराबर माना जाएगा, इस पर माध्यमिक शिक्षा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है। यह स्पष्टीकरण आने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि अलग-अलग स्ट्रीम से पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थी किन विषयों की भर्ती के लिए पात्र माने जाएंगे। जो कैंडिडेट्स टीजीटी-पीजीटी भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अपने विषय का पूरा पाठ्यक्रम आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड करके उसी हिसाब से आगे की पढ़ाई शुरू कर देनी चाहिए।


