रक्षाबंधन के त्योहार पर उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के लिए एक खास योजना लागू की है, जिसके तहत महिलाएं और उनके साथ चलने वाला एक सहयोगी उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में पूरी तरह मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू की गई यह योजना 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक लागू रहेगी, यानी पूरे 24 घंटे प्रदेश की रोडवेज बसों में महिलाओं से किसी भी तरह का किराया नहीं लिया जाएगा। इस योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि रक्षाबंधन के मौके पर कोई भी बहन किराए के अभाव में अपने भाई से मिलने से वंचित न रहे। हर साल की तरह इस बार भी सरकार ने त्योहार के मौके पर महिलाओं को यह सुविधा देकर उनकी यात्रा को आसान बनाने की कोशिश की है।
क्या है UP Women Free Bus Yojana
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | रक्षाबंधन फ्री बस यात्रा योजना |
| लागू करने वाली संस्था | उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) |
| यात्रा अवधि | 27 अगस्त रात से 28 अगस्त रात तक |
| पात्र | प्रदेश की सभी महिलाएं + एक सहयोगी |
| लाभ | बस किराए में पूरी छूट |
इस योजना के तहत प्रदेश की कोई भी महिला बिना किसी पंजीकरण या अलग से आवेदन के इस सुविधा का लाभ उठा सकती है। योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सिर्फ महिला ही नहीं, बल्कि उसके साथ यात्रा कर रहा एक सहयोगी भी बिना टिकट के सफर कर सकेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कोई बहन अपने भाई के साथ रक्षाबंधन मनाने जा रही है, तो दोनों का किराया माफ रहेगा। यह सुविधा प्रदेश की सभी रोडवेज बसों में एक साथ लागू होगी, चाहे वह लंबी दूरी की बस हो या शहर के भीतर चलने वाली लोकल बस। सरकार का यह कदम खासतौर पर उन महिलाओं के लिए राहत भरा है जो आर्थिक तंगी के कारण हर साल त्योहार पर यात्रा को लेकर असमंजस में रहती हैं। योजना का लाभ लेने के लिए महिला को बस में चढ़ते समय सिर्फ अपनी पहचान बतानी होगी, कंडक्टर से टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
महिला सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड की तैनाती
फ्री यात्रा योजना के साथ-साथ सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस पूरी अवधि में महिलाओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे। इसी के तहत प्रदेश के प्रमुख मार्गों और बस स्टैंडों पर एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रिय किया जाएगा, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी महिला को असुरक्षा महसूस न हो। इसके अलावा बस चालकों की भी सख्ती से निगरानी की जाएगी, ताकि नशे की हालत में कोई चालक बस न चलाए। यह व्यवस्था इसलिए भी जरूरी है क्योंकि त्योहार के मौके पर बसों में सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा भीड़ रहती है, और ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था का चाक-चौबंद होना बेहद जरूरी हो जाता है।
योजना का लाभ कैसे उठाएं
इस योजना का लाभ उठाना बेहद आसान है और इसके लिए किसी अलग प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। महिलाओं को सिर्फ तय समय सीमा यानी 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात के बीच रोडवेज बस में सवार होना है, और उन्हें अपने साथ यात्रा कर रहे सहयोगी सहित बिना किराए के सफर करने की सुविधा मिल जाएगी। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह छूट सिर्फ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों पर ही लागू होगी, प्राइवेट बसों या अन्य साधनों पर यह सुविधा नहीं मिलेगी। जिन महिलाओं को अपने मायके से ससुराल या ससुराल से मायके जाना है, उनके लिए यह योजना खासतौर पर फायदेमंद साबित होगी क्योंकि इससे उनका यात्रा खर्च पूरी तरह बच जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि इस दौरान बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि यात्रियों को भीड़ या इंतजार की समस्या न हो।









