UP Outsourcing Salary 2026: उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स पर काम कर रहे कर्मचारियों और नई नौकरी की तलाश में बैठे युवाओं दोनों के लिए एक जरूरी अपडेट आया है। योगी सरकार ने UP Outsourcing Service Corporation बनाया है, आउटसोर्स निगम मैं सैलरी निर्धारण किया गया है इसमें किस श्रेणी के पद पर काम करने वाले को हर महीने कितना मानदेय मिलेगा। यह बात इसलिए अहम है क्योंकि अब तक हर विभाग अपनी मर्जी से पैसे देता था, बीच में ठेकेदार काटता था और कर्मचारी को पता भी नहीं चलता था कि उसका हक कितना बनता है। अब वो दौर खत्म होने वाला है। एजेंसी पोर्टल तैयार कर रही है। इस लेख में जानते हैं आउटसोर्स कर्मचारी को कितनी सैलरी मिलेगी और पोर्टल का कार्य कब से शुरू होगा पोर्टल के माध्यम से ही नई नियुक्तियां कब से शुरू होगी।
UP Outsourcing Salary 2026 किस श्रेणी में कितना मानदेय
सरकार ने आउटसोर्स पदों को चार श्रेणियों में बाँटा है और हर श्रेणी का मासिक मानदेय पहले से तय कर दिया गया है। श्रेणी-1 के पदों पर काम करने वालों को ₹40,000 हर महीने मिलेंगे जो सबसे ऊंचा मानदेय है। श्रेणी-2 में ₹25,000, श्रेणी-3 में ₹22,000 और श्रेणी-4 में ₹20,000 मासिक मानदेय तय किया गया है। यह रकम सीधे कर्मचारी के खाते में भेजी जा सकती है अगर ऐसा होता है तो बीच में कोई ठेकेदार नहीं होगा और ना ही बीच में कटौती कर सकेगा पहले एक ही काम के लिए अलग-अलग विभागों में अलग पैसे मिलते थे, अब पूरे प्रदेश में एक जैसी दर लागू होगी।
| श्रेणी | मासिक मानदेय |
|---|---|
| श्रेणी-1 | ₹40,000 |
| श्रेणी-2 | ₹25,000 |
| श्रेणी-3 | ₹22,000 |
| श्रेणी-4 | ₹20,000 |
बदलेगी पुरानी आउटसोर्स व्यवस्था
पहले आउटसोर्स की पूरी व्यवस्था ठेकेदारों के हाथ में थी। सरकारी विभाग ठेकेदार को पैसे देता था, ठेकेदार कर्मचारी को देता था और बीच में कितना कटता था यह न कर्मचारी को पता था न विभाग को। महीनों सैलरी रुकी रहती थी और शिकायत करने की कोई एक जगह नहीं थी। इसके अलावा सरकार के पास यह भी पक्की जानकारी नहीं थी कि पूरे प्रदेश में कुल कितने आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे हैं और किस विभाग में क्या काम हो रहा है। UP Outsourcing Service Corporation इन सभी समस्याओं को एक साथ खत्म करने के लिए बनाया जा रहा है। अब निगम सैलरी, भर्ती रिकॉर्ड डिजिटलीकरण व्यवस्था में बदलाव करने जा रहा है।
जो पहले से आउटसोर्स पर काम कर रहे हैं उनका क्या होगा
यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है और इसका सीधा जवाब यह है कि अभी कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है जो बताए कि पुराने कर्मचारियों को नई दरों पर पैसा कब से मिलेगा। लेकिन जब पोर्टल लॉन्च होगा और निगम पूरी तरह काम शुरू करेगा तो सभी पुरानी और नई नियुक्तियाँ इसी निगम के दायरे में आएंगी। मतलब अगर अभी किसी को ₹10,000 या ₹12,000 मिल रहे हैं और उसका काम श्रेणी-3 में आता है तो नई व्यवस्था लागू होने पर उसे ₹22,000 मिल सकता है। लेकिन यह तभी होगा जब सरकार विभागवार आदेश जारी करेगी जो अभी बाकी है।
UP Outsourcing Portal और भर्ती कब तक आएगी
निगम बन गया है अफसरों की तैनाती की जा चुकी है, पिकप भवन में दफ्तर तैयार हो रहा है लेकिन भर्ती अभी नहीं हो रही क्योंकि पोर्टल नहीं बना है। पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होगी जिसकी जिम्मेदारी UPDESCO यानी UP Development Systems Corporation को दी गई है। UPDESCO ने अगस्त 2026 तक पोर्टल तैयार करने का समय लिया है। पोर्टल पर उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन करेंगे विभागवार रिक्तियाँ दिखेंगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक सितंबर 2026 से भर्ती प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
किन विभागों में सबसे ज्यादा आउटसोर्स के पद खाली
अभी तक विभागवार रिक्तियों की कोई आधिकारिक सूची नहीं आई है लेकिन यूपी में जिन विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों की सबसे ज्यादा जरूरत हमेशा रहती है उनमें स्वास्थ्य विभाग सबसे ऊपर है जहाँ डेटा एंट्री ऑपरेटर, लैब असिस्टेंट और अस्पताल स्टाफ बड़ी संख्या में चाहिए। शिक्षा विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर और क्लर्क के पद हमेशा रहते हैं। नगर निगम और नगर पालिकाओं में सफाई और रखरखाव से जुड़े पदों पर सबसे ज्यादा आउटसोर्स भर्ती होती है। सचिवालय और जिला प्रशासन में भी बड़ी संख्या में पद हर साल भरे जाते हैं। पोर्टल लॉन्च होते ही इन सभी विभागों की रिक्तियाँ एक साथ सामने आएंगी। पोर्टल आने से पहले कोई आवेदन नहीं होगा यह बात एकदम साफ है। आधिकारिक भर्ती सिर्फ निगम के पोर्टल के जरिए होगी और उसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की आएगी। अभी जो तैयारी हो सकती है वो यह है कि अपने सभी दस्तावेज जैसे आधार शैक्षिक प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र तैयार रखो क्योंकि पोर्टल आते ही प्रक्रिया तेज होगी और देरी करने का मौका नहीं मिलेगा।
UP Outsourcing Service Corporation टाइमलाइन
उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और सेवा व्यवस्था को अधिक सुचारू रूप से बनाने के लिए सरकार ने चरणबद्ध तरीके से काम शुरू किया है। सबसे पहले आउटसोर्स सेवा निगम के गठन का फैसला लिया गया इसके बाद निगम के संचालन के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की गई और अब भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने के लिए पोर्टल तैयार किया जा रहा है। फिलहाल सबसे बड़ा इंतजार इसी पोर्टल का है। सरकार के अनुसार पोर्टल तैयार होने के बाद ही नई आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके जरिए उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और विभागवार रिक्तियों की जानकारी भी एक ही जगह उपलब्ध होगी। नीचे दी गई टाइमलाइन से आसानी से समझा जा सकता है कि अब प्रक्रिया किस क्रम में आगे बढ़ सकती है।
| समय | मुख्य अपडेट |
|---|---|
| 20 सितंबर 2025 | उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन का शासनादेश जारी हुआ। |
| 2026 | बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का गठन, प्रबंध निदेशक एवं अन्य अधिकारियों की नियुक्ति की गई। |
| 2026 | निगम के कार्यालय की तैयारियां शुरू हुईं और ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने की जिम्मेदारी UPDESCO को दी गई। |
| अगस्त 2026 (संभावित) | आउटसोर्स भर्ती पोर्टल तैयार होने की उम्मीद। |
| सितंबर 2026 (संभावित) | पोर्टल शुरू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। |







