Postal Department PLB Bonus 2026 : डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए दीपावली से पहले बोनस की घोषणा हुई है। विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र नियमित कर्मचारियों को 60 दिन के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) देने की मंजूरी दी है। तय वेतन सीमा के हिसाब से पूरे साल पात्र रहने वाले कर्मचारी को करीब 14,000 रुपये मिल सकते हैं। नियमित कर्मचारियों के साथ ग्रामीण डाक सेवकों और पात्र अस्थायी कर्मचारियों को भी अलग-अलग नाम से बोनस दिया जाएगा। रेलवे कर्मचारियों के लिए बोनस की घोषणा इससे पहले हो चुकी है। डाक विभाग का आदेश 16 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ है और उसे वित्त मंत्री की मंजूरी मिल चुकी है।
16 अक्टूबर को जारी हुआ आदेश, वित्त मंत्री की मंजूरी भी मिली
डाक विभाग ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को बोनस भुगतान का आदेश जारी किया है। इसमें बोनस भुगतान के नियम, पात्रता की शर्तें और अलग-अलग श्रेणियों के लिए गणना का तरीका बताया गया है। साथ ही पात्र कर्मचारियों की श्रेणियां भी साफ की गई हैं। इस आदेश को वित्त मंत्री की मंजूरी भी मिल चुकी है, इसलिए दीपावली से पहले कर्मचारियों को बोनस मिलने का रास्ता खुल गया है। यह बोनस वित्त वर्ष 2025-26 की सेवा के आधार पर तय किया जाएगा, जो 31 मार्च 2026 को खत्म हुआ वित्त वर्ष है, यानी बीते साल जितने समय तक कर्मचारी ने काम किया, उसी का असर बोनस की रकम पर पड़ेगा। रेलवे के बाद अब डाक विभाग ने भी अपने कर्मचारियों के लिए यह घोषणा की है।
तीन श्रेणियों के कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
आदेश के मुताबिक बोनस का लाभ तीन श्रेणियों के कर्मचारियों को मिलेगा। पहली श्रेणी नियमित कर्मचारियों की है, जिसमें मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS), ग्रुप C और गैर-राजपत्रित ग्रुप B के कर्मचारी आते हैं। दूसरी श्रेणी में नियमित रूप से काम करने वाले पात्र ग्रामीण डाक सेवक (GDS) हैं। तीसरी श्रेणी अस्थायी कर्मचारियों की है, जिसमें निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले पूर्णकालिक कैजुअल लेबर और अस्थायी दर्जे वाले कैजुअल कर्मचारी शामिल हैं। तीनों श्रेणियों को बोनस एक ही नाम से नहीं मिलेगा, बल्कि हर श्रेणी के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। संक्षेप में, नियमित कर्मचारियों को प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस, ग्रामीण डाक सेवकों को एक्स-ग्रेशिया बोनस और पात्र अस्थायी कर्मचारियों को एड-हॉक बोनस मिलेगा।
वेतन की सीमा 7,000 रुपये, इस तरह बनेगा 14,000 रुपये का हिसाब
नियमित कर्मचारियों को 60 दिन के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस दिया जाएगा। इसकी गणना के लिए मासिक वेतन की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में हर महीने मिलने वाले पात्र वेतन को इसी सीमा के आधार पर गिना जाएगा। इस हिसाब से एक दिन का वेतन 7,000 रुपये को 30 से भाग देकर करीब 233.33 रुपये बैठता है। इसे 60 दिन से गुणा करने पर बोनस की रकम लगभग 14,000 रुपये आती है। यह रकम पूरे साल पात्र रहने वाले कर्मचारी के लिए है, जबकि असली भुगतान कर्मचारी की पात्रता, संबंधित अवधि के वेतन और लागू नियमों के हिसाब से तय होगा। गणना में वेतन को 7,000 रुपये से ऊपर नहीं गिना जाएगा, इसलिए जिन कर्मचारियों का वेतन इससे ज्यादा है, उनके लिए भी हिसाब इसी सीमा पर लगाया जाएगा और बोनस का ऊपरी स्तर करीब 14,000 रुपये के आसपास रहेगा।
ग्रामीण डाक सेवकों को मिलेगा एक्स-ग्रेशिया बोनस
नियमित रूप से काम करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों के लिए डाक विभाग ने एक्स-ग्रेशिया बोनस की मंजूरी दी है। इसकी गणना वित्त वर्ष 2025-26 में मिले टाइम रिलेटेड कंटिन्यूटी अलाउंस (TRCA) और उससे जुड़े महंगाई भत्ते के आधार पर होगी। टीआरसीए ग्रामीण डाक सेवकों को मिलने वाला भत्ता है और उसी के साथ जुड़ा महंगाई भत्ता भी गणना में जोड़ा जाएगा। इस श्रेणी में भी गणना के लिए मासिक राशि की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये ही रखी गई है। जिन ग्रामीण डाक सेवकों ने पूरे साल काम नहीं किया है, उन्हें पात्र अवधि के अनुपात में बोनस दिया जा सकता है। यानी जितने महीने सेवा रही, उसी हिसाब से रकम घटेगी या बढ़ेगी।
अस्थायी कर्मचारियों को एड-हॉक बोनस, रेलवे के लिए 78 दिन का बोनस पहले घोषित
अस्थायी कर्मचारियों में से जो निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं, उन्हें एड-हॉक बोनस दिया जाएगा। इसमें पूर्णकालिक कैजुअल लेबर और अस्थायी दर्जे वाले कैजुअल कर्मचारी शामिल हैं। इससे पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने 78 दिन के बोनस की घोषणा की थी, जिसका लाभ करीब 11.40 लाख रेलवे कर्मचारियों को मिलने की बात सामने आई थी। डाक विभाग में बोनस की अवधि 60 दिन है और इसकी रकम पात्रता व लागू नियमों के अनुसार हर श्रेणी में अलग-अलग रहेगी। तीनों श्रेणियों के बोनस की गणना वित्त वर्ष 2025-26 की अवधि को आधार मानकर की जाएगी।








