Teacher Special TET 2026: पिछले कुछ महीनों से देशभर के लाखों सरकारी शिक्षक बड़ी चिंता में हैं। चिंता यह नहीं कि स्कूल में क्या पढ़ाना है चिंता यह है कि नौकरी बचेगी या नहीं। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 में एक ऐसा आदेश दिया जिसने पूरे देश के शिक्षा जगत को हिला कर रख दिया। आदेश था कि जो शिक्षक अभी तक TET यानी Teacher Eligibility Test पास नहीं कर पाए हैं, उन्हें तय समय सीमा 31 अगस्त 2028 तक यह परीक्षा पास करनी होगी वरना नौकरी जाएगी। इस एक फैसले की जद में देशभर के 25 लाख से ज्यादा शिक्षक आ गए। शिक्षक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की, लेकिन 30 मई 2026 को वे भी खारिज हो गईं। अब इसी पृष्ठभूमि में तेलंगाना सरकार ने 3 जून 2026 को एक आदेश जारी करके अपने 27,000 सेवारत शिक्षकों के लिए नियमित TET के अलावा दो Special TET कराने की मंजूरी दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश पूरे देश में लागू
सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने Anjuman Ishaat-e-Taleem Trust मामले में साफ कहा है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे सभी शिक्षकों के लिए TET पास करना जरूरी है। जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट में अभी पांच साल से ज्यादा का वक्त बचा है, उन्हें यह परीक्षा देनी ही होगी। प्रमोशन के लिए भी TET अब अनिवार्य शर्त बन गई। कई राज्य सरकारें और शिक्षक संगठन इस फैसले से नाराज थे। उन्होंने दलील दी कि जो शिक्षक 15 से 30 साल से पढ़ा रहे हैं, उन्हें अचानक किसी परीक्षा के दायरे में लाना सही नहीं है। लेकिन 30 मई 2026 को Justice Dipankar Datta और Justice Manmohan की बेंच ने सभी रिव्यू पिटीशन खारिज कर दीं। कोर्ट ने यह जरूर माना कि समय कम है, इसलिए Deadline को एक साल बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया लेकिन TET की अनिवार्यता में कोई ढील नहीं दी। कोर्ट ने यह भी कह दिया कि अब इसके बाद कोई extension नहीं मिलेगा।
देश के अलग-अलग राज्यों का हाल
इस फैसले का असर देश के हर कोने में दिख रहा है। उत्तर प्रदेश में करीब दो लाख शिक्षक ऐसे हैं जो अभी TET पास नहीं हैं। तमिलनाडु की स्थिति शायद सबसे गंभीर है, वहां साढ़े चार लाख से ज्यादा शिक्षकों में से करीब 3.9 लाख के पास TET की योग्यता नहीं है। इसी वजह से तमिलनाडु सरकार ने 2026 में तीन बार Special TET कराने का फैसला किया। मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षक इस आदेश की जद में हैं और वहां भी जुलाई-अगस्त 2026 में Special TET की योजना बन रही है। केरल ने फरवरी 2026 में ही Special TET करा दिया। मेघालय ने तो इस फैसले को चुनौती देने के लिए खुद रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी, लेकिन वह भी खारिज हो गई। ऐसे में हर राज्य अपने-अपने तरीके से इस चुनौती से निपटने की कोशिश कर रहा है।
तेलंगाना में स्पेशल TET को मंजूरी
तेलंगाना में सरकारी और स्थानीय निकाय स्कूलों में कुल करीब एक लाख दो हजार शिक्षक हैं। इनमें से 57,000 शिक्षक ऐसे थे जिन्होंने TET पास किए बिना नौकरी शुरू कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जून 2024 से जनवरी 2026 के बीच करीब 30,000 शिक्षकों ने TET पास कर ली। लेकिन अभी भी 27,000 शिक्षक ऐसे हैं जिनके सामने यह परीक्षा पास करने की चुनौती बाकी है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने सोचा कि सिर्फ नियमित TET से काम नहीं चलेगा इन शिक्षकों को ज्यादा मौके देने होंगे। इसलिए उन्होंने सरकार को प्रस्ताव भेजा कि नियमित TET के अलावा इन सेवारत शिक्षकों के लिए दो अतिरिक्त Special TET भी कराई जाएं। सरकार ने यह प्रस्ताव मान लिया और 3 जून 2026 को सरकारी सचिव Dr. Yogita Rana ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।
शिक्षकों की नाराजगी अभी भी बरकरार
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर शिक्षकों में गुस्सा और निराशा दोनों हैं। Telangana State United Teachers Federation के नेताओं का कहना है कि पिछले 15 सालों से सरकार और NCTE दोनों यह मानते आए थे कि लंबे समय से सेवा में रहे शिक्षकों को TET की जरूरत नहीं है। उस भरोसे पर शिक्षक काम करते रहे और अब अचानक उनसे परीक्षा पास करने को कहा जा रहा है। All India Primary Teachers’ Federation जैसे बड़े संगठन भी इसे शिक्षकों के साथ अन्याय बता चुके हैं। शिक्षक संगठनों की मांग है कि संसद RTE की धारा 23 में बदलाव करे ताकि सेवारत शिक्षकों को कानूनी सुरक्षा मिल सके लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
फिलहाल हकीकत यही है कि 31 अगस्त 2028 की डेडलाइन तय है और सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब कोई रियायत नहीं मिलेगी। ऐसे में देशभर के जो शिक्षक अभी तक TET पास नहीं कर पाए हैं, उनके लिए यही सही वक्त है कि वे तैयारी शुरू करें। तेलंगाना सरकार ने Special TET की मंजूरी देकर कम से कम अपने शिक्षकों को यह संदेश दिया है कि मौके मिलेंगे लेकिन उन मौकों का फायदा उठाना शिक्षकों के अपने हाथ में है।






