UP Free Tablet Scheme 2026: किन-किन कोर्स के छात्रों को मिलेगा मुफ्त टैबलेट, जानें पात्रता, दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया

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On: August 26, 2026
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UP Free Tablet Scheme 2026:  उत्तर प्रदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए योगी सरकार की तरफ से एक बड़ी राहत भरी योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत राज्य के लाखों छात्रों को मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन दिया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत सरकार का लक्ष्य प्रदेश के करीब 25 लाख छात्रों को यह सुविधा देने का है, ताकि तकनीकी शिक्षा हर विद्यार्थी तक आसानी से पहुंच सके और वे डिजिटल रूप से सक्षम बन सकें। यह योजना खासतौर पर उन छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगी जो आर्थिक कारणों से महंगे डिवाइस नहीं खरीद पाते और इस वजह से ऑनलाइन पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी या डिजिटल संसाधनों से जुड़ी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। आइए जानते हैं कि किन-किन कोर्स के छात्र इसके पात्र हैं, आवेदन के लिए क्या प्रक्रिया अपनानी होगी और टैबलेट कब तक मिलेगा।

विवरणजानकारी
योजना का नामस्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना
लाभार्थी संख्यालगभग 25 लाख छात्र
क्या मिलेगामुफ्त टैबलेट/स्मार्टफोन
आवेदन का तरीकाकॉलेज द्वारा DG Shakti पोर्टल पर डेटा अपलोड, अलग फॉर्म नहीं
वितरण अवधिनवंबर से अगले साल मई के बीच, कॉलेज परिसर में

किन-किन कोर्स के छात्रों को मिलेगा मुफ्त टैबलेट

इस योजना का दायरा काफी व्यापक रखा गया है, जिससे प्रदेश के अलग-अलग स्ट्रीम में पढ़ने वाले छात्रों को इसका फायदा मिल सके। ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर BA, B.Sc, B.Com, MA, M.Sc और M.Com जैसे पारंपरिक कोर्स के छात्र इसमें शामिल हैं। इसके अलावा तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े B.Tech, M.Tech, BCA, MCA, BBA और MBA जैसे कोर्स करने वाले छात्रों को भी लाभ दिया जाएगा। डिप्लोमा और कौशल विकास की श्रेणी में ITI, पॉलिटेक्निक तथा अन्य स्किल डेवलपमेंट कोर्स के विद्यार्थी भी पात्र माने गए हैं। साथ ही मेडिकल और पैरामेडिकल क्षेत्र में MBBS, BDS, BAMS, BHMS, B.Sc Nursing और B.Pharm जैसे कोर्स करने वाले छात्रों को भी इस योजना के दायरे में रखा गया है।

मुफ्त टैबलेट के लिए पात्रता की शर्तें क्या हैं

इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक छात्र मूल रूप से उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि छात्र प्रदेश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान, कॉलेज या विश्वविद्यालय में नियमित रूप से नामांकित हो। परिवार की वार्षिक आय से जुड़ी शर्तें भी इस योजना में मायने रखती हैं, यानी सिर्फ पढ़ाई कर रहा होना ही काफी नहीं है, बल्कि आर्थिक स्थिति से जुड़े मानकों को भी पूरा करना जरूरी है। जो छात्र इन सभी शर्तों को पूरा करते हैं, उन्हीं का डेटा आगे सत्यापन के लिए भेजा जाता है, इसलिए दाखिले के दौरान दी गई जानकारी सही और अद्यतन होना बेहद जरूरी है।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी

चूंकि इस योजना में छात्रों को खुद से कोई फॉर्म नहीं भरना होता, इसलिए दस्तावेजों का सही और अपडेट होना ही सबसे जरूरी पहलू बन जाता है। छात्रों के पास आधार कार्ड, हाल की पासपोर्ट साइज फोटो और निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर उनकी पहचान और मूल निवास की पुष्टि होती है। इसके अलावा चालू शैक्षणिक सत्र की नामांकन रसीद या पहचान पत्र, दसवीं और बारहवीं की मार्कशीट भी जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं। साथ ही एक सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी देनी होती है, क्योंकि आगे की सूचनाएं और अपडेट इन्हीं माध्यमों से छात्रों तक पहुंचाई जाती हैं।

कॉलेज खुद अपलोड करता है डेटा, छात्रों को अलग आवेदन की जरूरत नहीं

इस योजना की खास बात यह है कि छात्रों को अपनी तरफ से कोई अलग आवेदन फॉर्म नहीं भरना पड़ता। जिस कॉलेज या विश्वविद्यालय में छात्र पढ़ाई कर रहा होता है, वही संस्थान उसके नामांकन और पात्रता से जुड़ी पूरी जानकारी DG Shakti पोर्टल पर खुद अपलोड करता है। कॉलेज की ओर से भेजा गया यह डेटा बाद में विश्वविद्यालय और प्रशासनिक स्तर पर सत्यापित किया जाता है, ताकि सिर्फ पात्र छात्रों तक ही योजना का लाभ पहुंचे। इस तरह पूरी प्रक्रिया संस्थान के भरोसे चलती है, इसलिए छात्रों के लिए सबसे जरूरी काम यह रहता है कि वे अपने कॉलेज में अपनी जानकारी और दस्तावेज समय पर और सही तरीके से जमा कर दें।

टैबलेट का वितरण कब और कैसे किया जाएगा

पोर्टल पर डेटा फीड होने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिन छात्रों के नाम अंतिम सूची में शामिल होते हैं, उन्हें कॉलेज की तरफ से SMS भेजकर या नोटिस बोर्ड पर सूचना लगाकर जानकारी दी जाती है। इसके बाद कॉलेज परिसर में ही छात्रों को मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन सौंपा जाता है, यानी वितरण के लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ती। आमतौर पर यह सुविधा उन छात्रों को प्राथमिकता से दी जाती है जो अपने कोर्स के अंतिम वर्ष में होते हैं, चाहे वह ग्रेजुएशन हो, पोस्ट-ग्रेजुएशन, डिप्लोमा या ITI। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवंबर से लेकर अगले साल मई के बीच अलग-अलग चरणों में कॉलेजों के जरिए यह वितरण किया जाता है।

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Sangam Patel

Sangam Patel is a Content Writer at StaffTak.in. He writes about Teacher Recruitment, Government Jobs, Education News, Scholarships, Admit Cards, Results, and Admissions, providing accurate and reliable updates from official sources.