हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने 25 जून 2026 को एक सर्कुलर जारी करते हुए राज्य के सभी इन-सर्विस शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी परीक्षा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह आदेश शिक्षा सचिव की तरफ से डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन शिमला को भेजा गया है और इसे “मोस्ट अर्जेंट” यानी सबसे ज्यादा प्राथमिकता वाला मामला बताया गया है। बता दें कि यह फैसला हिमाचल भर के उन शिक्षकों से जुड़ा है जो अभी तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं और सर्विस में बने रहने के लिए उन्हें यह परीक्षा पास करनी ही होगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी प्राथमिक शिक्षकों के लिए ट कराए जाने के लिए डेडलाइन निर्धारित की है ऐसे में स्पेशल टीटी के जरिए इन शिक्षकों को काफी राहत मिल सकती है।
सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद हो रही Special TET
दरअसल यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले से जुड़ा है। 1 सितंबर 2025 को अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र सरकार केस में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया था कि टीईटी पास करना सिर्फ नई भर्तियों के लिए नहीं, बल्कि पहले से नौकरी कर रहे इन-सर्विस शिक्षकों के लिए भी अनिवार्य है। कोर्ट ने उस समय इन-सर्विस शिक्षकों को टीईटी पास करने के लिए 2 साल का समय दिया था। बाद में कई राज्य सरकारों और शिक्षक संगठनों ने इस फैसले पर रिव्यू पिटिशन दाखिल की, जिस पर 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए यह समय-सीमा बढ़ाकर 3 साल कर दी। यानी अब इन-सर्विस शिक्षकों के पास टीईटी पास करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय है। कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित अथॉरिटी टीईटी परीक्षा साल में कम से कम दो बार आयोजित करे, ताकि शिक्षकों को पूरा मौका मिल सके।
हिमाचल शिक्षा विभाग का Special TET के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद हिमाचल शिक्षा विभाग ने डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन को पांच मुख्य निर्देश दिए हैं।
- एलिमेंट्री एजुकेशन के अंतर्गत काम कर रहे उन सभी इन-सर्विस शिक्षकों की पूरी लिस्ट तैयार की जाए जो अभी टीईटी पास नहीं कर पाए हैं।
- डिप्टी डायरेक्टर, ब्लॉक एलिमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर और स्कूल हेड्स को निर्देश दिए जाएं कि शिक्षक 31 अगस्त 2028 तक टीईटी जरूर पास करें।
- हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, धर्मशाला के साथ मिलकर इन-सर्विस शिक्षकों के लिए साल में कम से कम दो बार स्पेशल टीईटी परीक्षा आयोजित की जाए।
- परीक्षा के शेड्यूल का व्यापक प्रचार किया जाए ताकि सभी पात्र शिक्षक इसमें शामिल हो सकें।
- इस पूरे मामले को अर्जेंट और टाइम-बाउंड मानकर आगे बढ़ाया जाए।
यह सर्कुलर अंडर सेक्रेटरी (एजुकेशन) हेम सिंह वर्मा के हस्ताक्षर से जारी हुआ है, और इसकी कॉपी हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन,धर्मशाला को भी भेजी गई है ताकि स्पेशल टीईटी परीक्षा कराने की फिजिबिलिटी पर काम शुरू हो सके।
यूपी में भी स्पेशल टीईटी कराए जाने की तयारी
यहां एक दिलचस्प बात समझनी जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश किसी एक राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है, और इस केस में उत्तर प्रदेश सरकार खुद एक पार्टी रही है। रिव्यू पिटिशन का नाम ही “स्टेट ऑफ यूपी बनाम अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट” था, जिसमें यूपी सरकार ने इन-सर्विस शिक्षकों को राहत देने के लिए कोर्ट से समय-सीमा बढ़ाने की मांग की थी। यही वजह है कि जो फैसला हिमाचल पर लागू हो रहा है, वही फैसला उत्तर प्रदेश के शिक्षकों पर भी लागू हो रहा है।
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने भी इसी आदेश के बाद अपना शासनादेश जारी कर दिया है। विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की तरफ से जारी इस आदेश में टीईटी पास करने की समय-सीमा एक साल बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है जिसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा पास और बिना पास शिक्षकों की जानकारी उपलब्ध करने को कहा है,। साथ ही शासन स्तर पर यूपी में भी कार्यरत शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी परीक्षा आयोजित करने की संभावना पर विचार चल रहा है। मतलब जो काम हिमाचल कर रहा है, वही रास्ता यूपी भी अपना सकता है। इसके साथ बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से उन शिक्षकों की उम्र, सेवा अवधि और टीईटी-सीटेट पास होने की स्थिति की पूरी जानकारी एक हफ्ते के भीतर मांगी है। और यह पूरी जानकारी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में 2 से 4 जुलाई तक UPTET
इन-सर्विस शिक्षकों के मामले से अलग, उत्तर प्रदेश में नियमित यूपीटेट परीक्षा भी करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद अब आयोजित होने जा रही है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च 2026 से शुरू की थी, जिसकी अंतिम तारीख 3 मई 2026 तक बढ़ाई गई। परीक्षा सिटी स्लिप 22 जून को जारी हो चुकी है और एडमिट कार्ड 30 जून 2026 को जारी होने वाला है। परीक्षा खुद 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को ऑफलाइन ओएमआर मोड में होगी — पेपर-1 सुबह की शिफ्ट में कक्षा 1 से 5 के लिए, और पेपर-2 दोपहर की शिफ्ट में कक्षा 6 से 8 के लिए। इस बार लगभग 15 से 20 लाख अभ्यर्थियों के आवेदन की उम्मीद है, जो इसे बेहद कॉम्पिटिटिव बना देगा।
खास बात यह है कि इस बार सरकारी स्कूलों में पहले से कार्यरत वे शिक्षक भी इस परीक्षा के दायरे में आ गए हैं जो अभी तक टीईटी पास नहीं कर पाए। ऐसे शिक्षकों को आवेदन के दौरान सैलरी स्लिप, मानव संपदा कोड, जॉइनिंग और रिटायरमेंट की तारीख जैसी जानकारी अलग से देनी पड़ रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक जिन शिक्षकों की रिटायरमेंट में 5 साल से कम समय बचा है, उन्हें इस शर्त से छूट दी गई है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक विशिष्ट बीटीसी वाले कुछ शिक्षकों को लेकर पात्रता सूची में भ्रम की स्थिति भी बनी हुई है, जिसे लेकर आयोग से स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है।
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