दिवाली से ठीक पहले उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों और अधिकारियों के लिए अच्छी खबर आई है। पुलिस स्मृति दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फील्ड ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के भत्ते बढ़ाने का ऐलान किया। इसमें मोटरसाइकिल भत्ता और वर्दी भत्ता दोनों शामिल हैं। सबसे पहले मोटरसाइकिल भत्ते की बात करें तो फील्ड ड्यूटी में लगे उपनिरीक्षक और निरीक्षक स्तर के पुलिसकर्मियों का यह भत्ता ₹700 से बढ़ाकर ₹1,000 प्रतिमाह किया जाएगा। यानी हर महीने ₹300 ज्यादा मिलेंगे, जो पूरे साल में ₹3,600 की बढ़ोतरी बनती है। थानों और चौकियों में तैनात जो अधिकारी रोजमर्रा की गश्त, जांच और मौके पर पहुंचने के लिए दोपहिया वाहन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इस बदलाव से सीधा फायदा होगा। फिलहाल घोषणा में यह नहीं बताया गया है कि बढ़ा हुआ भत्ता किस तारीख से लागू होगा।
पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों का वर्दी भत्ता ₹6,400 से ₹15,000 हुआ
वर्दी भत्ते में सबसे बड़ी बढ़ोतरी पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों के लिए की गई है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि इनका वर्दी भत्ता ₹6,400 से बढ़ाकर ₹15,000 किया जाएगा। इस हिसाब से भत्ते में ₹8,600 का इजाफा हुआ है, जो प्रतिशत में करीब 134 फीसदी बैठता है, और इसी आंकड़े के आधार पर इस फैसले को 134 प्रतिशत भत्ता बढ़ोतरी कहा जा रहा है। प्रांतीय पुलिस सेवा के अधिकारी जिलों में अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक और सीओ जैसे पदों पर तैनात रहते हैं, इसलिए इस बढ़ोतरी का असर प्रदेश के लगभग हर जिले में दिखेगा। वर्दी भत्ते की बढ़ी हुई राशि कब से मिलेगी और भुगतान किस तरह होगा, इसकी जानकारी शासन की ओर से अलग से जारी होने का इंतजार है।
फील्ड में तैनात आरक्षी और मुख्य आरक्षी का भत्ता ₹2,000 से ₹2,500 प्रतिमाह
अधिकारियों के साथ-साथ थानों में सबसे ज्यादा संख्या में तैनात आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों के लिए भी राहत का ऐलान हुआ है। फील्ड ड्यूटी में लगे इन पुलिसकर्मियों का भत्ता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। हर महीने ₹500 की यह बढ़ोतरी करीब 25 प्रतिशत है। सड़क पर ड्यूटी, भीड़ नियंत्रण, पिकेट, गश्त और त्योहारों के समय लगातार तैनाती जैसे काम सबसे ज्यादा इसी स्तर के जवानों के हिस्से आते हैं। दिवाली के मौके पर जब पुलिसकर्मियों की छुट्टियां अक्सर कम हो जाती हैं और ड्यूटी का दबाव बढ़ जाता है, तब यह घोषणा उनके लिए एक बड़ा हौसला मानी जा रही है। घोषणा में भत्ते का नाम अलग से नहीं बताया गया, केवल फील्ड ड्यूटी में तैनात आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों के भत्ते में बढ़ोतरी की बात कही गई है।
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिसकर्मियों को नमन, बोले- कुछ ऋण कभी नहीं चुकाए जा सकते
भत्ते बढ़ाने की यह घोषणा पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम के मंच से हुई, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कुछ ऋण ऐसे होते हैं जिन्हें कभी चुकाया नहीं जा सकता और शहीदों के प्रति राष्ट्र का कर्ज भी ऐसा ही है। सीएम ने कहा कि उनके बलिदान को याद करते हुए मन श्रद्धा से भर उठता है और उनका साहस सिर गर्व से ऊंचा कर देता है। मुख्यमंत्री के अनुसार किसी भी राष्ट्र की महानता इस बात पर टिकी होती है कि वह अपने इतिहास, अपने मूल्यों और उन लोगों के योगदान का कितना सम्मान करता है जिनके त्याग से वर्तमान सुरक्षित हुआ और भविष्य संभव बना।
पुलिस की पुरानी हालत और 2017 के बाद के बदलाव पर क्या बोले सीएम योगी
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के दौर की पुलिस व्यवस्था पर भी बात की। उनका कहना था कि एक समय ऐसा था जब थानेदार या एसपी भी किसी अपराधी पर हाथ डालने से पहले सोचता था, क्योंकि कार्रवाई के बाद सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे। उन्होंने थानों की सीलन भरी बैरकों, खपरैल की छतों और पुरानी जंग लगी राइफलों का जिक्र किया। सीएम ने बताया कि 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 815 दंगे हुए और मथुरा के जवाहरबाग कांड में पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव की जान चली गई थी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में सरकार बनते ही पुलिस के हाथों से राजनीतिक बेड़ियां हटाई गईं और गरीब, पीड़ित, व्यापारी और बहन-बेटियों की सुरक्षा के साथ अपराधियों, माफिया और दंगाइयों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रखने को कहा गया। एनकाउंटर और जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल उठाने वालों पर भी उन्होंने निशाना साधा। भत्तों की बढ़ोतरी का आधिकारिक आदेश जारी होने पर लागू होने की तारीख और भुगतान की प्रक्रिया साफ हो जाएगी।








