UP Teacher Cashless Yojana 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों तथा अन्य शिक्षा कर्मियों के लिए बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र शिक्षकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को हर साल पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुफ्त में मिलेगा। खास बात यह है कि इलाज के लिए मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के समय एक भी रुपया अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने पात्र लाभार्थियों को हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए 06 सितंबर 2026 तक पंजीकरण पूरा करने का निर्देश दिया है, ऐसे में जिन शिक्षकों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
| Particulars | Details |
|---|---|
| Scheme Name | मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना (UP Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Yojana) |
| Launched On | 08 जुलाई 2026 |
| Benefit | प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा |
| Beneficiaries | बेसिक व उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षा कर्मी, पीएम पोषण रसोइये व आश्रित परिवार |
| Nodal Department | स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) |
| Registration Deadline | 06 सितंबर 2026 |
| Application Mode | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से) |
क्या है मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक स्वास्थ्य योजना है, जिसका मकसद बेसिक शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों तथा अन्य पात्र कर्मियों को गंभीर बीमारी, दुर्घटना, सर्जरी या किसी भी चिकित्सीय आपातकाल की स्थिति में बिना आर्थिक बोझ के इलाज उपलब्ध कराना है। योजना का संचालन आयुष्मान भारत (साचीज) द्वारा किया जा रहा है और इलाज आयुष्मान भारत तथा नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) द्वारा तय पैकेज दरों के अनुसार दिया जाएगा। इससे पहले राज्य सरकार पात्र परिवारों के लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और राज्य कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना पहले से चला रही है। इस नई योजना के आने से अब शिक्षक वर्ग को अलग से समर्पित स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सकेगी, जो लंबे समय से इस वर्ग की मांग रही है।
योजना के तहत मिलने वाले प्रमुख लाभ
इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थी और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इलाज की सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ योजना से सूचीबद्ध यानी एम्पैनल्ड निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध रहेगी। चूंकि यह पूरी तरह कैशलेस उपचार योजना है, इसलिए अस्पताल में भर्ती होने पर लाभार्थी को इलाज से पहले किसी भी तरह की राशि जमा करने की जरूरत नहीं होगी। हर पात्र लाभार्थी को एक हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा, जिसे अस्पताल में दिखाकर पहचान सत्यापित करने के बाद तुरंत कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू हो जाएगी। इससे शिक्षकों को इलाज के दौरान होने वाली आर्थिक परेशानी और अस्पताल के खर्च की चिंता से राहत मिलेगी।
पीएनबी समझौते के तहत मिलेंगे अतिरिक्त सुरक्षा लाभ
कैशलेस चिकित्सा सुविधा के अलावा उच्च शिक्षा विभाग ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ एक समझौता ज्ञापन भी किया है, जिसके तहत पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएंगे। इसके अंतर्गत यदि किसी पात्र शिक्षक की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को डेढ़ करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा मिलेगा। वहीं अगर मृत्यु हवाई दुर्घटना यानी एयर क्रैश में होती है, तो परिवार को तीन करोड़ रुपये तक का बीमा कवर दिया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती होने पर साठ हजार रुपये तक का हॉस्पिटल कैश बेनिफिट और बारह लाख रुपये तक का टर्म लाइफ इंश्योरेंस कवर भी शामिल किया गया है। ये सभी लाभ निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन होंगे।
योजना के लिए कौन-कौन होंगे पात्र
