यूपी के साढ़े 3 लाख टीचर्स की नौकरी पक्की होगी और सैलरी मिलेगी पूरी UP Private School Teachers News

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On: August 1, 2026
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UP Private School Teachers News: उत्तर प्रदेश के निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। योगी सरकार अब प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख निजी स्कूल शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार एक अलग सेवा नियमावली तैयार करने जा रही है, जिससे शिक्षकों को बिना ठोस वजह नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा। यह नियमावली प्रदेश के करीब 25 हजार निजी माध्यमिक विद्यालयों पर लागू होगी। इन 25000 विद्यालयों में तीन लाख से अधिक शिक्षक पढ़ रहे हैं इन सभी शिक्षकों को नई नियमों वाले से लाभ मिलेगा।

बिंदुजानकारी
लाभार्थी शिक्षककरीब साढ़े तीन लाख
स्कूलों की संख्याकरीब 25 हजार निजी माध्यमिक विद्यालय
कमेटी के सदस्यसात सदस्य
कमेटी अध्यक्षअपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा
सदस्य सचिवसचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद

सात सदस्यीय कमेटी गठित

सेवा नियमावली तैयार करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सात सदस्यों की एक कमेटी बना दी है। इस कमेटी की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा करेंगे, जबकि माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव को कमेटी में सदस्य सचिव बनाया गया है। इसका आदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग के उप सचिव की ओर से जारी किया गया है। यह कमेटी शिक्षकों की नियुक्ति, वेतन, छुट्टी और सेवा सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार करके नियमावली तैयार करेगी।

प्रबंधन की मनमानी पर लगेगी रोक

नियमावली लागू होने के बाद निजी स्कूल प्रबंधन की मनमानी पर लगाम लगेगी। अभी तक कई स्कूलों में शिक्षकों को बिना किसी कारण के नौकरी से हटा दिया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रबंधन को हर शिक्षक को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा और वेतन भी आधार से जुड़े बैंक खाते में ही भेजना होगा।

  • हर शिक्षक को मिलेगा नियुक्ति पत्र
  • वेतन सीधे आधार लिंक बैंक खाते में आएगा
  • बिना ठोस वजह नौकरी से नहीं हटाया जा सकेगा
  • छुट्टियों और सेवा सुरक्षा का भी होगा प्रावधान

इससे वेतन में गड़बड़ी और मनमानी कटौती की शिकायतें कम होने की उम्मीद है। शिक्षक अब बेफिक्र होकर बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगे और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी बेहतर शिक्षकों से पढ़ने का मौका मिलेगा।

शिक्षक संगठनों ने किया स्वागत

इस फैसले का शिक्षक संगठनों ने स्वागत किया है। शिक्षक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक भी उतनी ही मेहनत करते हैं जितनी सरकारी स्कूलों के शिक्षक, इसलिए उन्हें भी उनकी मेहनत के हिसाब से वेतन और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

न्यूनतम वेतन तय करने की मांग

कुछ शिक्षक नेताओं ने न्यूनतम वेतन तय करने की मांग भी उठाई है। उनका तर्क है कि जब आउटसोर्सिंग कर्मचारियों तक का न्यूनतम वेतन सरकार तय कर चुकी है, तो स्कूलों के संसाधन और छात्र संख्या के हिसाब से शिक्षकों का भी न्यूनतम वेतन तय होना चाहिए। मौजूदा हालात में गांवों के कई निजी स्कूलों में शिक्षकों को महज पांच से छह हजार रुपये महीना ही मिल पाता है, जबकि शहरों के बड़े कॉन्वेंट स्कूलों में यह वेतन पचास हजार रुपये या उससे भी ज्यादा तक पहुंच जाता है। यह भारी अंतर शिक्षकों के बीच नाराजगी की एक बड़ी वजह रहा है।

अयोग्य लोगों को भी बना देते हैं शिक्षक

नई नियमावली में शिक्षकों की योग्यता को लेकर भी सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है। नियम के मुताबिक हाईस्कूल स्तर तक पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित स्नातक के साथ बीएड और इंटर कॉलेजों में परास्नातक के साथ बीएड होना जरूरी है, जबकि आठवीं तक पढ़ाने के लिए बीटीसी या डीएलएड के साथ टीईटी पास होना चाहिए। लेकिन हकीकत में कई निजी स्कूल इन नियमों को दरकिनार कर सामान्य स्नातक या परास्नातक पास लोगों को ही शिक्षक बना देते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ता है। नई सेवा नियमावली से उम्मीद है कि इस तरह की गड़बड़ियों पर भी रोक लगेगी और स्कूलों में योग्य व प्रशिक्षित शिक्षकों की ही नियुक्ति सुनिश्चित हो सकेगी। फिलहाल कमेटी को नियमावली तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, अब देखना यह होगा कि यह नियमावली कब तक अंतिम रूप ले पाती है और शिक्षकों को इसका लाभ कब से मिलना शुरू होता है।20260802 05215920260802 052149

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Sangam Patel

Sangam Patel is a Content Writer at StaffTak.in. He writes about Teacher Recruitment, Government Jobs, Education News, Scholarships, Admit Cards, Results, and Admissions, providing accurate and reliable updates from official sources.