PM Kisan Beneficiary List 2026: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हो चुकी है और अब किसानों की नज़र 24वीं किस्त पर है। किस्त आने से पहले यह देख लेना जरूरी है कि आपका नाम गांव की लाभार्थी सूची में दर्ज है या नहीं। यह सूची पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव चुनकर मोबाइल या कंप्यूटर दोनों से देखी जा सकती है। नीचे पूरी प्रक्रिया के साथ योजना की पात्रता और किस्त से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई है।
| PM Kisan Beneficiary List 2026 Overview | |
|---|---|
| Scheme Name | PM Kisan Samman Nidhi Yojana (PM-KISAN) |
| Article Topic | PM Kisan Beneficiary List 2026 |
| Annual Benefit | ₹6,000 per farmer family |
| Installment Amount | ₹2,000 (3 installments in a year) |
| Payment Mode | DBT (Direct Benefit Transfer) to bank account |
| Last Installment | 23rd Installment (20 June 2026) |
| Next Installment | 24th Installment (Official date awaited) |
| List Check Mode | Online |
| Official Website | pmkisan.gov.in |
23वीं किस्त के बाद अब 24वीं किस्त का इंतजार
20 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से 23वीं किस्त जारी की थी। इस किस्त में करीब 9.44 करोड़ किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी गई। योजना में हर चार महीने के अंतर पर किस्त आती है, इसी आधार पर 24वीं किस्त अक्टूबर से नवंबर 2026 के बीच आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि कृषि मंत्रालय की ओर से 24वीं किस्त की कोई आधिकारिक तारीख अभी तक घोषित नहीं की गई है। पिछले सालों के पैटर्न पर नज़र डालें तो 18वीं किस्त 5 अक्टूबर 2024 को और 21वीं किस्त 20 नवंबर 2025 को जारी हुई थी। इसी वजह से इस बार भी त्योहारों के आसपास किस्त आने का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन अंतिम तारीख सरकार की घोषणा के बाद ही पक्की होगी।
| PM Kisan Installment Release Details | |
|---|---|
| Installment | Release Date |
| 18th Installment | 5 October 2024 |
| 21st Installment | 20 November 2025 |
| 23rd Installment | 20 June 2026 |
| 24th Installment | Expected October–November 2026 (not officially announced) |
योजना आगे भी जारी रहेगी, 2030-31 तक मंजूरी
31 जुलाई को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पीएम किसान योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का फैसला लिया गया। इसके लिए करीब 3.15 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भी इस योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यानी आने वाले सालों में भी पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की मदद मिलती रहेगी।
लाभार्थी सूची में नाम होने से क्या फर्क पड़ता है
पीएम किसान की किस्त उन्हीं किसानों को मिलती है जिनका नाम योजना के रिकॉर्ड में लाभार्थी के तौर पर दर्ज होता है। गांव के हिसाब से बनी इस सूची में उन सभी किसानों के नाम होते हैं जिनका आवेदन स्वीकार हो चुका है। सूची में नाम दिख जाना इस बात का संकेत है कि आपका पंजीकरण सक्रिय है, लेकिन किस्त का भुगतान तभी होता है जब बाकी जरूरी सत्यापन भी पूरे हों।
हर किस्त जारी होने से पहले किसानों की जानकारी की जांच की जाती है। अगर आधार, बैंक खाते या जमीन के रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी मिलती है तो उस किसान की किस्त रोकी जा सकती है। इसलिए सूची में नाम दिखने के बाद भी अपनी स्थिति अलग से देखने की जरूरत पड़ती है, जो आधिकारिक वेबसाइट के Know Your Status विकल्प से की जा सकती है।
₹6,000 की सालाना मदद तीन किस्तों में कैसे मिलती है
योजना के तहत पात्र किसान परिवार को हर साल ₹6,000 दिए जाते हैं। यह रकम ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में बांटी जाती है और हर किस्त चार महीने के अंतर पर जारी होती है। राशि डीबीटी के जरिए सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में पहुंचती है, इसलिए बीच में किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका नहीं रहती और भुगतान की पूरी जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज होती है।
किन किसान परिवारों को मिलता है योजना का लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का भारत का नागरिक होना जरूरी है और उसके नाम पर खेती लायक जमीन दर्ज होनी चाहिए। योजना केवल छोटे और सीमांत किसानों तक सीमित नहीं है, जमीन रखने वाले पात्र किसान परिवार इसमें शामिल हो सकते हैं। यहां परिवार का मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों से है। इसके अलावा योजना का भुगतान पाने के लिए ई-केवाईसी पूरी होना अनिवार्य किया गया है।
इन श्रेणियों के लोग योजना के दायरे से बाहर हैं
जिन लोगों के नाम पर खेती की जमीन नहीं है, वे इस योजना के पात्र नहीं माने जाते। संस्थागत जमीन के मालिक भी योजना से बाहर रखे गए हैं। आयकर चुकाने वाले किसान, सरकारी सेवा में कार्यरत या सेवानिवृत्त उच्च पदों के कर्मचारी और डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पंजीकृत पेशेवर भी योजना के लाभ से बाहर रखे गए हैं। संवैधानिक पदों पर रहे लोग और मौजूदा या पूर्व सांसद-विधायक भी इस दायरे में आते हैं।
किस्त रुकने के पीछे की आम वजहें
किस्त अटकने का सबसे बड़ा कारण ई-केवाईसी का अधूरा रहना है। ई-केवाईसी पीएम किसान पोर्टल पर ओटीपी के जरिए, पीएम किसान मोबाइल ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन से या नज़दीकी सीएससी केंद्र पर कराई जा सकती है। दूसरी बड़ी वजह बैंक खाते का आधार से लिंक न होना या डीबीटी के लिए सक्षम न होना है। तीसरी वजह भूमि अभिलेख का सत्यापन न हो पाना है। इनमें से कोई भी एक प्रक्रिया बाकी होने पर पोर्टल पर स्थिति पेंडिंग दिख सकती है और भुगतान रुक जाता है।
पीएम किसान लाभार्थी सूची ऑनलाइन चेक करने की प्रक्रिया
- सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in खोलें, या नीचे Important Links में दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
- होम पेज पर Farmers Corner सेक्शन में जाकर Beneficiary List विकल्प चुनें।
- नए पेज पर अपना State, District, Sub-District, Block और Village सही-सही चुनें।
- सारी जानकारी भरने के बाद Get Report बटन पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर आपके गांव की पूरी लाभार्थी सूची खुल जाएगी, इसमें अपना नाम देखें।
- सूची में नाम न मिलने पर या किसी गड़बड़ी की स्थिति में अपने जिले के कृषि विभाग या पीएम किसान हेल्प डेस्क से संपर्क किया जा सकता है।
| Important Links | |
|---|---|
| Description | Link |
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| PM Kisan Beneficiary Status (Know Your Status) | Click Here |
| Official Website | pmkisan.gov.in |








