Special UPTET: प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण किए नियुक्त शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार के निर्णय के क्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग विशेष टीईटी के आयोजन की तैयारी में जुट गया है। शासन के निर्देश पर आयोग ने इस संबंध में अपनी कार्ययोजना शासन को भेज दी है, जिस पर जल्द निर्णय होने की उम्मीद जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद स्पेशल ट कराए जाने की योजना बनाई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से शुरू हुई पूरी कवायद
यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2025 के एक अहम निर्णय से जुड़ा है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि विद्यालयों में नियुक्त वे सभी शिक्षक, जिनकी सेवा पांच वर्ष से अधिक शेष है, उन्हें दो वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। इसी आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को इस दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप आयोग अब विशेष टीईटी कराने को तैयार है। उत्तर प्रदेश में लगभग पौने दो लाख ऐसे शिक्षक हैं जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रभावित हो रहे हैं इनके लिए ट करना अनिवार्य है।
31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य
कोर्ट ने इस वर्ष मई में एक और महत्वपूर्ण निर्णय दिया, जिसमें टीईटी उत्तीर्ण करने की समयसीमा को एक वर्ष के लिए और बढ़ा दिया गया। इसके तहत अब संबंधित शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि इस निर्धारित अवधि में जो शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर पाएंगे, उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। यही वजह है कि बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षकों के लिए यह विशेष टीईटी बेहद अहम माना जा रहा है।
जुलाई टीईटी में 1.80 लाख से अधिक शिक्षक हुए शामिल
कोर्ट के आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में सभी अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन कर चुका है, जिसका परिणाम आना अभी बाकी है। इस परीक्षा में विशेष बात यह रही कि बिना टीईटी उत्तीर्ण किए नियुक्त 1.80 लाख से भी अधिक शिक्षकों ने इसमें भाग लिया। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक इस समयसीमा को लेकर गंभीर हैं और अपनी सेवा बचाने के लिए परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मांगी गई कार्ययोजना
इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यरत शिक्षकों के हित में एक अहम फैसला लिया। उन्होंने कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग से विशेष टीईटी आयोजित कराने का निर्णय लिया, ताकि जुलाई की सामान्य परीक्षा से अलग उन्हें भी अवसर मिल सके। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के क्रम में शासन ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना मांगी थी।

आयोग ने भेजी कार्ययोजना, जल्द आ सकता है निर्णय
शासन के निर्देश के अनुपालन में आयोग ने विशेष टीईटी आयोजित कराने से जुड़ी कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेज दी है। सूत्रों के अनुसार इस पर जल्द ही निर्णय लिए जाने की संभावना है, जिसके बाद आयोग विशेष टीईटी आयोजित कराने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर देगा। इससे उन शिक्षकों को राहत मिलेगी जो अब तक बिना टीईटी उत्तीर्ण किए कार्यरत हैं और निर्धारित समयसीमा के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी सेवा सुरक्षित करना चाहते हैं।
यूपीटीईटी परिणाम के बाद ही होगी विशेष टीईटी की प्रक्रिया शुरू
आयोग के सूत्रों के मुताबिक विशेष टीईटी को लेकर औपचारिक प्रक्रिया यूपीटीईटी के परिणाम जारी होने के बाद ही आगे बढ़ाई जाएगी। पहले जुलाई में हो चुकी सामान्य टीईटी परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा, उसके बाद ही आयोग विशेष टीईटी के आयोजन से जुड़ी अगली प्रक्रिया शुरू करेगा। ऐसे में कार्यरत शिक्षकों को अभी कुछ समय और इंतजार करना होगा, हालांकि कार्ययोजना पहले ही शासन को भेजी जा चुकी है, जिससे उम्मीद है कि परिणाम आते ही विशेष टीईटी को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि उत्तर प्रदेश स्पेशल टेट का आयोजन अक्टूबर नवंबर तक कराया जा सकता है फिलहाल आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है।