इस योजना का लाभ बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित और स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों, तथा उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों व अन्य शिक्षा कर्मियों को मिलेगा। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्र, अनुदेशक और दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने वाले विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन) भी इस योजना के दायरे में आएंगे। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक व पूर्णकालिक शिक्षक-शिक्षिकाएं और वार्डेन को भी योजना का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री पोषण योजना यानी मिड-डे मील के तहत काम करने वाले रसोइयों को भी इसमें शामिल किया गया है। इन सभी पात्र लाभार्थियों के नियमानुसार आश्रित परिवार के सदस्यों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जाएगा।
इन शर्तों पर नहीं मिलेगा योजना का लाभ
अगर कोई शिक्षक या शिक्षा कर्मी पहले से ही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत लाभ ले रहा है, तो वह इस नई योजना का पात्र नहीं होगा। इसी तरह जो लाभार्थी पहले से मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत कवर हैं, उन्हें भी इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा केंद्र या राज्य सरकार द्वारा संचालित किसी भी अन्य सरकारी स्वास्थ्य बीमा या कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत लाभ ले रहे कर्मचारी भी इस योजना के लिए अपात्र होंगे। इसका मतलब यह है कि एक लाभार्थी एक साथ दो सरकारी कैशलेस स्वास्थ्य योजनाओं का फायदा नहीं उठा सकता।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए आवेदन करते समय लाभार्थी के पास आधार कार्ड, कर्मचारी पहचान पत्र या सेवा संबंधी विवरण और आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना जरूरी है। इसके अलावा लाभार्थी और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों का पासपोर्ट आकार का फोटो भी अपलोड करना होगा। अगर लाभार्थी दिव्यांग है, तो दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी जमा करना अनिवार्य है। इसके साथ ही आश्रित परिवार के सदस्यों का पूरा विवरण भी आवेदन में दर्ज करना होगा। ध्यान रहे कि बेसिक शिक्षा विभाग या साचीज द्वारा मांगे जाने पर अन्य आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने पड़ सकते हैं, और यह दस्तावेज लाभार्थी की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
हेल्थ कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
पात्र शिक्षक और अन्य लाभार्थी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के हेल्थ कार्ड के लिए आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
- सबसे पहले मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- होम पेज पर “शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड योजना आवेदन” विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें और स्क्रीन पर दिखाई दे रहा सुरक्षा कोड भरें।
- “Proceed” बटन पर क्लिक करें और मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापन पूरा करें।
- ओटीपी सत्यापन के बाद स्क्रीन पर आवेदन पत्र खुल जाएगा।
- आवेदन पत्र में कार्यालय संबंधी जानकारी, व्यक्तिगत विवरण और आधार संबंधी जानकारी सावधानी से भरें।
- सभी जानकारी जांचें, सुरक्षा कोड भरें और “सेव एंड नेक्स्ट” पर क्लिक करें।
- इसके बाद आवेदन पत्र का प्रिव्यू स्क्रीन पर दिखाई देगा।
- अगर आश्रित परिवार के सदस्यों को जोड़ना है, तो “हाँ” विकल्प चुनकर उनकी जानकारी दर्ज करें।
- सभी विवरण ध्यान से जांचने के बाद आवेदन पत्र अंतिम रूप से जमा करें।
- इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा आवेदन का सत्यापन किया जाएगा।
- सत्यापन पूरा होने पर कैशलेस हेल्थ कार्ड जारी कर दिया जाएगा, जिसे लाभार्थी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे।
आवेदन की स्थिति ऑनलाइन कैसे जांचें
जिन आवेदकों ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के हेल्थ कार्ड के लिए आवेदन किया है, वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन जांच सकते हैं। इसके लिए इन चरणों का पालन करें:
- मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- पोर्टल पर आवेदन स्थिति जांचने वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर दर्ज करें।
- स्क्रीन पर दिखाई दे रहा सुरक्षा कोड भरें।
- सबमिट करते ही आपके आवेदन की मौजूदा स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी।
आवेदन में संशोधन और आश्रित जोड़ने की सुविधा
