UP Special TET News: उत्तर प्रदेश के उन शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है, जो अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी पास नहीं कर पाते हैं। प्रदेश में करीब 1.42 लाख ऐसे शिक्षक हैं जो टीईटी में अनुत्तीर्ण हो जाते हैं तो अब इन्हीं शिक्षकों के लिए एक विशेष टीईटी परीक्षा कराने की तैयारी चल रही है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। शासन से अनुमति मिलते ही आयोग इस विशेष टीईटी परीक्षा का आयोजन शुरू कर देगा। यह खबर उन तमाम प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए राहत भरी है, क्योंकि काफी बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं जो केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी सीटेट पास नहीं कर पाए हैं और यूपीटेट परीक्षा में भी कम मार्क्स आ रहे हैं ऐसे शिक्षकों के लिए स्पेशल टीटी के माध्यम से अपनी सर्विस बढ़ाने का एक और अवसर मिलने वाला है।
UP Special TET Update
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| संबंधित विभाग | उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग |
| टीईटी अनुत्तीर्ण शिक्षकों की संख्या | करीब 1.42 लाख |
| प्राथमिक स्तर के शिक्षक | 64 हजार से अधिक |
| उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षक | 76 हजार से अधिक |
| वर्तमान स्थिति | कार्ययोजना तैयार, शासन को भेजी जाएगी |
| आयोग अध्यक्ष | डॉ. प्रशांत कुमार |
कौन-कौन से शिक्षक होंगे इस विशेष टीईटी में शामिल
शिक्षा सेवा चयन आयोग की तरफ से तैयार की गई कार्ययोजना के मुताबिक इस विशेष टीईटी परीक्षा में मुख्य रूप से वर्ष 2010 से पहले भर्ती हुए प्राथमिक स्तर के शिक्षक शामिल किए जाएंगे। इनमें प्राथमिक स्तर पर 64 हजार से ज्यादा शिक्षक हैं, वहीं उच्च प्राथमिक स्तर के 76 हजार से अधिक शिक्षक भी इस विशेष परीक्षा में शामिल किए जाएंगे। यानी कुल मिलाकर करीब 1.42 लाख शिक्षकों को इस मौके का फायदा मिलेगा, जो अभी तक टीईटी पास नहीं कर पाए थे।
क्यों जरूरी है यह विशेष टीईटी परीक्षा
टीईटी यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा, शिक्षक बनने और सेवा में बने रहने के लिए एक अनिवार्य योग्यता मानी जाती है। ऐसे में जो शिक्षक 2010 से पहले नियुक्त हुए थे, लेकिन किसी कारणवश टीईटी पास नहीं कर पाए, उनकी सेवा को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। इसी समस्या को दूर करने के लिए चयन आयोग ने इन शिक्षकों के लिए अलग से विशेष टीईटी कराने का निर्णय लिया है, ताकि यह शिक्षक भी अपनी पात्रता परीक्षा पूरी करके नियमानुसार अपनी सेवा जारी रख सकें।
शासन के निर्देश पर आयोग तैयार कर रहा है परीक्षा का प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक शासन के निर्देश के बाद चयन आयोग परीक्षा को लेकर प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है। आयोग ने परीक्षा की तैयारी को लेकर पूरा खाका खींच लिया है और अब इसे औपचारिक रूप से शासन को भेजने की प्रक्रिया चल रही है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देश पर ही विशेष टीईटी कराने का निर्णय लिया गया है और परीक्षा को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है।
सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद बनाई गई कार्य योजना
सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर को देश भर के प्राइमरी शिक्षकों को टीईटी पास करने का आदेश दिया था इसी आदेश के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख प्राइमरी शिक्षक ऐसे हैं जो की ट पास नहीं थे हालांकि कुछ शिक्षकों ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर लिया है लेकिन अभी बहुत से ऐसे शिक्षक हैं जो ट पास नहीं कर पाए हैं इन्हीं शिक्षकों की सर्विस बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार स्पेशल शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन कर रही है जिससे इन शिक्षकों की सर्विस को बचाया जा सके अगर यह शिक्षक, शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं तो 2028 में सेवा से बाहर किया जा सकते हैं। फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार ने इन शिक्षकों को बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है।
| Description | Link |
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| उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग आधिकारिक वेबसाइट | Click Here |
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