UP Work From Home Policy 2026: यूपी के कर्मचारियों को हफ्ते में 2 दिन घर से काम करने की मिल सकती है छूट

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On: May 26, 2026
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UP Work From Home Policy 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने IT कंपनियों और स्टार्टअप्स तथा बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों वाले कार्यस्थलों के लिए इसे लेकर एक सरकारी एडवाइजरी जारी की जाए। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद उठाया गया है जिसमें उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत कम करने और आर्थिक संयम बरतने की बात कही थी। वैसे देखा जाए तो अब तक वर्क फ्रॉम होम को कर्मचारियों की सुविधा से जोड़कर देखा जाता था। यह पहली बार है जब यह मुद्दा ईंधन बचत और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी बहस का हिस्सा बन गया है।

क्या है नई पॉलिसी का पूरा प्रस्ताव

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ निर्देश दिए हैं कि उद्योगों और स्टार्टअप्स को हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। गौरतलब है कि यह प्रस्ताव सिर्फ कर्मचारियों की सहूलियत के लिए नहीं है। इसके पीछे ईंधन बचाने और ट्रैफिक कंजेशन कम करने का सीधा मकसद है। सरकारी वाहनों की बात करें तो मंत्रियों और नौकरशाहों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों में 50 प्रतिशत कटौती का आदेश भी दिया गया है। स्टेट सेक्रेटेरिएट और डायरेक्टरेट में 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें वर्चुअल माध्यम से कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। पीक ऑवर में सड़कों पर भीड़ कम करने के लिए दफ्तरों की टाइमिंग बदलने का प्रस्ताव भी इसी पैकेज का हिस्सा है।

किन-किन बदलावों का दिया गया निर्देश

ध्यान देने वाली बात यह है कि सीएम के निर्देश सिर्फ वर्क फ्रॉम होम तक नहीं रुके। जनप्रतिनिधियों को कहा गया है कि वे सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करें। वर्चुअल मीटिंग और ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। साइकिलिंग और कारपूलिंग को प्रोत्साहित करने की बात कही गई है। इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने पर भी जोर है। मेट्रो और UPSRTC बस सेवाओं का उपयोग बढ़ाने की भी बात कही गई है। बता दें कि कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम एक मजबूरी थी। अब यही मॉडल ईंधन बचाने और आर्थिक दबाव से निपटने के औजार के रूप में देखा जा रहा है।

NITES ने भी उठाई थी मांग

यूपी सरकार का यह प्रस्ताव आने से पहले ही Nascent Information Technology Employees Senate यानी NITES ने केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखा था। मांग यह थी कि IT और ITeS सेक्टर में जहां भी संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने वाली सरकारी एडवाइजरी जारी की जाए। संगठन ने तर्क दिया कि कोविड-19 के दौरान यह साबित हो चुका है कि रिमोट वर्क से उत्पादकता और काम की निरंतरता बनी रहती है। आप समझ सकते हैं कि लाखों कर्मचारियों का रोज दफ्तर आना-जाना ईंधन खपत और शहरी परिवहन तंत्र पर कितना बड़ा बोझ डालता है। NITES ने इसे महज कर्मचारी हित की मांग नहीं बल्कि पीएम मोदी की अपील के अनुरूप एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया।प्राइमरी टीचर्स को मिलेगी टीईटी से छूट या नहीं? TET अनिवार्यता मामले की सुप्रीम कोर्ट में हुई अहम सुनवाई Teacher TET News Today

निजी कंपनियां भी कर रही हैं पहल

सीधी बात करें तो यह बदलाव अब सिर्फ सरकारी फाइलों में नहीं है। निजी कंपनियां भी मैदान में उतर रही हैं। Shaadi.com के संस्थापक अनुपम मित्तल ने पीएम की अपील के बाद एलान किया कि उनकी कंपनी हफ्ते में एक दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करेगी। उनका अनुमान है कि इससे कर्मचारियों की ईंधन खपत में करीब 20 प्रतिशत की कमी आएगी। सालाना करीब 30000 लीटर पेट्रोल बचेगा और लगभग 6 लाख किलोमीटर की यात्रा टाली जा सकेगी। करीब 500 कर्मचारी इस पहल का हिस्सा बनेंगे। मित्तल ने LinkedIn पर लिखा कि राष्ट्र निर्माण हमेशा कोई बड़ा बलिदान नहीं होता। कभी-कभी बस हफ्ते में एक दिन सड़क पर गाड़ी न निकालना भी काफी होता है। इस पोस्ट पर खूब बहस हुई। कुछ ने तारीफ की तो कुछ ने पूछा कि पूरी तरह हाइब्रिड मॉडल पर क्यों नहीं सोचा जा रहा।

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Sangam Patel

Sangam Patel is a Content Writer at StaffTak.in. He writes about Teacher Recruitment, Government Jobs, Education News, Scholarships, Admit Cards, Results, and Admissions, providing accurate and reliable updates from official sources.