अगर आवेदन पत्र में दर्ज किसी जानकारी में गलती रह गई है, तो अंतिम स्वीकृति मिलने से पहले आवेदक अपने लॉगिन के जरिए आवेदन में आवश्यक संशोधन कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर आवेदन जमा करते समय आश्रित परिवार के किसी सदस्य का नाम जोड़ना छूट गया हो, तो पोर्टल पर उपलब्ध विकल्प से बाद में भी आश्रितों का विवरण जोड़ा या संशोधित किया जा सकता है। यह सुविधा खासतौर पर उन शिक्षकों के लिए उपयोगी है जिनके परिवार में हाल ही में कोई बदलाव हुआ हो, जैसे नवजात बच्चे का नाम जोड़ना या किसी आश्रित की जानकारी अपडेट करना। हालांकि एक बार आवेदन पूरी तरह स्वीकृत हो जाने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संशोधन की प्रक्रिया अलग हो सकती है, इसलिए बेहतर होगा कि शुरुआत में ही सभी जानकारी सही-सही भरी जाए।
ई-केवाईसी पूरा करना क्यों है अनिवार्य
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का हेल्थ कार्ड डाउनलोड करने से पहले ई-केवाईसी यानी इलेक्ट्रॉनिक नो-योर-कस्टमर प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया लाभार्थी की पहचान को आधार से जोड़कर सत्यापित करने के लिए की जाती है, ताकि योजना का लाभ सही व्यक्ति तक ही पहुंचे। ई-केवाईसी पूरी हुए बिना पोर्टल हेल्थ कार्ड डाउनलोड करने की अनुमति नहीं देगा, इसलिए आवेदन स्वीकृत होने के बाद सबसे पहला काम ई-केवाईसी पूरा करना ही होना चाहिए। यह पूरी प्रक्रिया आयुष्मान भारत यानी पीएमजेएवाई पोर्टल पर जाकर पूरी की जाती है, जहां आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए सत्यापन होता है।
हेल्थ कार्ड डाउनलोड करने की पूरी प्रक्रिया
जिन आवेदकों का आवेदन स्वीकृत हो चुका है, वे नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना हेल्थ कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं:
- सबसे पहले मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- होम पेज पर उपलब्ध “Complete e-KYC and Download Your Card” लिंक पर क्लिक करें।
- इस लिंक पर क्लिक करते ही आप आयुष्मान भारत (PMJAY) पोर्टल पर रीडायरेक्ट हो जाएंगे।
- अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और ओटीपी सत्यापन पूरा करें।
- अब ऑनलाइन ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू करें।
- ई-केवाईसी के दौरान आयुष्मान भारत की सब-स्कीम में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का चयन करें।
- आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से आधार सत्यापन कर ई-केवाईसी पूरी करें।
- ई-केवाईसी सफल होने के बाद दोबारा पोर्टल पर अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
- लाभार्थी सूची में अपने नाम के सामने दिख रहे “डाउनलोड कार्ड” विकल्प पर क्लिक करें।
- आपका हेल्थ कार्ड पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड हो जाएगा।
- भविष्य में अस्पताल में उपयोग के लिए इस कार्ड की एक प्रिंट कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें।
किन अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस इलाज
हेल्थ कार्ड डाउनलोड हो जाने के बाद लाभार्थी सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ योजना से सूचीबद्ध यानी एम्पैनल्ड निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करा सकते हैं। अस्पताल में भर्ती होते समय हेल्थ कार्ड दिखाकर पहचान सत्यापित करानी होगी, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन इलाज की स्वीकृति देगा और मरीज को किसी भी तरह का अग्रिम भुगतान नहीं करना होगा। इलाज पूरी तरह आयुष्मान भारत और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी द्वारा तय पैकेज दरों के अनुसार ही किया जाएगा। किस अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध है, इसकी पूरी सूची आधिकारिक पोर्टल पर दी गई है, इसलिए इलाज के लिए जाने से पहले संबंधित अस्पताल के पैनल में शामिल होने की पुष्टि जरूर कर लें।
हेल्पलाइन नंबर और शिकायत के लिए संपर्क जानकारी
अगर आवेदन की स्थिति जांचने, ई-केवाईसी करने या हेल्थ कार्ड डाउनलोड करने में किसी भी तरह की दिक्कत आती है, तो लाभार्थी योजना की हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-4444 और 14555 जारी किए गए हैं। इसके अलावा support.sects@sachis.in पर ईमेल भेजकर भी अपनी समस्या दर्ज कराई जा सकती है। योजना का कार्यालय मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आयुष्मान भारत (साचीज), चौथी मंजिल, नवचेतना केंद्र, 10, अशोक मार्ग, हजरतगंज, लखनऊ में स्थित है, जहां जरूरत पड़ने पर लिखित शिकायत भी भेजी जा सकती है।
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